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#Finance_Minister निर्मला सीतारमण ने SBI को संवेदनहीन और अक्षम करार दिया,  बैंक अधिकारियों ने कहा, ऐसा व्यवहार उचित नहीं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने SBI को  संवेदनहीन और अक्षम करार दिया. इसकी प्रतिक्रिया में  बैंक अधिकारियों के सबसे बड़े संगठन  एआईबीओसी ने कहा कि हमारा विचार है कि जनप्रतिनिधियों को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शीर्ष अधिकारियों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए.

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NewDelhi :  देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और उसके उच्चाधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने SBI को  संवेदनहीन और अक्षम करार दिया. इसकी प्रतिक्रिया में  बैंक अधिकारियों के सबसे बड़े संगठन  एआईबीओसी ने कहा कि हमारा विचार है कि जनप्रतिनिधियों को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शीर्ष अधिकारियों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार यह घटना 27 फरवरी को गुवाहाटी में एक वित्तीय समावेशन आउटरीच कार्यक्रम में घटी, जहां वित्त मंत्री बोल रही थीं.  कार्यक्रम वित्तीय सेवा विभाग के साथ राज्य स्तरीय बैंकर्स समितियों (एसएलबीसी) द्वारा आयोजित किया गया था.

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मैं आपको विफलता के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराती हूं

खबरों के अनुसार एसबीआई और उसके शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ निर्मला सीतारमण ने यह टिप्पणी इसलिए कि क्योंकि असम में चाय बागान कामगारों के करीब 2.5 लाख बैंक खाते चालू नहीं थे.   घटना के एक ऑडियो क्लिप में सीतारमण पूछती हैं कि कैसे जल्द ही खातों को चालू किया जा सकता है. इस पर एक एसबीआई अधिकारी को यह कहते हुए सुना जाता है कि बैंक को इन खातों को चालू करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से कुछ मंजूरी की आवश्यकता है और यह एक सप्ताह के भीतर किया जा सकता है.

मेरे धैर्य की परीक्षा न लें…

यह सुनते ही वित्त मंत्री बेहद सख्ती से कहती हैं, मेरे धैर्य की परीक्षा न लें…मेरे धैर्य की परीक्षा न लें. एसबीआई के अध्यक्ष आप मुझसे इस मामले पर दिल्ली में मिलेंगे और मैं इसे नहीं जाने दे रही हूं. यह काम न करने की लापरवाही है. मैं आपको विफलता के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराती हूं और मैं आपके साथ विस्तार से बातचीत करूंगी. कहा कि आपको खाते   चालू करवाने चाहिए. चाय बागानों के मजदूरो में से किसी को भी आपकी जिद्द के कारण नुकसान नहीं होना चाहिए. जान लें कि एसएलबीसी की बैठक में असम के वित्त मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के साथ केंद्र और राज्य के कई शीर्ष अधिकारी मौजूद थे.

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निर्मला सीतारमण द्वारा फटकार लगाये जाने की ओलाचना

इस घटना के बाद ऑल इंडिया बैंक आफिसर्स कॉनफेडरेशन (एआईबीओसी) ने  SBI के चेयरमैन रजनीश कुमार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा कथित रूप से फटकार लगाए जाने की ओलाचना की है. संगठन ने कहा, वित्त मंत्री ने एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार की तीखी आलोचना की और उनपर आरोप लगाया कि वह ऋण देने में, विशेष रूप से असम के चाय बगान कामगारों को लोन देने में, असफल रहे हैं.

संगठन ने 13 मार्च को एक बयान में कहा कि ऑडियो क्लिप के माध्यम से सामने आयी गुवाहाटी की इस घटना की, जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार को फटकार लगायी थी…की कड़ी निंदा की जाती है. संगठन ने कहा कि यह क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल है.

एआईबीओसी ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि 27 फरवरी, 2020 को गुवाहाटी में आयोजित एसबीआई वित्तीय समावेशन संपर्क कार्यक्रम में असम के वित्त मंत्री और डीएफएस के अन्य अधिकारियों तथा अन्य बैंकों के प्रमुखों की उपस्थिति में वित्त मंत्री ने एसबीआई और उसके चेयरमैन रजनीश कुमार की काफी आलोचना की.

एआईबीओसी बैंक अधिकारियों का सबसे बड़ा संगठन है

एआईबीओसी बैंक अधिकारियों का सबसे बड़ा संगठन है और इसकी सदस्य संख्या करीब तीन लाख 20 हजार  है. संगठन के अनुसार वित्त मंत्री ने एसबीआई को हृदयहीन बैंक बताया और देश के सबसे बड़े बैंक के प्रमुख का अपमान किया. इस क्रम में एआईबीओसी ने कहा, सबसे दुखद बात यह है कि किसी ने पूरी घटना को रिकॉर्ड किया और सुनिश्चित किया कि वह सोशल मीडिया पर वायरल हो.

संगठन ने कहा, हमारा विचार है कि जनप्रतिनिधियों को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शीर्ष अधिकारियों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए. कहा कि हम मांग करते हैं कि किसी असामाजिक तत्व द्वारा कार्यक्रम के दौरान रिकॉडिंग किये जाने और सोशल मीडिया का दुरुपयोग किये जाने के मामले की जांच होनी चाहिए.

उधर 13 मार्च को सामने आये एआईबीओसी के बयान की असम के वित्त मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 14 मार्च को रात के 9:44 बजे ट्वीट कर की निंदा की.  इसके कुछ घंटे बाद 15 मार्च देर रात  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक ट्वीट किया जिसमें एआईबीओसी द्वारा एक ईमेल करके अपना बयान वापस लेने की जानकारी दी गयी थी.

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