Crime NewsJharkhandRanchi

कोयला कारोबारी की हत्या करने आये अमन साव गिरोह के पांच अपराधी गिरफ्तार

Ranchi: कोयला कारोबारी की हत्या करने आये अमन साव गिरोह के पांच अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. रांची एसएसपी सुरेन्द्र कुमार झा के निर्देश पर रांची पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए पांचो को गिरफ्तार किया.

गिरफ्तार अपराधियों में अभिजीत कुमार सिंह, अजय सिंह, जगत कुमार, शिव नारायण महतो और समीर कुमार बागची शामिल हैं. उनके पास से छह पिस्टल, दो रिवाल्वर, दो देसी कट्टा, 43 जिंदा गोलियां और 84 रुपये सहित कई अन्य सामान बरामद किये गये.

इसे भी पढ़ें – झारखंड में Corona का बढ़ता प्रकोप, एक दिन में 5 की मौत

रांची के कोयला कारोबारी से मांगी गयी थी लेवी

फरार चल रहे अपराधी अमन साव के द्वारा रांची के एक बड़े कोयला कारोबारी से मोटी रकम लेवी के रूप में मांगी गयी थी. कारोबारी के द्वारा लेवी नहीं दिये जाने के बाद अमन साव ने कारोबारी की हत्या की साजिश रची.

इसके लिए अमन साव ने अपने शूटर को कारोबारी को मारने के लिए रांची भेजा था. गिरफ्तार हुए सभी अपराधियों ने कारोबारी को मारने के लिए कई बार प्रयास भी किये लेकिन सफल नहीं हो पाये.

गुप्त सूचना के आधार पर हुई गिरफ्तारी

कारोबारी की हत्या करने की तैयारी की गुप्त सूचना रांची एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा को मिली. उन्होंने एक पुलिस टीम का गठन किया. पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए रांची के चुटिया से सभी अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया. इस घटना में शामिल अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.

इसे भी पढ़ें – झारखंड के कुछ जिलों में फिर से लग सकता है लॉकडाउन : डॉ रामेश्वर उरांव

अमन साव कारोबारियों से मांग रहा है लेवी

हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना से फरार हुआ अपराधी अमन साव लगातार झारखंड के कई जिलों के कारोबारियों से लेवी मांगने का काम कर रहा है. लेवी नहीं देने पर हत्या की साजिश रचने का काम कर रहा है.

बता दें कि हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना से 27–28 सितंबर 2019 की रात कस्टडी में रखा गया अपराधी अमन साव रहस्यमय तरीके से फरार हो गया था. वह थाना से कैसे फरार हुआ, उसकी फरारी में किसने मदद की और इसके पीछे का रहस्य क्या है, इसका खुलासा अब तक नहीं हो पाया है.

इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी मुकेश कुमार को दोषी पाये जाने के बाद उन्हें निलंबित भी किया गया था. निलंबन के एक सप्ताह बाद उन्हें निलंबन मुक्त भी कर दिया गया. बस यह मामला यहीं तक पहुंचकर रुक गया. अमन साव के हाजत से फरार होने की जांच सीआइडी कर रही है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button