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मीटू कैंपेन को धार देने के लिए फिशआई ने जारी किया एक मिनट का वीडियो

एड एजेंसी फिशआई ने इस क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं से यौन शोषण पर चुप नहीं रहने की अपील की

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New Delhi: मीटू कैंपेन के भारत में मुखर होने के बाद कई सारी अभिनेत्रियों-पत्रकारों और दूसरे संस्थानों में काम करने वाली महिलाएं अपने साथ हुए यौन शोषण को लेकर बात कर रही हैं. अपनी आपबीती बता रही है. वहीं इस कैंपेन को और धार देने के उद्देश्य से फिशआई क्रिएटिव सौल्युशेन प्राइवेट लिमिटेड ने एक मिनट का एक वीडियो जारी किया है. एड एजेंसी फिशआई ने इस एक मिनट के वीडियो में मीटू कैंपेन को दूसरे लेवल तक पहुंचाने की कोशिश की है. ताकि विभिन्न एड एजेंसी में काम करने वाली महिलाएं भी अपने साथ होनेवाले अत्याचारों पर खुलकर बात करें और किसी भी तरह के शोषण पर चुप्पी ना साधे.

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क्या है वीडियो में

वीडियो में फिशआई की महिलाएं, एड एजेंसी में अपना करियर तलाश रही महिलाओं को सलाह देती नजर आयी हैं. जिसमें एड एजेंसी की कार्यशैली का जिक्र हैं. वर्क प्रेशर, लेट नाइट शिफ्ट, कम सैलरी से लेकर हर पहलू की चर्चा है. इसके साथ ही महिलाएं, इस क्षेत्र में आनेवाली महिलाओं को सेक्सुअल हार्समेंट पर चुप नहीं रहने का मैसेज दिया गया है.

वीडियो में यौन शिकारियों, आलसी मालिकों, दुर्व्यवहार करनेवाले, वैसे पुरुष जो इनकार को नहीं स्वीकार कर पाते, इस शब्दों का इस्तेमाल हुआ है. साथ ही कहा गया है कि ऐसे लोगों पर महिलाओं को चुप नहीं रहना चाहिए. और इस कैंपेन को और तेजी से आगे बढ़ाने की बात कही गई है.

क्या कहना है फिशआई की सीईओ का

फिशआई के इस मिनट के वीडियो को लेकर सीईओ दवे बनर्जी ने कहा कि, ‘आखिर क्यों एक आत्मनिर्भर महिला एड एजेंसी ज्वाइन करना चाहेगी. ये सही है कि एड एजेंसी अपने लेट नाइट शिफ्ट, क्रेजी पार्टी के लिए जानी जाती है, लेकिन कभी भी यौन उत्पीड़न के मामलों से नहीं जुड़ी. अगर यही माहौल रहा था, तो एड इंडस्ट्री में बेहतर प्रतिभावाली लड़कियां आना ही नहीं चाहेंगी.

ऐसे में हमारा दायित्व बनता है कि उन्हें ऐसा माहौल दें, जहां वो निर्भीक होकर एक खुले और स्वस्थ वातावरण में काम कर सके. और मुझे आशा है कि अन्य एजेंसियां हमारे साथ हाथ मिलाएंगी और सक्रिय रूप से हमारे सेक्टर को साफ करने में मदद करेंगी.’

उल्लेखनीय है कि 2017 में शुरु हुआ मीटू कैंपेन आज ग्लोबल हो चुका है. बात करें भारत की तो देश में इसकी शुरुआत अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने की थी. जब उन्होंने एक्टर नाना पाटेकर और कुछ सहकर्मी पर यौन शोषण का आरोप लगाया था. इसके बाद देश में इस कैंपेन ने भी तेजी आयी. और अभिनेता, फिल्म निर्माता, पत्रकार, केंद्रीय मंत्री जैसे लोग भी इसकी जकड़ में आएं.

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