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2018 में पांच हजार अमीरों ने भारत से पलायन किया, चीन से 15 हजार भागे

NewDelhi : दुनिया के कई देशों से अमीर लोग अपना देश छोड़कर दूसरे देशों में बस रहे हैं. खबर है कि अकेले भारत से  सन  2018 में हजारों धनवान दूसरे देशों में पलायन कर चुके हैं.  हालांकि दिलचस्प बात यह है कि भारत ने जितने अमीर खोये उससे ज्यादा अमीर पैदा कर लिये हैं.  एक आकलन के अनुसार पिछले साल लगभग पांच हजार अमीरों ने भारत छोड़ दिया. अगर दुनिया में अमीरों द्वारा स्वदेश छोड़ने वाले टॉप देशों की बात करें तो इसमें हमारा पड़ोसी देश चीन पहले नंबर पर है.  पिछले साल लगभग 15 हजार धनकुबेर चीन छोड़कर जा चुके हैं.

इसके बाद रूस, भारत, यूके, फ्रांस, ब्राजील और साउथ अफ्रीका का नंबर आता है;  वहीं ऑस्ट्रेलिया ऐसा देश है जो इन पलायन करने वाले अमीरों की पहली पसंद बना हुआ है, या यूं कहें कि अपने देश को छोड़कर जाने वाले सबसे ज्यादा अमीर ऑस्ट्रेलिया जा रहे हैं.  दुनियाभर से  12 हजार अमीर अपना देश छोड़कर ऑस्ट्रेलिया में बस गये है.  इसके बाद अमीरों द्वारा पसंद किये जा रहे देशों में अमेरिका, कनाडा, कैरेबियन, ग्रीस और स्पेन का नंबर आता है.

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जितने अमीर गंवायें उससे ज्यादा अमीर पैदा भी किये

हालांकि भारत ने जितने अमीर गंवायें हैं उससे कहीं ज्यादा अमीर पैदा भी किये हैं .  दूसरे शब्दों में भारत को अमीरों की फैक्ट्री कहना भी गलत नहीं होगा.  आंकड़े बताते हैं कि भारत अमीर बनाने वाले देशों में टॉप फाइव में शामिल है.  इस लिस्ट में एशिया के तीन देश शामिल है.  टॉप पर चीन है जिसने साल 2008 से अब तक 130 प्रतिशत अमीरों को फिर से पैदा किया है.  इस लिस्ट में भारत चौथे नंबर पर है और श्रीलंका उसके ठीक बाद है.

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लेकिन चिंता की बात यह है कि भारत भले ही अमीर बनाने में टॉप फाइव देशों में शामिल हो,  लेकिन यहां धन की असमानता भी सबसे ज्यादा है.  यहां 52 प्रतिशत धन देश के सभी लोगों में बंटा हुआ है, वहीं देश का 48 प्रतिशत धन केवल चंद अमीरों के पास है.  जबकि इस मामले में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, डेनमार्क, साउथ कोरिया, फिनलैंड जैसे देश पीछे हैं.  इतना ही नहीं अगर दुनिया की बात करें तो औसतन 36 प्रतिशत धन ही अमीरों के पास है. 64 प्रतिशत धन आम लोगों में बंटा हुआ है.

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