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SC ने 700 सैन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के विरोध में दायर याचिका ठुकराई

ऩ्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने शुक्रवार को मणिपुर एवं जम्मू व कश्मीर जैसे अशांत क्षेत्रों में ऑपरेशन को अंजाम देने वाले सैन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी है.

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NewDelhi :  ऩ्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने शुक्रवार को मणिपुर एवं जम्मू व कश्मीर जैसे अशांत क्षेत्रों में ऑपरेशन को अंजाम देने वाले सैन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी है.  बता दें कि लगभग 700 सैन्य अधिकारियों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गयी थी.  मालूम हो कि मणिपुर एवं जम्मू व कश्मीर जैसे अशांत क्षेत्रों में आर्म्ड फोर्स स्पेशल पावर एक्ट (अफस्पा) लागू है.  बता दें कि केंद्र सरकार ने भी सैन्य अधिकारियों की याचिका का समर्थन किया था.  सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इसे लेकर कोई क्रियाविधि होनी चाहिए, जिससे कि आतंकवाद से लड़ते समय हमारे सैन्य अधिकारी विचलित न हो. इस पर पीठ ने कहा कि ऐसा करने से सरकार को किसने रोका है.  पीठ ने कहा कि इस पर विचार करना सरकार का काम है न कि अदालत का.

मुकदमे दर्ज होने से सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों का मनोबल गिरता है

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याचिकाकर्ता सैन्यकर्मियों का कहना था कि अशांत क्षेत्रों में ड्यूटी निभाने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है.  सैन्यकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना और उनके खिलाफ अभियोजन चलना आफस्पा के प्रावधानों के खिलाफ है, क्योंकि ऑफिसियल ड्यूटी करने पर उनके खिलाफ अभियोजन नहीं चलाया जा सकता.  सैन्य अधिकारियों को इससे छूट मिली हुई है.  कहा कि सैन्य अधिकारियों के खिलाफ इस तरह के मुकदमे दर्ज होने से सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों का मनोबल गिरता है. मणिपुर जैसे अशांत इलाकों में सैन्यकर्मियों पर ज्यादती करने और फर्जी एनकाउंटर के मामले दर्ज किये जा रहे है.

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