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फूड जतरा : आदिवासी खानपान के साथ पारंपरिक परिधान व वाद्ययंत्रों का किया गया प्रदर्शन

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Ranchi : संगम गार्डेन मोरहाबादी में रविवार को फूड जतरा का आयोजन किया गया. इसमें आदिवासी खान-पान का प्रदर्शनी लगायी गयी व एवं आदिवासी पारम्पारिक परिधान व वाद्य यंत्रों का भी प्रदर्शन किया गया.

आदिवासी खान-पान बनाने वाले दो रेस्टोरेंट के सेफ आजम एम्बा एवं सिली सीजन हैं. आयोजक ‘प्रयास हमारा’ के अध्यक्ष सजित टोप्पो ने कहा कि ये कार्यक्रम हमारे आदिवासी पारंपरिक खान पान जो कि आदिवासी की पहचान है, उसे बढ़ावा देने तथा आदिवासी समाज के लोगों को समाज के विकास के लिए आगे आने के लिए प्रेरित करने के मकसद से आयोजित किया गया.

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हीन भावना ना रखें

केंद्रीय आदिवासी मोर्चा के सचिव विकास तिर्की ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी के लोग हमारे पारम्पारिक खान-पान को छोड़ते जा रहे हैं. आने वाले पीढ़ी अपने पारंपरिक खान-पान को जाने एवं उससे हीनभावना ना रखे.

उन्होंने कहा कि जो हमारे आदिवासी परमपरिक भोजन है वो सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते हैं. इसलिए आज के लोगों का ध्यान आकर्षित करने हेतु ऐसा कार्यक्रम किया गया है. झारखण्ड आदिवासी बहुल इलाका है पर दिन ब दिन ये व्यंजन विलुप्त होते जा रहे हैं.

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हानिकारक फास्ट फूड छोड़ें

मौके पर शशिकांत होरो ने कहा कि युवाओं को हानिकारक फ़ास्ट फ़ूड से वापस अपने पारम्परिक भोजन की ओर लाने का प्रयास है.

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अटेलिएर झारखण्ड के रॉबर्ट एक्का ने कहा ये जो प्रयास हमलोगों ने किया, वो काफी हद तक सफल हुआ. उसी का परिणाम है कि आज इतना बड़ा आयोजन किया गया एवं रांची में आजम एम्बा जैसा बड़ा आदिवासी रेस्टोरेंट खुला. आयोजन में मुख्य रूप से हेनरी एक्का, गॉडविन लकड़ा, वंदना केस्पोट्टा का महत्वपूर्ण योगदान रहा.

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