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झारखंड में नक्सलियों द्वारा बच्चों की जबरन भर्ती के लिए की जाती है लॉटरी प्रक्रिया

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Ranchi : संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है कि झारखंड में नक्सलियों द्वारा बच्चों की भर्ती और उनके इस्तेमाल के बारे में लगातार खबर मिलती रहती है. झारखंड में नक्सलियों द्वारा जबरन बच्चों को लॉटरी प्रक्रिया से भर्ती कराया जाता है. वहीं रिपोर्ट में पाकिस्तान के प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों जैश – ए – मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन के बारे में बताया कि पिछले साल जम्मू – कश्मीर में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ के दौरान संगठनों ने बच्चों की भर्ती की और उनका इस्तेमाल किया.

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झारखंड में होने वाली हिंसक घटनाओं में नहीं रुक रहा बच्चों का प्रभावित होना

इस रिपोर्ट में जनवरी 2017 से दिसंबर 2017 की अवधि शामिल की गई है. साथ ही इसमें युद्ध से प्रभावित सीरिया , अफगानिस्तान और यमन के साथ-साथ भारत , फिलिपीन और नाइजीरिया की स्थितियों समेत 20 देशों को शामिल किया गया. भारत की स्थिति के बारे में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि जम्मू – कश्मीर में बढ़े तनाव के दौरान और छत्तीसगढ़ , झारखंड में सशस्त्र संगठनों और सरकारी बलों के बीच होने वाली हिंसक घटनाओं में बच्चों का प्रभावित होना नहीं रुक रहा है. इन्हें बाल अधिकारों का “ घोर उल्लंघन ’’ बताते हुए रिपोर्ट में कहा गया कि जम्मू – कश्मीर में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ के दौरान दो आतंकवादी संगठनों द्वारा बच्चों की भर्ती और उनके इस्तेमाल की तीन घटनाएं सामने आईं.

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नक्सलियों द्वारा किया जाता है बच्चों का इस्तेमाल

रिपोर्ट में बताया गया कि इनमें से एक मामला जैश – ए – मोहम्मद और दो मामले हिजबुल मुजाहिद्दीन के हैं. साथ ही इसमें यह भी कहा गया है कि असत्यापित रिपोर्टों में सुरक्षा बलों द्वारा भी बच्चों को मुखबिर या जासूसों के तौर पर इस्तेमाल करने के संकेत मिलते हैं. संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि नक्सलियों द्वारा खासकर छत्तीसगढ़ और झारखंड में बच्चों की भर्ती और उनके इस्तेमाल के बारे में उसे लगातार खबर मिल रही है. उसने कहा खबरों के मुताबिक झारखंड में नक्सलियों द्वारा बच्चों की जबरन भर्ती के लिए लॉटरी प्रक्रिया अपनाने का काम जारी है.

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क्या कहा गया  है रिपोर्ट में

रिपोर्ट में कहा गया है कि जम्मू – कश्मीर में तनाव बढ़ने के दौरान स्कूलों को कुछ – कुछ समय के लिए बंद रखा जाता है. पाकिस्तान के संबंध में रिपोर्ट में कहा गया कि सशस्त्र समूहों द्वारा आत्मघाती हमलावर बनाने के लिए बच्चों के कथित इस्तेमाल के लिए मदरसे के बच्चों समेत अन्य की भर्ती किए जाने की रिपोर्ट उसे लगातार मिल रही है. जनवरी में तहरीक – ए – तालिबान पाकिस्तान द्वारा जारी एक वीडियो में बच्चों को आत्मघाती हमलों को अंजाम देने के निर्देश देते हुए देखा जा सकता है.

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