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मध्यप्रदेश कैडर के IPS पति का दबदबा, पत्नी को भी MP में करा लिया प्रतिनियुक्त

Ravi Aditya

Ranchi : ब्यूरोक्रेशी (आईएएस) में अटूट संबंध और रिश्ते काफी मजबूती से निभाये जाते हैं. लेकिन राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर के लिये भी प्रतिनियुक्ति के दरवाजे खोल दिया गये हैं. इसके लिये कई अड़चनों को दूर कर शर्तों को निभाया गया है.

झारखंड के इतिहास में पहला ऐसा मामला सामने आया है जिसमें राज्य प्रशासनिक सेवा की अफसर को दूसरे राज्य में प्रतिनियुक्ति पर जाने की अनुमति दी गई है. इसमें झारखंड सरकार और मध्यप्रदेश सरकार ने भी पूरी उदारता बरती.

दोनों राज्यों ने मिलकर अड़चनों को दूर किया और पति- पत्नी के अटूट संबंधों को तव्वजो दी. हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश कैडर के आईपीएस अफसर आशीष कुमार और झारखंड राज्य प्रशासनिक सेवा की चौथे बैच की अफसर संजू कुमारी की.

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पत्नी को मध्यप्रदेश बुलाने के लिये एमपी सरकार से ली एनओसी

मध्य प्रदेश कैडर के आईपीएस अफसर आशीष कुमार ने पत्नी संजू कुमारी को अपने राज्य में प्रतिनियुक्ति पर बुलाने के लिये मध्यप्रदेश सरकार ने एनओसी ली. यह पहला ऐसा मामला है कि जब किसी राज्य ने दूसरे राज्य के अफसर को प्रतिनियुक्ति पर रखने के लिये हामी भरी.

पहली बार झारखंड सरकार को जब संजू कुमारी ने आवेदन दिया था तो कार्मिक ने अडंगा लगाते हुए फाइल पर लिखा कि फिलहाल संजू कुमारी की सेवा नई है, दूसरे राज्य में प्रतिनियुक्ति नहीं की जा सकती. इसके बाद मध्य प्रदेश सरकार ने कहा कि हमें कोई ऐतराज नहीं है. संजू देवी मध्य प्रदेश प्रशासन में सेवा दे सकती है. इसके बाद झारखंड सरकार ने भी उदारता दिखाते हुए संजू कुमारी को मध्य प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर जाने की मंजूरी दे दी.

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एमपी में सीनियर एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात है संजू कुमारी 

फिलहाल संजू कुमारी मध्य प्रदेश में सीनियर एक्जीक्यूटिव मजिस्टेट के पद पर तैनात है. मध्य प्रदेश में प्रीमियम सेवा लागू है. लेकिन संजू कुमारी जब तक मध्य प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर रहेंगी, तब तक उन्हें प्रमोशन नहीं मिलेगा. वापस अपने कैडर में आने के बाद ही प्रमोशन मिलेगा.

अब संजू कुमारी मध्य प्रदेश में स्थायी रूप से सेवा देने का उपाय भी खोज रही हैं. हालांकि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. तीन टर्म तक उन्हें एक्सटेंशन देने का प्रावधान राज्य सरकार ने किया है. फिलहाल 14 मार्च 2020 तक ही उनके प्रतिनियुक्ति की अवधि निर्धारित की गई है.

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