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गिरिडीह के ओपेन कास्ट खदान की सुरक्षा के लिए जिस ग्राम पहरी का किया गया गठन, वही कर रहा है अब कोयले की चोरी

  • परियोजना कार्यालय में ग्राम पहरी का नहीं है कोई दस्तावेज
  • पुलिस को भी नहीं है जानकारी ग्राम पहरी की

Giridih: 18 साल पहले गिरिडीह में सीसीएल के ओपेन कास्ट खदान की सुरक्षा के लिए ग्राम पहरी का गठन किया गया था. वही ग्राम पहरी अब खदान से कोयला चोरी कर रहे हैं. वैसे ग्राम पहरी के नाम पर कोयला तस्करों के संरक्षकों की भूमिका इसी इलाके के दो सफेदफोश नेता बखूबी निभा रहे हैं. हालांकि ग्राम पहरी के गठन का दस्तावेज परियोजना कार्यालय में है या नहीं, यह तो स्पष्ट नहीं है, लेकिन ओपेन कास्ट की सुरक्षा के नाम पर ग्राम पहरी खुले तौर पर रात के अंधेरे में कोयले की चोरी कर रहे हैं. पुलिस को भी संभवतः इस ग्राम पहरी की जानकारी नहीं है. लिहाजा, ग्राम पहरी का चोला धारण कर खदान से बड़े पैमाने पर कोयले की चोरी की जा रही है.

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18 साल पहले दिया गया है सुरक्षा का जिम्मा

कोयले के अवैध कारोबार में अब तक पुलिस के हाथ उन लोगों के गिरेबां तक पहुंचे हैं, जिन्हें छापेमारी के दौरान पुलिस दबोचने में सफल हो पाई है. हैरान करनेवाली बात यह भी है कि बगैर पुलिस की जानकारी के ही ओपेन कास्ट की सुरक्षा के लिए 18 सालों से इलाके के ग्रामीणों को ग्राम पहरी बना कर खदान की सुरक्षा की जिम्मेवारी सौंप दी गयी है.

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100 से अधिक हो चुकी है ग्राम प्रहरियों की संख्या

जानकारी के अनुसार 18 साल पहले 15 ग्रामीणों को ग्राम पहरी का सदस्य बना कर ओपेन कास्ट की सुरक्षा का जिम्मा दिया गया था. इन सदस्यों की संख्या अब 100 सौ से अधिक पार कर चुकी है. ग्राम पहरी को खदान में कोयला चोरी रोकने की जिम्मेवारी दी गयी थी. लिहाजा, ग्राम पहरी के सदस्य बाहरी इलाके के लोगों को खदान के करीब तक फटकने तो नहीं देते हैं, लेकिन सालों से खुद ही अब कोयले की तस्करी कराने लग गए हैं. इधर ग्राम पहरी की जानकारी लेने पर इलाके के सामाजिक कार्यकर्ता शिवनाथ साव ने भी बताया कि ग्राम प्रहरी के सदस्य रात होते ही ओपेनकास्ट खदान से कोयला चोरी करना शुरू कर देते हैं. सिर्फ आईवाश के लिए ही ग्राम पहरी खदान की सुरक्षा कर रहे हैं.

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जांच के बाद ही पता चलेगाः महाप्रबंधक

सीसीएल के महाप्रबंधक प्रशांत वायपेयी ने कहा कि ओपेनकास्ट खदान में कोयला चोरी कराने के मामले में कुछ दिनों पहले केस दर्ज कराया गया था. जिन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है, वे कौन हैं इसकी जांच होने पर ही पता चलेगा.

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