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साईंनाथ, आइसेक्ट व राधा गोविंद सहित पांच प्राइवेट यूनिवर्सिटी में आइसीएआर की मान्यता के बिना एग्रीकल्चर की हो रही पढ़ाई

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Rahul Guru

Ranchi: झारखंड की पांच प्राइवेट यूनिवर्सिटी एग्रीकल्चर की पढ़ाई बगैर मान्यता के करा रही हैं. इन यूनिवर्सिटी में नये शैक्षणिक सत्र के लिए नामांकन लगभग पूरा हो चुका है. अगस्त माह से क्लासेस भी शुरू हो जायेंगे. लेकिन इन यूनिवर्सिटियों के पास आइसीएआर(इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च) की मान्यता नहीं है. ऐसे में यहां अध्ययनरत छात्र अपने भविष्य को लेकर परेशानी में हैं.

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क्यों परेशान हो रहे छात्र

इन यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे विद्यार्थियों के मुताबिक यहां से एग्रीकल्चर में स्नातक करने के बाद किसी भी सरकारी एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से मास्टर कोर्स की पढ़ाई नहीं की जा सकती है. इतना ही नहीं जेआरएफ या किसी भी दूसरे रिसर्च प्रोग्राम में दाखिला नहीं ले सकते हैं.

इन पांच यूनिवर्सिटी में हो रही बगैर मान्यता के पढ़ाई

राज्य में साइंनाथ यूनिवर्सिटी, आइसेक्ट यूनिवर्सिटी, कैपिटल यूनिवर्सिटी, राधा गोविंद यूनिवर्सिटी व वाइबीएन यूनिवर्सिटी में एग्रीकल्चर की पढ़ाई करायी जाती है. वाइबीएन यूनिवर्सिटी में एग्रीकल्चर आधारित पांच तरह के कोर्स चलाये जा रहे हैं. जिनमें डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर, बीएससी एग्रीकल्चर, एमएससी इन एग्रीकल्चर, एमबीए एग्रीकल्चर व पीएचडी प्रोग्राम हैं. वहीं राधागोविंद यूनिवर्सिटी में बीएससी एग्रीकल्चर, कैपिटल यूनिवर्सिटी में बीए व बीएससी इन एग्रीकल्चर, आइसेक्ट यूनिवर्सिटी में बीएससी इन एग्रीकल्चर व एमबीए इन एग्री बिजनेस के साथ-साथ सार्इंनाथ यूनिवर्सिटी में बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई करायी जा रही है.

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साईंनाथ यूनिवर्सिटी में तो नामांकन भी हो गया

साईंनाथ यूनिवर्सिटी के बीएससी एग्रीकल्चर कोर्स के नये शैक्षणिक सत्र में नामांकन भी हो चुका है. यहां 2016 व 2017 बैच में क्रमश: 60-60 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ था, जबकि शैक्षणिक सत्र 2018 व 2019 में 120-120 विद्यार्थियों का नामांकन हो चुका है. इसी तरह अन्य यूनिवर्सिटी में भी नामांकन की प्रक्रिया चल रही है.

क्या कहता है आइसीएआर

आइसीएआर के नियम के मुताबिक सरकारी एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से किसी भी मास्टर कोर्स में दाखिले के लिए उम्मीदवार का वैसे संस्थान से बैचलर डिग्री होना आवश्यक है, जो आइसीएआर से मान्यता प्राप्त हो. आइसीएआर की ओर से प्रत्येक वर्ष मास्टर कोर्स में प्रवेश के लिए अखिल भारतीय स्तर पर परीक्षा ली जाती है. वर्ष 2019 के लिए जारी नोटिफिकेशन में आइसीएआर ने स्पष्ट रूप से लिखा है कि वैसे छात्र ही कॉमन एडमिशन टेस्ट में शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने मान्यता प्रापत संस्थान से चार या पांच वर्षीय डिग्री कोर्स किया है. इसमें किसी भी प्राइवेट यूनिवर्सिटी या कॉलेज से एग्रीकल्चर में स्नातक करनेवाले छात्र शामिल नहीं हो सकते हैं.

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