न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

पहले मुझे थाना लेकर गये और एंबुलेस में बैठाया, उतरते ही जबरन हाथ में पकड़ा दी थाली

7,552

NW Desk : सरकार ने नेशनल सिक्योरिटी अडवाइजर (एनएसए) अजीत डोभाल का एक वीडियो जारी किया था. यह वीडियो सात अगस्त को जारी किया गया था. वीडियो में डोभाल डोभाल आम कश्मीरियों के साथ गलियों में घूम रहे हैं. उनके साथ खाना खा रहे हैं. कश्मीरी उनसे गर्मजोशी से संवाद कर रहे हैं.

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के केंद्र सरकार के अहम फैसले के बाद कई लोगों ने यह आशंका जाहिर की थी कि राज्य में स्थिति और बिगड़ सकती है. कहा गया कि अलगाववादी लोगों को भड़का सकते हैं.

Trade Friends

संसद में बहस के दौरान भी कुछ सांसदों ने सरकार के समक्ष यह आशंका जतायी थी. जिसके बाद इस वीडियो के जरिये यह संदेश देने की कोशिश की गयी थी कि सरकार द्वारा स्पेशल स्टेटस हटाने और राज्य बंटवारा करने के फैसले के बाद भी घाटी में हालात सामान्य है.

इसे भी पढ़ें- विदेश मंत्री ने चीन को समझायाः J&K पर फैसला भारत का आंतरिक विषय, LoC पर इसका असर नहीं

मुझे लगा मैं जिससे बात कर रहा वह डीसीपी का पर्सनल असिसटेंट है: मंसूर

जनसत्ता में छपी खबर के मुताबिक इस वीडियो में एक शख्स डोभाल से बात करने नजर आ रहा है. उस शख्स ने अब कहा है कि उसे पता ही नहीं था कि वह जिस आदमी से बात कर रहा है वह नेशनल सिक्योरिटी अडवाइजर (एनएसए) अजीत डोभाल से है. उसे यह लगा था कि जैकेट पहना शख्स (डोभाल) जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह का पर्सनल असिस्टेंट है.

लेकिन जब मैं डोभाल से बात कर रहा था तब मैंने देखा कि डीजीपी और एसपी तो अपने हाथ पीछे कर खड़े हैं. जिसके बाद मुझे लगा कि यह इंसान डीजीपी का पर्सनल असिस्टेंट तो नहीं हो सकता.

क्योंकि खुद डीजीपी उनके सामने सम्मान से खड़े हैं. यह देख मैंने पूछा कि सर मुझे जानना है कि आप कौन हैं. जिसपर उन्होंने मुझे बताया कि वह मोदीजी के नेशनल सिक्योरिटी अडवाइजर हैं.

उल्लेखनीय है कि वीडियो में नजर आ रहे शख्स का नाम मंसूर अहमद मागरे है और वह सामाजिक कार्यकर्ता और रिटायर्ड रेंज ऑफिसर है. वीडियो में जिस शख्स ने वेस्टकोट पहन रखा है और बालों को हिना से डाइ किया हुआ है वही मंसूर है. मंसूर ने कहा कि वीडियो सामने आने के बाद लोगों की प्रतिक्रियाओं का सीधा असर उसके और उसके परिवार वालों पर पड़ रहा है. क्योंकि इस वीडियो ने पूरी तरह से मेरी जिंदगी बदल दी है. पहले लोग मुझे समाजिक कार्यकर्ता के रूप में जानते थे लेकिन अब वह छवि बदल गयी है.

कैसे वीडियो का असर मंसूर के परिवार पर पड़ रहा

मंसूर ने कहा कि जब वह घर वापस लौटा तो उसने अपने बेटे को बताया कि मैं आज किसी डोभाल से मिला हूं. यह सुनकर मेरा बेटा हैरान रह गया और उसने हैरानी के साथ कहा कि तब तो यह बात जल्द ही टीवी पर होगी.

WH MART 1

मंसूर ने आगे कहा कि अगर मुझे पता रहता कि मेरी मुलाकात डोभाल से होनी है तो मैं कभी नहीं जाता. भले ही वे मुझे घसीट कर ही क्यों नहीं ले जाते. वहीं मंसूर के परिवार वालों का कहना है कि वे लोग प्रतिक्रिया से बहुत ही हतोत्साहित हैं.

वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा था कि किसी को भी पैसे देकर खरीदा जा सकता है. जिसपर मंसूर के बेने मोहसिन मंसूर ने कहा कि आजाद ने कहा कि हमें डोभाल से मिलने के लिए पैसे मिले हैं, और अब लोगों का भी यही कहना है. हमने उनके खिलाफ मानहानि का केस करने का मन बनाया है.

मंसूर के बेटे मोहसिन के मुताबिक, वीडियो सामने आने के बाद उनके परिवार वालों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. मोहसिन ने बताया कि यह उस वक्त कश्मीर से आयी पहली खबर थी. इस खबर के बाद से हमारी जिंदगी बदल गयी. हमारे रिश्तेदारों ने भी हमसे कहा कि हमने उनकी बदनामी करा दी.

इसे भी पढ़ें- रिलायंस इंडस्ट्रीज की मीडिया में नहीं आती खबर, घाटे में चल रही कंपनी, जियो से बढ़ा कर्ज

क्या है वीडियो की पूरी कहानी

मंसूर ने वीडियो की पूरी कहानी बाताते हुए कहा कि सात अगस्त की दोपहर को वह नमाज के लिए मस्जिद निकले थे. इस दौरान पुलिस और सीआरपीएफ वालों ने मुझे देखकर कहा कि मुझे डीजीपी से मिलना होगा. इस बात पर मैं उनकी बाइक पर सवार हो गया और मुझे वो लोग पुलिस स्टेशन लेकर गये.

जब मैं वहां पहुंचा तो देखा कि वहां पहले से ही पांच-छह थे. फिर हमने काफी देर तक वहां इंतजार किया लेकिन कोई नहीं आया. इसके बाद मुझे लगा कि उन्होंने मुझे गिरफ्तार करने के लिए लाया है. इसलिए मैंने उनसे कहा कि मुझे वह कोठरी दिखा दीजिये जहां मुझे आपलोग बंद करना चाहते हैं.

मेरी यह बात सुनकर उन्होंने कहा कि ऐसी बात नहीं है. जिसके बाद मैं वहां से निकलने ही वाला था कि इतने में एक जिप्सी आयी. उसके बाद हमें एक एंबुलेंस में सवार होनो को कहा गया और फिर एक बस स्टैंड ले जाया गया.

जब हम वहां पहुंचे तो मैंने देखा कि वहां सड़क के दोनों ओर आर्मी की गाड़ियां खड़ी थीं. पांच-छह कैमरामैन भी वहां थे. वहां पहुंचते ही डीजीपी ने कहा कि वह चाहते हैं कि मैं किसी से बात करूं और फिर एक शख्स जैकेट पहने मेंरे सामने आया. तो मुझे लगा कि वह डीजीपी के सेक्रेटरी हैं. जैकेट पहने हुए शख्स ने कहा कि देखा आर्टिकल 370 खत्म कर दिया गया तो मैंने जवाब दिया कि मैं कुछ नहीं कह सकता. फिर उन्होंने कहा कि इसका लोगों को फायदा होगा तो फिर मैंने कहा इंशाअल्लाह.

मंसूर ने बाताया कि उसकी बात उनलोगों से करीब 10 से 15 मिनट तक चली. इसी दौरान जैकेट पहने शख्स (डोभाल) ने मुझसे साथ में लंच करने को कहा. जिसपर मैंने उनसे कहा कि हम मेजबान हैं. इसी बीच उन्होंने मेरे हाथों में जबरन थाली दे दी. लोगों ने वीडियो देखकर यह कहा कि मैंने बिरयानी खायी लेकिन वह एक पीस मीट और चावल था. मसूर ने कहा कि मुझे हालात की गंभीरता का पता तब चला जब मैंने अपने बेटे को  पूरी बात बतायी.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like