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फिरोज खान बॉलीवुड के पहले फिल्ममेकर जिन्होंने अफगानिस्तान में 46 साल पूर्व की थी धर्मात्मा की शूटिंग

फिल्म निर्माता, निर्देशक और एक्टर फिरोज खान के जन्मदिन पर विशेष

Naveen Sharma

Ranchi : अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे ने दुनियाभर को हिला कर रख दिया है. अफगानिस्तान की सरकार ने तालिबान के सामने घुटने टेक दिए हैं. तालिबान की दहशतगर्दी की वजह से डर कर विदेशी लोगों और हजारों अफगान नागरिकों ने आनन-फानन में अफगानिस्तान छोड़ दिया है. इस मुश्किेल घड़ी में दुनियाभर से अफगानिस्तान के लोगों के लिए दुआएं उठ रही है.

अस्सी के दशक से पहले एक समय ऐसा भी था अफगानिस्तान जैसा प्राकृतिक खूबसूरती वाला देश विदेशी पर्यटकों से पटा पड़ा रहता था. यहां की फिजाओं से आकर्षितत हो, कई बॉलीवुड डायरेक्टर्स ने भी यहां की जमीं पर अपनी फिल्मों की शूटिंग की है.

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46 साल पहले धर्मात्मा में दिखाये अफगानिस्तान के खूबसूरत लैंडस्केप

अफगानिस्तान में शूट हुई पहली हिंदी फिल्म धर्मात्मा थी. 46 साल पहले 1975 में रिलीज यह फिल्म एक्टर-डायरेक्टर और प्रोड्यूसर फिरोज खान ने बनाई थी. फिल्म में अफगानिस्तान की बेहद शानदार जगहों को दिखाया गया था. धर्मात्मा का गाना ‘क्या खूब लगती हो बड़ी सुंदर दिखती हो’ अफगानिस्तान के ‘बामियान में बुद्ध की विशाल मूर्तियों के सामने शूट किया गया था. हालांकि बाद में तालिबान ने अमेरिका की सेना को सबक सिखाने के लिए बुद्ध की प्रतिमाओं को ध्वस्त कर दिया था.

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फिरोज खान ने जानशीं फिल्म की शूटिंग का जोखिम उठाया

फरदीन खान और सेलिना जेटली स्टारर रोमिंटक थ्रिमलर जानशीं की शूटिंग भी अफगानिस्तान में हो चुकी है. एक बार अफगानिस्तान में फिल्म बनाने के बाद यह जोखिम एक्टर-डायरेक्टर फिरोज खान ने दोबारा उठाया था. जिस समय यह फिल्म बनी उस वक्त अफगानिस्तान और तालिबान के बीच जंग का माहौल था.

इतने बड़े खतरे के बावजूद फिरोज खान ने अफगानिस्तान में अपनी फिल्म को बनाने का फैसला ले लिया था. बात बनी और फिर फिरोज खान ने जानशीं के कुछ हिस्से अफगानिस्तान में फिल्माए.

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हिंदी की फिल्मों के कॉउबॉय

हॉलीवुड की फिल्मों में एक दौर ऐसा भी था जब घोड़े पर सवार लंबे चौड़े हीरो हाथ में रायफल लिए और सिर पर हैट पहने एक्शन फिल्मों में नजर आते थे. हिंदी की फिल्मों में इस तरह के गेटअप में जो हीरो नजर आता था वो था फिरोज खान. लंबे चौड़े, गोरे चिट्टे और हैंडसम फिरोज की यह स्टाइल उन पर जमती भी थी. फिरोज ने अपने ही जैसा स्मार्ट दोस्त और सह कलाकार भी ढूंढ लिया था विनोद खन्ना. फिरोज खान और विनोद खन्ना की जोड़ी कुर्बानी और दयावान फिल्म में नजर आई थी. ये दोनों ही फिल्में हिट हुई थीं.

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क्या खूब लगती हो बड़ी सुंदर दिखती हो

फिरोज खान अभिनेता होने के साथ साथ निर्माता और निर्देशक भी थे. 1980 में रीलीज हुई धर्मात्मा वह पहली फिल्म थी जिसमें फिरोज खान ने निर्देशक के रूप में पहचान बनानी शुरू की थी. इस फिल्म की शूटिंग अफगानिस्तान के खूबसूरत और अनछुए लोकेशनस में हुई थी.

ड्रिम गर्ल हेमा मालिनी इस फिल्म में बेहद खूबसूरत लगी हैं. उन पर फिलमाया गया मुकेश का गाया हुआ गीत ‘ क्या खूब लगती हो बड़ी सुंदर दिखती हो’ मेरे सबसे पसंदीदा गीतों में शुमार है जिसको देखने का अलग ही आनंद है.

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सुपर हिट कुर्बानी

फिरोज खान ने सफल डॉयरेक्टर के रूप में अपनी पहचान को 1980 में रीलीज हुई फिल्म कुर्बानी से पुख्ता किया था. विनोद खन्ना, जीनत अमान, फिरोज खान और अमजद खान स्टार कुर्बानी ने बॉक्स ऑफिस पर भी जबरदस्त सफलता हासिल की थी. मुझे अपने शहर रांची का वाकया याद है. उन दिनों आमतौर फिल्मों के चार ही शो होते थे.

कभी कभार मार्निग शो में अंग्रेजी फिल्में चलती थीं, लेकिन कुर्बानी के पांच शो कई महीनों तक उपहार (uphar) सिनेमा हॉल में चले थे. यह फिल्म कंटेंट या कहें स्टोरी के हिसाब से एकदम औसत दर्जे की थी लेकिन इसके बावजूद इसमें इंटरटेनमेंट के लिए पर्याप्त मसाले थे.

जीनत अमान की खूबसूरती और नाजिया हसन की नशीली आवाज के अलहदा और नए स्टाइल के गीतों ‘ आप जैसा कोई मेरी जिंदगी में आए तो बात बन जाए’ और अमित कुमार और कंचन के युगल गीत ‘लैला ओ लैला कैसी मैं लैला, हर कोई चाहे मुझसे मिलना अकेला ‘ ने धूम मचा दी थी.

युवा पीढ़ी को ये गाने बहुत पसंद आए थे. इनके अलावा मनहर का गाया हुआ प्यारा गीत ‘ हम तुम्हें चाहते हैं ऐसे मरने वाला कोई जिंदगी चाहता हो जैसे ‘ सदाबहार प्रेम गीतों में शुमार हुआ था.

इसके अलावा रफी और आशा का युगल गीत’ क्या देखते हो सूरत तुम्हारी’ और टाइटल सांग भी खूब चले थे. इन लाजवाब गीतों को कल्याणजी आनंदजी ने संगीतबद्ध किया था.

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जांबाज में अनिल कपूर, डिंपल की जोड़ी

1986 में फिरोज खान के निर्देशन में बनी जांबाज फिल्म भी हिट हुई थी. इसमें लीड रोल में अनिल कपूर और डिंपल की जोड़ी थी. वहीं फिरोज के अपोजिट श्रीदेवी थी. इस फिल्म के गाने भी काफी हिट हुए थे. खासकर मनहर का गाए हुए गाने ‘ हर किसी को नहीं मिलता यहां प्यार जिंदगी में’ खूब चला था.

इसके साथ ही ‘ तेरा साथ है कितना प्यारा’ और ‘ जब जब तेरी सूरत देखूं प्यार सा दिल में जागे’ भी हिट हुए थे. इसके अलावा ‘प्यार दो प्यार लो’ और अंग्रेजी में गाया हुआ ‘गिव मी लव’ भी लोकप्रिय हुए थे. इस बार भी म्यूजिक का जादू कल्याणजी आनंदजी का था.

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दयावान में फिर एक बार विनोद खन्ना के साथ जोड़ी

फिरोज खान ने 1988 दयावान फिल्म में फिर एक बार विनोद खन्ना के साथ जोड़ी बनाई. इस अधेड़ जोड़ी को भी लोगों ने पसंद किया था. इस बार भी फिरोज अपने फेवरेट जोनर क्राइम की कहानी लेकर आए थे. माफिया बने विनोद खन्ना और उसकी पत्नी बनी माधुरी दीक्षित पर फिल्माया गया गाना ‘ आज फिर तुम पे प्यार आया है बेहद और बेशुमार आया है’ जबरदस्त हिट हुआ था.

इसके साथ ही ‘चाहे मेरी जान तू ले ले, चाहे ईमान तू ले ले’ भी खूब चला था. यह फिल्म भी हिट हुई थी. इस तरह से देखा जाए तो फिरोज खान की फिल्मों के हिट होने में हिट म्यूजिक का अहम योगदान है.

स्केच : प्रभात ठाकुर, कला निर्देशक, बॉलीवुड .

फिरोज खान का जन्म 25 सितम्बर,1939 को बंगलौर में हुआ था. उनके पिता पठान थे जबकि माता ईरानी. उनके तीन और भाई संजय ख़ान, अकबर खान और समीर खान फ़िल्मों से जुड़े हैं.

फिरोज खान ने वर्ष 1960 में फ़िल्म दीदी से अपनी फ़िल्मी सफर शुरू किया. दर्जनों फ़िल्मों में अभिनय किया. .लगभग पांच दशक का फ़िल्मी सफर तय करते हुए फिरोज खान ने 2007 में आखिरी फ़िल्म दी-वेलकम. इसमें वे खास अंदाज में पेश आए. उनका आरडीएक्स उपनाम खासा चर्चित रहा.

आदमी और इंसान फ़िल्म के लिए उन्हें फ़िल्म फेयर अवार्ड मिला. इसके अलावे इन्होंने ऊंचे लोग, मैं वहीं हूं, अपराध, उपासना, मेला, आग जैसी फ़िल्मों में काम किया था.

काफी दिनों तक कैंसर से जुझ रहे फिरोज खान ने बंगलौर के अपने फार्म हाउस में 27 मई,2009 की रात आखिरी सांस ली थी.

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