न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

तीन स्वयं सेवी संस्थाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज 

एनजीओ के सचिव,अध्यक्ष सहित आईटीडीए के पूर्व निदेशक व कर्मी भी हैं शामिल

176
          डीसी के निर्देश के बाद परियोजना निदेशक हीरालाल मंडल ने कराई एफआईआर दर्ज

Pakur : जिले के लिट्टीपाड़ा थाने में स्वयं सेवी संस्था रिएक्ट,संजीवनी परिवार सेवा संस्थान एवं यादगार फाउंडेशन के खिलाफ प्रोटोटाइप एवं वनबंधु योजना में सरकारी राशि के गबन, धोखाधड़ी व जालसाजी किये जाने को लेकर तीन अलग अलग प्राथमिकी दर्ज किया गया है. एफआईआर समेकित जनजाति विकास अभिकरण के निदेशक हीरालाल मंडल के लिखित शिकायत पर दर्ज की गई है.

थाना कांड संख्या 69/18 भादवी की धारा 406,420/34 के तहत संस्था रिएक्ट के अध्यक्ष विनय भारद्वाज,सचिव पंकज कुमार एवं कोषाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह, कांड संख्या 70/18 भादवी की धारा 406,408,409,420/34 के तहत यादगार फाउंडेशन अध्यक्ष नीता सिन्हा, सचिव रामबहादुर,प्रधान लिपिक गोपाल मुर्मू नाजिर नुरुल इस्लाम एवं कोषाध्यक्ष अभिजीत रंजन एवं थाना कांड संख्या 71/18 भादवी की धारा 406,408,409,420/34 के तहत संजीवनी परिवार सेवा संस्था के अध्यक्ष सीताराम ठाकुर,सचिव राकेश कुमार,कोषाध्यक्ष ओंकार साह को नामजद अभियुक्त बनाया गया है.

इसे भी पढ़ें:कास्टिज्म की बात करने पर फंसे पलामू SP, गृह विभाग ने किया शोकॉज, मांगा स्पष्टीकरण

एनजीओ रिएक्ट को बिना स्थल निरीक्षण किए ही दोबारा राशि का भुगतान

हीरालाल मंडल ने लिट्टीपाड़ा थाना प्रभारी को दिए आवेदन में उल्लेख किया है कि प्रोटोटाइप योजना के फेज थ्री में वृक्षा रोपण के लिए एनजीओ रिएक्ट पटना के साथ एकरारनामा किया गया. बावजूद अग्रिम राशि लेने के बाद भी तत्कालीन परियोजना निदेशक द्वारा बिना स्थल निरीक्षण किये ही दोबारा राशि का भुगतान कर दिया. उक्त संस्था द्वारा 32 लाख 13 हजार 100 सौ रुपये का समायोजन नहीं किया गया. आटीडीए कार्यालय ने 18 प्रतिशत ब्याज सहित 51 लाख 53 हजार 600 सौ रुपये जमा करने का निर्देश संस्था के अध्यक्ष को नोटिस निर्गत किया गया, बावजूद उनके स्तर से कोई पहल नहीं की गई.

इसे भी पढ़ें:रेहला थाना प्रभारी नूतन मोदी और नावाबाजार थाना प्रभारी अरविंद सिंह शराब पीकर कर रहे थे हंगामा

निदेशक मंडल ने यादगार फाउंडेशन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई

प्रोटोटाइप योजना के तहत वृक्षारोपण के लिए अग्रिम के बाद दूसरी एवं कई बार राशि भुगतान के लिए तत्कालीन कनीय अभियंता तपेश्वर प्रसाद एवं वर्तमान सहायक अभियंता राजकुमार भारती द्वारा कार्य में गुणवत्ता का बेहतर ढंग से जांच किये बिना राशि की भुगतान की अनुशंसा किये जाने का भी मामला जांच के दौरान जांच टीम में शामिल पूर्व उपसमाहर्ता परितोष ठाकुर द्वारा पाया गया.

संस्था रिएक्ट को सोनाधानी, जिरली,शहरपुर, बाडु आदि में वृक्षारोपण किये जाने का एकरारनामा किया गया था. निदेशक मंडल ने यादगार फाउंडेशन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. जिसमें उल्लेख किया है कि संस्था के अध्यक्ष के साथ वनबंधु कल्याण योजना के तहत स्टेशनरी शॉप का एकरारनामा तत्कालिन परियोजना निदेशक लालचंद ड़ाडेल द्वारा किया गया था.

इसे भी पढ़ें- पत्रकार से जाति विशेष बातचीत के दौरान IPS  इंद्रजीत महथा ने अपने जूनियर-सीनियर अफसरों को…

palamu_12

संजीवनी परिवार सेवा संस्थान के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज

संस्था द्वारा राधा,शांति,गरीब सेवा समिति,अटल बाहा, चमेली,दुर्गा,आशा सहित अन्य आजीविका स्वयं सहायता समूह को स्टेशनरी शॉप के लिए 15 लाख 10 हजार रुपये बतौर अग्रिम दी गई. परंतु राशि का समायोजन संस्था ने नही किया. उक्त संस्था को तत्कालीन निदेशक ने बिना स्थल निरीक्षण किये ही दूसरा एवं अन्य अग्रिम राशि दे दी गई. असमायोजित राशि 15 लाख 10 हजार के विरुद्ध 18 प्रतिशत सूद सहित राशि जमा करने को लेकर विभाग ने नोटिस जारी किया था परंतु संस्था ने कोई पहल नहीं की.

भुगतान मामले में कार्यालय के प्रधान लिपिक गोपाल मुर्मू एवं नाजिर नुरुल इस्लाम द्वारा संचिका में नियम के विरुद्ध कार्य किया है. तत्कालीन परियोजना निदेशक ड़ाडेल ने दी गई अग्रिम राशि के विरुद्ध किये गए कार्यों का बिना स्थल जांच ही दूसरा एवं अन्य भुगतान कर दिया गया है. स्वयं सेवी संस्था संजीवनी परिवार सेवा संस्थान के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज किया गया है.

इसे भी पढ़ें- आयुष्मान भारत की हकीकत : 90 हजार में बायपास सर्जरी और 9 हजार में सिजेरियन डिलेवरी

सहायक अभियंता राजकुमार पर मनमाने ढंग से राशि देने का आरोप

एफआईआर में आइटीडीए निदेशक हीरालाल मंडल ने उल्लेख किया है कि तत्कालीन परियोजना निदेशक सुनील कुमार सिंह ने प्रोटोटाइप योजना फेज 7 के तहत मुर्गीपालन योजना का एकरारनामा संजीवनी परिवार सेवा संस्थान के साथ किया. 14 लाख बतौर अग्रिम दी गई थी. पूर्व परियोजना निदेशक लालचंद ड़ाडेल ने दोबारा राशि भुगतान संस्था को कर दिया.

जब मामले की जांच तत्कालीन कार्यपालक दंडाधिकारी सुनीता किस्कू से कराई गई तो जांचोपरांत सहायक अभियंता राजकुमार भारती पर मनमाने ढंग से अग्रिम राशि देने की अनुशंसा करने,प्रधान लिपिक गोपाल मुर्मू एवं नाजिर नुरुल इस्लाम पर आरोप लगाया गया है. उपायुक्त दिलीप कुमार झा ने आईटीडीए निदेशक हीरालाल मंडल को उक्त तीनों एनजीओ के अध्यक्ष,सचिव,कोषाध्यक्ष सहित सरकारी राशि के गबन,धोखधड़ी एवं जालसाजी में शामिल अन्य लोग के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने निर्देश देते हुए उक्त मामलों में लिट्टीपाड़ा में एफआईआर दर्ज कराई गई है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

%d bloggers like this: