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हार के बाद पहली बार सुबोधकांत ने अपने ही दल के बड़े नेता पर साधा निशाना, कहा- मद्रासी को लाने की क्या है जरूरत

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Ranchi : लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय के सहयोगियों ने प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार के खिलाफ जम कर हमला बोला था. हार के बाद पहली बार सुबोधकांत सहाय ने भी डॉ अजय कुमार को अध्यक्ष पद से हटाने की वकालत की है. उन्होंने कहा है कि जब राष्ट्रीय अध्यक्ष बदले जायेंगे तब प्रदेश पर भी फैसला होगा. कोतवाली थाना पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अपने ही दल के बड़े नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि झाऱखंड में पार्टी के कई सक्रिय नेता हैं. इनमें कई बिहारी और झारखंडी लोग शामिल हैं. ऐसे में मद्रासी को यहां लाने की क्या जरूरत है. इस दौरान उन्होंने चुनाव में पार्टी कार्यकर्ताओं की भूमिका पर भी सवाल खड़ा किया.

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नाम लिये बिना महानगर अध्यक्ष पर साधा निशाना

सुबोधकांत सहाय ने कहा कि लोकसभा चुनाव में पार्टी के कई कार्यकर्ताओं की भूमिका शून्य बटा शून्य रही थी. क्या ऐसी व्यवस्था में पार्टी विधानसभा चुनाव लड़ पायेगी. यह एक बड़ा सवाल है. उनका यह बयान रांची महानगर अध्यक्ष संजय पांडेय को लेकर माना जा रहा है. बता दें, कि महानगर अध्यक्ष पर यह आरोप लगा था कि राजधानी के बूथ मैनजमेंट में उनकी सक्रियता काफी कम रही थी, जो कि सुबोधकांत सहाय की हार का एक बड़ा कारण बना. वहीं ड़ॉ अजय कुमार के अध्यक्ष रहने या नहीं रहने की बात करते हुए कहा कि दिल्ली में एक नये राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद प्रदेश अध्यक्ष पर भी फैसला लिया जायेगा.

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धरातल पर शून्य है स्वास्थ्य सेवाओं का प्रयास

इससे पहले सुबोधकांत सहाय ने मंगलवार को कोतवाली थाना जाकर सदर अस्पताल में सुरक्षा कार्य में लगे 155 कर्मियों से मुलाकात की. ये कर्मी विगत कई दिनों से काम से हटाये जाने के विरोध में धऱना पर थे. जिन्हें बाद में गिरफ्तार किया गया था. सीएम रघुवर दास पर निशाना साधते हुए सुबोधकांत ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा क़े सरकारी प्रयास केवल पोस्टर और बैनरों पर ही दिखते हैं, जबकि धऱातल पर शून्य हैं. एक तरफ प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री नौकरी देने की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर जो युवा रोजगार में हैं उनका रोजगार छीन कर उन्हें हिरासत में लिया जाता है़. यह बीजेपी सरकार की हठधर्मिता है.

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