Giridih

गिरिडीह जेल अधीक्षक से दो करोड़ रंगदारी मांगने के मामले में घटना के एक महीने बाद दर्ज हुई FIR

Giridih: पुलिस ने गिरिडीह जेल अधीक्षक अनिमेष चौधरी से 2 करोड़ की रंगदारी मांगे जाने के मामले में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ घटना के एक महीने से अधिक समय के बाद प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस को इस घटना में जेल में बंद 2 कुख्यात अपराधियों पर शक है. दोनों अपराधी फिलहाल सिमडेगा और खूंटी जेल में बंद हैं. इस मामले में हालांकि जेल अधीक्षक की ओर से रंगदारी मांगें जाने की घटना के अगले दिन ही मुफ्फसिल थाना में शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन मामले में प्राथमिकी एक महीने बाद दर्ज की गई है. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है. शुरुआती जांच में पुलिस को ताराटांड थाना क्षेत्र निवासी आशीष साह पर मामले में शामिल होने का शक है. आशीष साह फिलहाल खूंटी जेल में बंद है.

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पुलिस को यह शक इसलिए है क्योंकि तीन माह पहले उसने अपने साथी मंगेश मंडल के साथ जेलर प्रमोद कुमार पर फांयरिग की घटना को अंजाम दिया था. इसके अलावा आशीष साह बिजली विभाग के वसूली शिविर में धावा बोल कर पैसे लूटने के मामले में भी जेल जा चुका था. जेल में बंद रहने के दौरान ही उसका संबध रांची के कुख्यात अपराधी अमन साव से हुआ था. जेल से निकलने के बाद ही आशीष साह ने जेलर प्रमोद कुमार पर फायरिग की घटना को अंजाम दिया था. बाद में इस मामले में मुफ्फसिल थाना पुलिस ने आशीष साह को दुबारा गिरफ्तार कर जेल भेजा.अमन साव को पाकुड़ जेल से गिरिडीह केन्द्रीय जेल शिफ्ट किया गया था. हालांकि अपने रुतबे के अनुसार जब अमन साव गिरिडीह जेल में कोई सुविधा नहीं हासिल नहीं कर सका तो इससे नाराज आशीष साह ने अपने गुर्गों की मदद से जेल अधीक्षक और जेलर को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दिलवाई. उसके बाद ही जेल अधीक्षक से व्हाट्सएप मैसेज के जरिए 2 करोड़ रंगदारी की मांग की गई.रंगदारी मांगे जाने की घटना के बाद ही आशीष साह को गिरिडीह से खूंटी जेल भेजा गया.

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