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पूर्व क्रिकेटर केवीपी राव का आरोप- BCCI में चल रही सौरव गांगुली और सचिव जय शाह की मनमानी

Ranchi : बिहार क्रिकेट टीम के पूर्व कैप्टन केवीपी राव ने बुधवार को बीसीसीआइ के रवैये पर हमला बोला. रांची प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्होंने 10 सालों तक बिहार की टीम के लिए क्रिकेट खेला. कई फर्स्ट क्लास मैच खेले. फिर क्रिकेट में हाई लेवल की कोचिंग का कोर्स भी किया. 10 साल से अधिक समय तक बीसीसीआइ (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के लिए भी काम किया. सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बीसीसीआइ में संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किये जाने पर उन्होंने आवाज उठायी थी. मेल किया, पत्र लिखा पर नतीजा नहीं निकला. इन सब कारणों से उन्हें 22 दिसंबर 2020 को बीसीसीआइ से टर्मिनेट कर दिया गया.

बीसीसीआइ प्रमुख और पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली, सचिव जय शाह, ज्वाइंट सेक्रेटरी जयेश जॉर्ज ने अपने 6 सालों का कार्यकाल बीसीसीआइ के साथ जुड़ कर पूरा कर लिया है. बीसीसीआइ के प्रावधानों के अनुसार उन्हें अनिवार्य तौर पर कूलिंग ऑफ पीरियड में जाना चाहिए. पर ऐसा नहीं हो रहा. सौरव और अन्य निर्धारित प्रक्रियाओं से बाहर जाकर असंवैधानिक रवैया अपना रहे हैं.

श्री राव ने कहा कि उनका मूल मकसद यही है कि बीसीसीआइ जैसा प्रतिष्ठित ऑर्गेनाईजेशन निर्धारित प्रावधानों का पालन करते चले. यहां जिन पदाधिकारियों, कर्मियों का जो हक है, वो मिले.

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अरुण धूमल हैं संदिग्ध

केवीपी राव ने कहा कि बीसीसीआइ में ट्रेजरर अरूण धूमल संदिग्ध कैरेक्टर के पदाधिकारी हैं. उन्होंने उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन झूठे एफिडेविट के साथ लगाया है. वास्तव में अरुण ऐसा करने को खुद अधिकृत नहीं हैं. वह फर्जीवाड़ा कर रहे हैं या नहीं, इस संबंध में वे जल्द ही अपने वकीलों से सलाह लेंगे.
श्री राव ने निराशा जाहिर करते कहा कि सौरव गांगुली के बीसीसीआइ में आने के बाद से अब तक 10 से अधिक बीसीसीआइ स्टाफ ने नौकरी छोड़ दी है.

यह इतना सशक्त ऑर्गेनाइजेशन है कि यहां विरोध में बोलनेवालों को टिकने नहीं दिया जाता है. वे खुद 10 सालों तक बीसीसीआइ के साथ असिस्टेंट जीएम (क्रिकेट ऑपरेशन) के तौर पर जुड़े रहे पर वाजिब बातें उठाने पर उन्हें भी टर्मिनेट कर दिया गया है.

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