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#Deoghar: सांसद निशिकांत दुबे, उनकी पत्नी व 150 समर्थकों पर एफआइआर, मारपीट व धमकी देने का आरोप

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Deoghar: रोक के बावजूद निकास द्वार से बाबा मंदिर में प्रवेश करने को लेकर गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे, उनकी पत्नी अनुकांत दुबे व 150 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है.

पंडा धर्मरक्षिणी सभा के महामंत्री कार्तिकनाथ ठाकुर द्वारा बाबा मंदिर थाने में दर्ज करायी गयी प्राथमिकी में मारपीट, धक्कामुक्की व धमकी का आरोप लगाया गया है.

क्या है मामला

प्राथमिकी में कहा गया है कि 21 फरवरी को दिन के करीब 11:30 बजे महाशिवरात्रि के दिन वह भीड़ में बाबा मंदिर में यात्रियों व श्रद्धालुओं के व्यवस्थित जलार्पण हेतु गर्भगृह निकास द्वार पर पंडा धर्मरक्षिणी सभा के पदाधिकारी व कर्मचारियों, डीसी सह मंदिर प्रशासक व एसपी सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारियों व पुलिस के साथ एसपी के पत्रांक के आलोक में सुनिश्चित कर रहे थे कि कोई भी व्यक्ति निकास द्वार से पंडा बनकर प्रवेश न कर सके.

उसी क्रम में सूचना मिली कि मंदिर प्रशासनिक भवन में शीघ्र दर्शनम से जलार्पण करने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ अव्यवस्थित हो गयी है. सूचना पर सभा के पदाधिकारी के साथ पहुंचे व भीड़ को व्यवस्थित कर रहे थे.

उसी दौरान सूचना मिली कि गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने पत्नी अनुकांत दुबे, अंगरक्षकों और समर्थकों के हुजूम के साथ बाबा वैद्यनाथ मंदिर निकास द्वार से अनधिकृत जबरन प्रवेश किया है.

जब उनके इस गलत कार्य पर सभा कर्मचारी ने आपत्ति की तो क्रोधित हो गये व साथ उपस्थित अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर सौरव झा व गौतम नरौने को गाली-गलौज करते हुए निकास द्वार से ही प्रवेश कर गये.

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असंसदीय भाषा प्रयोग कर अपमानित करने का आरोप

प्राथमिकी में ठाकुर ने कहा है कि जब वह निकास द्वार पर पहुंचे तो कुछ देर बाद उपरोक्त लोग गर्भगृह से बाहर आ रहे थे. उन्होंने सांसद के एक समर्थक को कहा कि आपलोगों ने जायज किया है.

इसपर सांसद व उनकी पत्नी दोनों उनके ऊपर क्रोधित हो गये. दोनों ने मिलकर हजारों लोगों की भीड़ में सार्वजनिक रूप से असंसदीय भाषा प्रयोग कर अपमानित करना शुरू कर दिया.

उसके बाद सभी लोग चले गये. घटना के 15 से 20 मिनट बाद पुनः सांसद, पत्नी अनुकांत दुबे व समर्थकों के हुजूम के साथ बाबा बैद्यनाथ मंदिर निकास द्वार पर पहुंचे व अनेक प्रकार से उन्हें बरबाद कर देने की धमकियां देने लगे व निकास द्वार को जबरन अवरुद्ध कर दिया.

इस दौरान बाबा वैद्यनाथ मंदिर के अंदर गर्भगृह में उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं को बाहर आने से रोक दिया. गर्भगृह व मंझला खंड में अफरा-तफरी मचने लगी व अंदर फंसे भक्तजनों को घुटन महसूस होने लगी.

वहां यह संभावना हो गयी कि गर्भगृह के अंदर कोई अप्रिय घटना हो सकती है. उपरोक्त लोगों ने वहां ड्यूटी पर उपस्थित सरकारी पदाधिकारी, कर्मचारी व पुलिस को अपने काम करने से बाधित कर दिया उसके बाद उन लोगों के द्वारा अनुरोध करने के बाद भी वह जबरन वहां बैठे रहे व सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारी, कर्मचारी व पुलिस को कार्य करने में व्यवधान डाला. काफी समय बाद वे लोग वहां से चले गये.

इस घटनाक्रम के दरम्यान सांसद व उनके साथ आये लोगों द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और धक्का-मुक्की व मारपीट करने की कोशिश की जाने लगी. उन्हें बचाने के क्रम में सभा के कर्मचारी रवि दत्त द्वारी को उपरोक्त व्यक्तियों ने धक्का-मुक्की की, जिससे बायें पैर में चोट लगी.

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झूठे आपराधिक केस में फंसा देने की धमकी दी

पंडा के द्वारा दर्ज करायी गयी प्राथमिकी में कहा गया है कि 21 फरवरी को दिन के करीब 2:00 से 2:30 बजे जब वह निकास द्वार पर उपस्थित थे.

उसी दौरान निशिकांत दुबे अपने करीब डेढ़ सौ समर्थकों के साथ वहां पहुंचे व अनेकों प्रकार से बर्बाद कर देने व झूठे आपराधिक केस में फंसा देने की धमकी दी.

उनके व उनके समर्थकों के आचरण व कृत्य से पूरे मंदिर में उपस्थित हजारों यात्रियों में भगदड़ जैसा माहौल उत्पन्न हो गया. सभी तीर्थयात्री भी निकास द्वार से जबरन घुसने की कोशिश करने लगे, जिससे अराजकता की स्थिति हो गयी.

बाद में वहां उपस्थित जिले के वरीय पदाधिकारियों के हस्तक्षेप व बहुत प्रयास करने के उपरांत सांसद व उनके समर्थक मंदिर प्रशासनिक भवन चले गये.

प्राथमिकी में उन्होंने यह भी जिक्र किया है कि पूर्व मुख्यमंत्री व तत्कालीन बाबा वैद्यनाथ व बासुकीनाथ श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष रघुवर दास द्वारा बाबा वैद्यनाथ मंदिर में किसी भी वीआइपी पूजा पर पूर्णतः रोक लगा दी गयी थी.

वर्तमान अध्यक्ष द्वारा भी उक्त आदेश को निरस्त नहीं किया गया है. वर्तमान में भी उक्त आदेश पूर्णतः लागू है. यह भी जिक्र किया गया है कि सांसद के आपराधिक समर्थकों के द्वारा काफी हंगामा मचाया गया जिसके बाद वह अपराह्न करीब 4:30 बजे शाम मंदिर थाना शिकायत दर्ज कराने गये थे.

लेकिन थाना इंचार्ज मेला ड्यूटी में कहीं व्यस्त थे और वहां उपस्थित पुलिस पदाधिकारी द्वारा उन्हें दूसरे दिन आने की बात कही गयी. बाद में जब दूसरे दिन भी वह आवेदन देने के लिए गये तो उनकी शिकायत वहां नहीं ली गयी.

इसके बाद उन्होंने एसपी को शिकायत दी व प्राथमिकी दर्ज करने की गुहार लगायी. उसके बाद बाबा मंदिर थाना में मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस छानबीन में जुटी है.

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