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खरीफ फसल के लिए हर साल पांच हजार डीबीटी के माध्यम से मिलेंगे : डीसी

Pakur : मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना को जिले में लागू करने के लिए जिला प्रशासन कटिबद्ध है. इस योजना के अंतर्गत किसानों को खरीफ मौसम के लिए प्रतिवर्ष प्रति एकड़ कृषि निवेश के लिए 5000 हजार डीबीटी के माध्यम से किसानों को दिए जाएंगे. जिला के सभी राजस्व ग्रामों में ग्राम प्रधान के माध्यम से रैयत समन्वय समिति का गठन 21 जनवरी को एक साथ किया जाएगा. उपरोक्त जानकारी देते हुए उपायुक्त कुलदीप चौधरी ने समाहरणालय के सभाकक्ष में प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मीडिया कर्मियों को जानकारी दी.

प्रत्येक गांव में सरकारी कर्मचारी प्रतिनियुक्त किये गए हैं

उन्होंने कहा ग्राम स्तरीय समन्वय समिति में 5 सदस्य होंगे. इसके लिए अधिकारी प्रखंड विकास पदाधिकारी के द्वारा ग्राम सभा का गठन किया जाएगा. श्री चौधरी ने बताया कि जिला प्रशासन कर्मियों के साथ ग्रामसभा का आयोजन का तामिलादाओं और आपत्ति प्राप्त करना, विवाद को अनौपचारिक परस्पर संबंध से निपटारा के क्रम में सहयोग करना, भविष्य में राशि भुगतान के लिए कैंप आयोजित करने में सहयोग करना होगा. ग्राम सभा के आयोजन एवं समन्वय समिति के सहयोग के लिए प्रत्येक गांव में सरकारी कर्मचारी प्रतिनियुक्त किये गए हैं. हल्का स्तर पर पर्यवेक्षक, अंचल स्तर पर अंचलाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं. अंचल स्तर पर अंचलाधिकारी व प्रखंड विकास पदाधिकारी मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के नोडल ऑफिसर होंगे. डीसी ने कहा उक्त कार्य के लिए जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष का भी गठन किया गया है.

26 फरवरी के बाद लाभुक किसानों की अंतिम सूची

Sanjeevani

डीसी ने बताया कि जिला स्तर पर अधिकारियों को योजना के सफल कार्यान्वयन हेतु प्रतिनियुक्त किया गया है. इस कार्य को लेकर मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के प्रथम चरण में से संबंधित आंकड़ों को शुद्धिकरण करने के लिए प्रिंटेड नोटिस प्रपत्र ए,हस्ताक्षरित वंशावली प्रपत्र बी, तथा सहमति पत्र प्रपत्र सी का प्रारूप तैयार कर सभी लाभुकों एवं कृषकों को 22 जनवरी तक तामील करा दिया जाएगा. यदि कृषि गणना में दर्ज किसान या खाताधारक की मृत्यु हो गई है तो उस स्थिति में स्व हस्ताक्षरित वंशावली प्रपत्र बी में उत्तरजीवी द्वारा भरकर जमा किया जाएगा. डीसी चौधरी ने बताया कि दावा एवं आपत्ति निराकरण हेतु अधिकारी जांच करते हुए उन्हें विवादित या अविवादित की श्रेणी में करेंगे. 26 फरवरी के बाद आविवादित लाभुक किसानों की अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा. प्रेसवार्ता में डीडीसी रामनिवास यादव, अपर समाहर्ता मनोज कुमार,जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कुमार गौतम मौजूद थे.

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