न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

बिहार की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा ने डॉ शिवाजी कुमार को निःशक्तता आयुक्त बनाने में की थी पहल

आवेदकों की सूची में दूसरे स्थान पर था शिवाजी कुमार का नाम, रांची में चाइल्ड कंसर्न के नाम से चला रहे हैं संस्था

136

Ranchi: बिहार की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा की मदद से चाइल्ड कंसर्न के सहायक प्रोफेसर डॉ शिवाजी कुमार राज्य नि:शक्तता आयुक्त बन पाये हैं. पूर्व मंत्री पर मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड मामले पर कई गंभीर आरोप भी लगे हैं. इनके नाम की अनुशंसा पर मुख्यमंत्री का अनुमोदन भी नहीं लिया गया. बिहार सरकार के महिला और बाल विकास विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय कमेटी ने योग्यता और अहर्ता के आधार पर डॉ मनीषा कुमारी को पहले स्थान पर रखा था. इसके अलावा मधु श्रीवास्तव का भी चयन किया गया था. चयन समिति ने पद के लिए 20.2.2018 और 28.2.2018 को बिहार पर्संस विद डिसएबिलिटीज राइट्स रूल्स 2017 के नियमों के अनुसार पैनल बनाया था. पर बगैर साक्षात्कार और अधिक योग्यताधारी व्यक्ति की जगह डॉ शिवाजी कुमार का चयन कर 20.4.2018 को अधिसूचना जारी कर दी गयी. विभाग की तरफ से पुलिस वेरीफिकेशन और अन्य जांच की औपचारिकताएं भी पूरी नहीं की गयीं. अधिसूचना जारी होने के बाद डॉ कुमार ने 26 अप्रैल को अपना पदभार भी ग्रहण कर लिया.

इसे भी पढ़ें – 21 वार्ड वाला होगा गोमिया नगर परिषद, जानिए कौन-कौन हैं अध्‍यक्ष पद की रेस में

क्या थी अर्हता

नि:शक्तता आयुक्त के लिए निःशक्त जनों के क्षेत्र में 20 वर्षों का कार्य अनुभव मांगा गया था. इसके अलावा स्नातक अथवा स्नातकोत्तर की डिग्री के अलावा नि:शक्त जनों से जुड़े पाठ्यक्रम को पूरा करना (डिग्री अथवा डिप्लोमा) भी जरूरी किया गया था. निःशक्त जनों के लिए किसी भी संस्था से जुड़ कर लगभग 20 वर्ष तक प्राध्यापक या इससे ऊंचे पद पर कार्य करने का अनुभव भी पात्रता की श्रेणी में रखा गया था.

इसे भी पढ़ें – HC ने शाह ब्रदर्स को किस्तो में बकाया लौटाने को कहा, अब सरकार ने महाधिवक्ता से कहा मामले में पुनर्विचार अनुरोध की जरूरत

इन बातों पर नहीं की गयी जांच

डॉ शिवाजी कुमार की नियुक्ति के पहले चयन समिति की तरफ से कई पक्षों की जांच नहीं की गयी. इसमें डॉ कुमार की तरफ से संचालित संस्थानों की सच्चाई और उनके कार्यकलापों पर गौर नहीं किया गया. इनकी संस्था चाइल्ड कंसर्न, जो रांची के बुद्ध विहार, हरमू रोड में अवस्थित है. इसके प्रबंध निदेशक के रूप में श्री कुमार अब भी जाने जाते हैं. चाइल्ड कंसर्न संस्था की ही शाखा पटना में खोली गयी, जो सोसाइटी एक्ट में 2000 में निबंधित हुई थी. समर्पन के निदेशक के रूप में अप्रैल 2002 से डॉ कुमार जुड़े हैं. इनकी संस्था इंडियन स्पोर्टस फेडरेशन ऑफ सेरिब्रल पल्सी, जो झारखंड में निबंधित हुई थी. संस्था के कार्यकलापों के खिलाफ कोडरमा के तत्कालीन उपायुक्त ने संस्था के सचिव, अध्यक्ष समेत अन्य पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश भी दिया था. एक अन्य मामले में कोतवाली थाना रांची में भी नेशनल ट्रस्ट की तरफ से 30.12.2005 को प्राथमिकी चाइल्ड कंसर्न के कर्ता-धर्ता पर दर्ज की गयी है.

इसे भी पढ़ें – मनोज तिवारी का आरोप आप विधायक ने मुझे गोली मारने की दी धमकी, अमानतुल्लाह का इनकार

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

mi banner add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: