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वित्त मंत्रालय ने #BSNL-MTNL के 74 हजार करोड़ के रिवाइवल पैकेज पर रोक लगायी

NewDelhi : वित्त मंत्रालय ने भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और महानगर टेलिफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) के 74 हजार करोड़ रुपये के रिवाइवल पैकेज के प्रस्ताव पर वर्तमान में रोक लगा दी है. वित्त मंत्रालय ने दूरसंचार मंत्रालय से नया प्लान लाने के लिए कहा है.

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार दूरसंचार मंत्रालय ने कहा है कि इन दोनों सरकारी टेलिकॉम कंपनियों को बंद करने से सरकार को लगभग 95 हजार करोड़ रुपये खर्च करने पड़ेंगे.

बीएसएनएल ने अपने पैकेज में कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र 60 साल से घटाकर के 58 साल करने को कहा गया था. इस क्रम में बीएसएनएल के 1.65 लाख कर्मचारियों को आकर्षक वीआरएस पैकेज देने की बात कही गयी थी.

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पीएमओ ने प्लान को मंजूरी दी थी

बताया गया कि बीएसएनएल और एमटीएनएल के लिए रिवाइवल प्लान को पीएमओ से सैद्धांतिक मंजूरी मिल गयी थी. प्लान के अनुसार दोनों कंपनियों को पूरे देश में 4जी सेवाओं को शुरू करने के लिए लाइसेंस दिया जायेगा. ऐसा करने से दोनों कंपनियों की खराब वित्तीय हालत सुधारने का मौका मिलेगा.

संयुक्त कमिटी बनाने की मंजूरी

हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय ने विलय, लोन और संपत्तियों को बेचने के प्रस्ताव पर स्पेशल पर्पज व्हीकल को खड़ा करने के फैसले को टाल दिया है. लेकिन दोनों कंपनियों की संपत्तियों को बेचने या फिर किराये पर देने के एक संयुक्त कमिटी बनाने की मंजूरी दे दी है.

इस कमिटी में बीएसएनएल, दूरसंचार विभाग और विनिवेश विभाग के अधिकारी शामिल होंगे. अब इन सभी प्रस्तावों को कैबिनेट के पास मंजूरी के लिए भेजा जायेगा.

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केंद्र की इस मदद से बीएसएनएल को 6365 करोड़ रुपये और एमटीएनएल को 2120 करोड़ रुपये इस मद में मिलेंगे. इसके एवज में सरकार 10 साल के लिए जारी बांड गिरवी रखेगी.

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बीएसएनएल पर 14 हजार करोड़ व एमटीएनएल में 19 हजार करोड़ रुपये की उधारी 

वर्तमान में बीएसएनएल पर 14 हजार करोड़ की देनदारी है. खबर है कि वित्त वर्ष 2017-18 में उसे 31287 करोड़ का नुकसान हुआ था.  कंपनी में फिलहाल 1.76 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं. अगर वीआरएस दिया जाता है तो कर्मचारियों की संख्या अगले 5 सालों में 75 हजार रह जायेगी.

एमटीएनएल में फिलहाल 22 हजार कर्मचारी हैं और कंपनी की 19 हजार करोड़ रुपये की उधारी है.  कंपनी अपनी 90 फीसदी आय कर्मचारियों को वेतन देने में खर्च करती है. अगले 6 साल में कंपनी के लगभग 16 हजार कर्मचारी रिटायर हो जानेवाले हैं.

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