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रिम्स में खाना नि:शुल्क, लेकिन पानी के लिए पैसे चुकाने को मजबूर हैं मरीज

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Ranchi : राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में सिस्टम की बात करें, तो वह पूरी तरह गौण है. चाहे वह सुरक्षा का विषय हो या चिकित्सा का. लोग बड़ी ही उम्मीद लगाकर यहां इलाज कराने आते हैं, लेकिन मरीज की स्थिति में सुधार के स्थान पर मरीजों के परिजन सिस्टम का शिकार होकर खुद बीमार पड़ जाते हैं. रिम्स में मरीजों को पीने के पानी के लिए भी तरसना पड़ रहा है. मरीज के परिजन एक बोतल पानी के लिए यहां-वहां भटकते फिरते हैं. यहां तक कि मरीज को दवा खाने के लिए भी पानी का काफी मशक्कत से इंतजाम करना पड़ता है. मरीज के परीजन घर से पानी लेकर आते हैं, तो ठीक, वरना इधर-उधर से मांगकर या होटल आदि से मांगकर जैसे-तैसे पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है. अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीजों को नि:शुल्क खाना तो उपलब्ध करा दिया जाता है, लेकिन पानी की गारंटी प्रबंधन नहीं लेता. अस्पताल में मरीज पानी खरीदकर पीने को विवश हैं. अस्पताल कैंपस में बोतल में एक लीटर पानी 10 से 15 रुपये में मिलता है. दूर-दराज से आये गरीब परिवार, जो काफी मुश्किल से इलाज के लिए पैसे एकत्र करते हैं, पानी खरीदकर पीना उनके लिए काफी चिंताजनक होता है. कभी-कभी ये परीजन मजबूरी में प्यासे ही रह जाते हैं.

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हर फ्लोर पर वाटर प्यूरीफायर लगाने की थी योजना

रिम्स में एक निजी कंपनी द्वारा वाटर प्यूरीफायर लगाकर पानी बेचा जा रहा है, जिससे मरीजों को पांच रुपये में एक लीटर पानी मिल जाता है. रिम्स प्रबंधन द्वारा इसे पीपीपी मोड पर उपलब्ध कराया जा रहा है. रिम्स प्रबंधन द्वारा प्रत्येक फ्लोर में एक-एक वाटर प्यूरीफायर मशीन लगाने की बात कही गयी थी, लेकिन आज तक इसे मूर्त रूप नहीं दिया जा सका. वहीं, कुछ सामाजिक संगठनों ने आठ रुपये में बोतलबंद पानी उपलब्ध कराया है.

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रोज-रोज गुमला तो नहीं जाऊंगी न पानी लाने : सुगनी

पालकोट गुमला से अपने पिता का इलाज कराने आयी सुगनी मुंडाईन ने बताया कि अस्पताल में खाना तो जैसे-तैसे मिल जाता है, लेकिन पानी के लिए बहुत दिक्कत होती है. शुद्ध पानी तो बिल्कुल मिलता ही नहीं है. दुकान जाकर खरीदकर पानी लाते हैं, तब जाकर मरीज को पानी देते हैं और खुद भी पीते हैं. उन्होंने कहा कि जिनका यहां घर या परिजन हैं, उनके लिए फिर भी पानी का इंतजाम हो जाता है, लेकिन मैं तो रोज-रोज गुमला नहीं जाऊंगी न पानी लाने.

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जल्द ही मिलेगा मरीजों को पानी : हर्ष मंगला

रिम्स के अपर निदेशक प्रशासनिक हर्ष मंगला ने कहा कि रिम्स के मरीजों को जल्द ही पीने के लिए पानी रिम्स परिसर से मिलने लगेगा. पिछली बैठक में पानी की समस्या को लेकर चर्चा हुई थी. निर्णय लिया गया है कि हर हाल में मरीजों को पानी मिले. रिम्स के सुप्रिंटेंडेंट को वाटर प्यूरीफायर मशीन खरीदकर उसे लगवाना था. अब रिम्स के निदेशक इस मामले को देख रहे हैं.

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