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अब साइबर सुरक्षा में नहीं लगेगी सेंध, देश में छह परमाणु घड़ियां होंगी स्थापित

इन घड़ियों को बैंकों, शेयर बाजार और दूरसंचार समेत अन्य क्षेत्रों से जोड़ा जायेगा. परमाणु घड़ी के समय में तीस लाख साल में एक सेकेंड से भी कम फर्क आता है.

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NewDelhi :  केंद्र सरकार देश की वित्तीय, बैंकिंग और दूरसंचार सेवाओं को साइबर हमलों से बचाने व सटीक समय मुहैया कराने के लिए परमाणु घड़ी लगाने जा रही है. खबरों के अनुसार पूरे देश में छह परमाणु घड़ियों को स्थापित किया जायेगा.  इन घड़ियों को बैंकों, शेयर बाजार और दूरसंचार समेत अन्य क्षेत्रों से जोड़ा जायेगा.  जान लें कि मौजूदा समय में अमेरिका, इंग्लैंड, जापान, सिंगापुर, ताइवान और चीन समेत कई देशों में परमाणु घड़ियों का प्रयोग किया जा रहा हैं.  जानकारी के अनुसार परमाणु घड़ी के समय में तीस लाख साल में एक सेकेंड से भी कम फर्क आता है.  तकनीकी विशेषज्ञ रामानुज के अनुसार वित्तीय क्षेत्र, जैसे बैंकों में माइक्रो सेकेंड स्तर पर उच्च आवृत्ति लेनदेन के समय और तिथि की गारंटी के लिए सटीक घड़ियों की आवश्यकता होती है. बताया कि अब तक देश में परमाणु घड़ियां नहीं थी.  कहा कि दूरसंचार क्षेत्र में इसकी डिजिटल बैंकिंग, जीपीएस समेत अन्य में सख्त जरूरत है.

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यह बड़े लेनदेन और डेटा स्थांनातरण के लिए बहुत फायदेमंद है

परमाणु घड़ी आम तौर पर लेनदेन के समय और तारीख को सटीक समय में निर्धारित करती है. बता दें कि कुछ विकसित देशों में इस घड़ी को फाइबर ऑप्टिकल के जरिए वित्तीय संस्थानों और दूरसंचार समेत अन्य क्षेत्रों से जोड़ा गया है.  सूत्रों के अनुसार यह बड़े लेनदेन और डेटा स्थांनातरण के लिए बहुत फायदेमंद है.  फाइबर ऑप्टिकल से जुड़े होने की वजह से इसमें कोई प्रवेश नहीं कर सकता. खबरों के अनुसार वित्त, गृह मंत्रालय और अंतरिक्ष विभाग, उपभोक्ता, दूरसंचार, इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की सहमति के बाद परमाणु घड़ी लगाने का निर्णय हुआ है.  परमाणु घड़ी छह दिशाओं में लगायी जानी है. छह स्थानों की चयन प्रक्रिया सरकार द्वारा शुरू की जा चुकी है.

आईटी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं कि मौजूदा समय में लेनदेन के दौरान कई बार  90 सेकेंड तक समय का अंतर देखा गया है. यह खतरनाक है. कहा कि इस अंतर से डेटा या राशि के स्थानांतरण में सेंध लगने का खतरा बढ़ जाता है.  जानकारी दी गयी है कि परमाणु घड़ी लगने पर डेटा या राशि के स्थानांतरण में सेंध नहीं लग पायेगी.  इसके अलावा दुनिया भर से होने वाले साइबर हमलों के सटीक समय की जानकारी भी मिलेगी. बताया कि शेयर बाजार में एक सेकेंड का अंतर भी कई बार भारी पड़ जाता है.

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