Crime NewsJharkhandRanchi

पुलिस सहकारी समिति के पूर्व निदेशक मंडल ने 12.62 करोड़ रुपया लेने के बाद सदस्यों को नहीं उपलब्ध कराई जमीन

विज्ञापन
Advertisement

Ranchi: सीआईडी के कर्मचारियों के लिए बनायी गयी गृह निर्माण समिति के पूर्व निदेशक मंडल ने 12.62 करोड़ रुपया लेने के बाद 411 सदस्यों को जमीन नहीं उपलब्ध कराया है. इसको लेकर गृह निर्माण समिति पूर्व निदेशक मंडल के सदस्य महेश पासवान, बैजनाथ सिंह, शैलेंद्र कुमार और मंगता पूर्ति के खिलाफ डोरंडा थाना में मामला दर्ज हुआ है. यह मामला गृह निर्माण समिति अध्यक्ष इंद्रमणि चौधरी ने दर्ज कराया है और पूर्व निदेशक मंडल के सभी सदस्यों के ऊपर कार्रवाई करने की मांग की गई है.

कम कीमत की जमीन को ज्यादा कीमत दिखाकर करोड़ों रुपया का किया गया गबन

सीआईडी गृह निर्माण समिति के अध्यक्ष इंद्रमणि चौधरी का दर्ज कराए मामले में कहा है कि पूर्व निदेशक मंडल द्वारा सदस्यों को जमीन उपलब्ध कराने सिमलिया और ओरमांझी में जमीन खरीदी गई है. जमीन खरीदने के लिए ब्रोकर के रूप में अजय कुमार को रखकर कम कीमत की जमीन को ज्यादा कीमत पर खरीदा हुआ दिखा कर करोड़ों रुपया गबन किया गया है. इसके लिए सदस्यों से लगभग 25 करोड़ लिया गया. इसमें ओरमांझी प्रोजेक्ट के लिए लगभग 12.65 करोड़ रुपया सदस्यों से लिया गया है. पूर्व निदेशक मंडल के द्वारा इतना रकम लेने के बाद भी ओरमांझी प्रोजेक्ट में सदस्यों को जमीन उपलब्ध नहीं कराया जा सका है. ओरमांझी प्रोजेक्ट वर्ष 2008 से शुरू हुआ है. पूर्व निदेशक मंडल द्वारा इतने सालों में भी सदस्यों को जमीन उपलब्ध नहीं कराने के कारण सदस्यों के द्वारा इन्हें हटाकर नए मंडल का गठन किया.

पूर्व निदेशक मंडल के द्वारा खरीदी गई फर्जी और विवादित जमीन

पूर्व निदेशक मंडल द्वारा इस सहकारी समिति के सदस्यों के लिए रांची के ओरमांझी प्रखंड के आनंदी में कुल 31 एकड़ 44 डिसमिल फर्जी और विवादित जमीन खरीदी गई. पूर्व निदेशक मंडल द्वारा उपलब्ध कराए गए जमीन का संबंधित कागजात देखने से स्पष्ट होता है कि इन लोगों के द्वारा काफी गड़बड़ी कर करोड़ों रुपए का गबन किया गया है. इनके द्वारा खरीदी गई जमीन में से मात्र 8 एकड़ 14 डिसमिल जमीन का मोटेशन हुआ है.

advt

पूर्व निदेशक मंडल के द्वारा इस तरह का किया गया है फर्जीवाड़ा

  • पूर्व निदेशक मंडल के पूर्व कार्यपालक पदाधिकारी बैजनाथ सिंह और पूर्व वित्त निदेशक शैलेंद्र कुमार के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी पत्र के अनुसार सदस्यों से 12.65 करोड़ रुपया लेने के बाद भी जमीन उपलब्ध नहीं कराया गया.
  • पूर्व निदेशक मंडल के द्वारा 22.70 एक विवादित जमीन खरीदा गया है जिसका मोटेशन नहीं हो सका है.
  • इनके द्वारा एक 30. 44 एकड़ जमीन खरीदने में सेलडीड के अनुसार 2.52 करोड़ रुपया खर्च हुए हैं.जबकि समिति के सदस्यों से 12.62 करोड़ से अधिक रुपया लिया गया है. इससे स्पष्ट है कि उस समय का लगभग 10 करोड़ आज के समय में उसका मूल्यांकन करीब 90 करोड़ रुपया का सीधे गबन कर लिया गया है.
  • पूर्व निदेशक मंडल के द्वारा जमीन खरीदने में सीएनटी एक्ट का अनुपालन नहीं किया गया. और सबसे बड़ी बात है कि पूर्व निदेशक मंडल अपने निदेशक मांगता पूर्ति के नाम पर सिमलिया और ओरमांझी प्रोजेक्ट में अलग जाति और निवास स्थान बताकर जमीन खरीदा गया. यानी एक ही व्यक्ति मांगता पूर्ति दो जाति दो स्थान का निवासी बन गए.
  • पूर्व निदेशक मंडल के अध्यक्ष महेश राम पासवान और कार्यपालक पदाधिकारी बैजनाथ सिंह, शैलेंद्र कुमार सीएनटी के जमीन को पाने के लिए अपनी जाति बदलकर सीएनटी के अनुरूप जाति लिखवा कर मोटेशन करवाए हैं.
  • बिना जमीन का मोटेशन और कब्जा किए बिना सदस्यों को फंसाने और ठगने के उद्देश्य फर्जी तरीका से जमीन का प्लॉटिंग कर सदस्यों के वितरण किया जाने का नाटक किया गया है.जबकि उस जगह पर उतना जमीन नहीं है. ऐसा समिति के सदस्यों को भ्रमित कर रुपए का गबन करने की नियत से किया गया.
  • बिना खरीदा गया जमीन का भी अधूरा चारदीवारी कर पैसा का गबन किया गया है.
  • बिना आम सहमति और सभी सदस्यों हेतु जमीन उपलब्ध हुए बिना दो तत्कालीन आरक्षी सुबोध कुमार सिंह और तत्कालीन सत्यनारायण प्रसाद को जमीन पूर्व निदेशक मंडल द्वारा रजिस्ट्री किया गया है.
  • पूर्व निदेशक मंडल द्वारा बड़ी राशि को नगद भुगतान ब्रोकर अजय कुमार को किया गया है
  • नए निदेशक मंडल द्वारा मोटेशन कराने के क्रम में वर्तमान सीईओ ओरमांझी द्वारा बताया गया कि पूर्व निदेशक, ब्रोकर दलालों ने मिलकर इनके कार्यालय अभिलेख को भी छेड़छाड़ कर फर्जी पेपर बना कर जमीन खरीद बेच मोटेशन कराया है.

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button
Close
%d bloggers like this: