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एस्सेल इंफ्रा के फंसे पांच करोड़, महाधिवक्ता ने जारी करने की दी सलाह

लगाया जा रहा है कयास, आगामी 2 अक्टूबर सभी वार्डों का जिम्मा संभाल सकती है कंपनी

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Ranchi : शहर के सभी वार्डों में साफ-सफाई का जिम्मा नहीं संभाल रही रांची एस्सेल इंफ्रा ग्रुप की कार्यशैली पर अब नए नगर आयुक्त मनोज कुमार ने लगाम लगाना शुरू कर दिया है. नगर आयुक्त कंपनी के सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि कंपनी जल्द ही सभी वार्डों की सफाई का जिम्मा संभालें. इसे लेकर गत बुधवार को नगर आयुक्त कार्यालय में एक बैठक भी की गयी. इस बैठक में कंपनी से जुड़े कई आला अधिकारी भी उपस्थित थे. सूत्रों के हवाले से ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि कंपनी के अधिकारियों ने नगर आयुक्त को कहा है कि अगर कंपनी की फंसी पांच करोड़ रूपये की राशि दे दी जाती है, तो कंपनी आगामी 2 अक्टूबर तक शहर के सभी वार्डों के साफ-सफाई का जिम्मा ले सकती है. इसके पीछे का कारण यह बताया जा रहा है कि नगर विकास विभाग के पास फंसे कंपनी के पांच करोड़ रुपये जारी करने की स्वीकृति महाधिवक्ता ने विभाग को दे दी है. ऐसे में यह सवाल खड़ा होता है कि क्या कंपनी नये नगर आयुक्त के दिये सख्त निर्देश के बाद भी कंपनी सभी 53 वार्डों की साफ-सफाई का जिम्मा ले सकेगी, वो भी तब जब कूड़ा उठाने वाली कंपनी की कई गाड़ियां आज भी एमटीएस में खराब पड़ी हुई है.

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दो साल बीतने को है, कंपनी संभाल रही केवल 33 वार्डों का जिम्मा

मालूम हो कि रांची नगर निगम ने गत 2 अक्टूबर 2016 को रांची शहरी क्षेत्र की साफ-सफाई का जिम्मा रांची एमएसडब्ल्यू को सौंपा था. यह कंपनी रांची नगर निगम और एस्सेल इंफ्रा का ज्वाइंट वेंचर है. कंपनी ने उस समय दावा किया था कि 2017 के शुरूआत तक शहर के तत्कालीन सभी 55 वार्डों (वर्तमान में 53), में सफाई का कार्य शुरू कर देगा, लेकिन पिछले एक साल से कंपनी केवल 33 वार्डों में ही सफाई का काम शुरू कर पायी है. बाकी 19 वार्डों में सफाई का जिम्मा रांची नगर निगम खुद ढो रहा है. इसी लापरवाही के कारण आज न तो सही तरीके से घर से कूड़ा का उठाव हो रहा है और न ही सड़क की सफाई हो रही है. कंपनी की इसी रवैये के कारण निगम बोर्ड की बैठक में कई पार्षदों ने कंपनी को टर्मिनेट करने की भी मांग की थी.

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नगर आयुक्त ने कंपनी के अधिकारियों संग की बैठक, दिया निर्देश

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निगम से जुड़े अधिकारियों ने नाम न लिखने की शर्त पर नगर आयुक्त कार्यालय में की गयी बैठक की जानकारी न्यूज विंग को दी.  बैठक में जहां नगर आयुक्त ने कंपनी को शहर की सफाई कार्य को पूरी तत्परता से करने का निर्देश दिया. वहीं कंपनी को यह भी बताया गया कि नगर विकास के पास कंपनी के फंसे पांच करोड़ रुपये को जारी करने की सलाह महाधिवक्ता ने विभाग को दी है. कंपनी ने कहा कि अगर यह राशि उन्हें जल्द दे दी जाती है, तो वह आगामी 2 अक्टूबर तक शहर के सभी वार्ड की साफ-सफाई का जिम्मा संभाल सकती है.

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रजिस्टर्ड गाड़ियां नहीं होने से फंसा पांच करोड़ रुपये

मालूम हो कि शहर में कूड़ा उठाने वाली एस्सेल इंफ्रा की पांच करोड़ की राशि रांची नगर निगम ने रोक रखी है. इसके पीछे का कारण यह बताया जा रहा है कि कंपनी की कई गाड़िया गत वर्ष 2017 में अप्रैल से दिसम्बर माह तक रजिस्टर्ड नहीं थी. इस पर निगम के तत्कालीन नगर आयुक्त शांतनु अग्रहरि ने कंपनी के पांच करोड़ रुपये रिलीज करने पर रोक लगाते हुए नगर विकास विभाग के पास संबंधित फाइल भेज दी थी. विभाग ने पूरे मामले पर कानूनी सलाह लेने के लिए संबंधित फाइल को महाधिवक्ता के पास भेजी थी. हालांकि कंपनी ने बाद में अपनी सारी गाड़ियों को रजिस्टर्ड भी करा लिया था, लेकिन यह राशि अब तक कंपनी को नहीं दी गयी. सूत्रों के हवाले से अब यह जानकारी मिली है कि महाधिवक्ता ने भी लिखित रुप से कंपनी को फंसी पांच करोड़ रुपये की राशि देने की सलाह विभाग को दे दी है.

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