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आरआरडीए ने अपनाया सख्त तेवर, बकाया प्राप्त करने के लिए दुकानदारों को भेजेगा अंतिम नोटिस

रेंट नहीं देने पर अब सील होगी दुकान, फिर से किया जायेगा ऑक्शन, आरआरडीए के 773 दुकानदारों के पास 4.49 करोड़ रुपये बकाया

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Ranchi : आरआरडीए ने अपने स्वामित्व वाली दुकानों को रेंट पर लिये दुकानदारों के साथ अब सख्त रवैया अपनाने का मन बना लिया है. बार-बार दुकानदारों को नोटिस देने के बाद भी रेंट कलेक्शन नहीं हो पा रहा है. अब भी दुकानदारों के पास आरआरडीए का लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये का रेंट बकाया है. आरआरडीए अध्यक्ष परमा सिंह ने बताया कि अब दुकानदारों को अंतिम नोटिस भेजा जायेगा. इसके बाद दुकानों को सील करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी जायेगी. आरआरडीए अध्यक्ष ने बताया कि सबसे ज्यादा बकाया कचहरी स्थित आरआईटी बिल्डिंग का है. आरआईटी बिल्डिंग में 41 दुकानें हैं और यहां का बकाया एक करोड़ 45 लाख रुपये है. वहीं, रातू रोड स्थित न्यू मार्केट का बकाया एक करोड़ 43 लाख रुपये है. हालांकि, यहां की दुकानों की संख्या ज्यादा है. न्यू मार्केट में 245 दुकानें आरआरडीए की हैं. परमा सिंह ने बताया कि 15 साल से भी अधिक समय से दुकानदारों ने भाड़ा नहीं दिया है. इतना कम रेट होते हुए भी दुकानदार भाड़ा देने में आनाकानी करते हैं. नोटिस भी भिजवाया जा चुका है, इसके बाद भी दुकानदार रेंट देने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं, बल्कि उल्टे कोर्ट जाने की धमकी देते हैं. अध्यक्ष ने बताया कि अब दुकानदारों को अंतिम नोटिस भेजा जायेगा, यदि फिर भी दुकानदार भाड़ा नहीं देते हैं, तो दुकानों को सील कर फिर से उसका ऑक्शन होगा.

रेंट बढ़ाकर 25 रुपये प्रति वर्गफीट किया जायेगा

अध्यक्ष परमा सिंह ने बताया कि दुकानों का भाड़ा बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है. बोर्ड की अगली बैठक में रेंट बढ़ाकर 25 रुपये प्रति वर्गफीट करने का प्रस्ताव लाया जायेगा. उन्होंने बताया कि नियमों के अनुसार हर तीन साल में दुकान का किराया बढ़ाना है, इसके कुछ नियम हैं. उस अनुसार भाड़ा बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार हो रहा है. वर्तमान में 15 रुपये वर्गफीट दुकान का भाड़ा लिया जाता है. यह रेंट 2012 के अनुसार लिया जा रहा है. छह साल से बढ़ोतरी नहीं हुई है, अब फिर से भाड़ा बढ़ाया जायेगा.

कहां की कितनी दुकानों का कितना बकाया

राजधानी के अलग-अलग स्थानों पर रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (आरआरडीए) की 773 दुकानें हैं. इनमें न्यू मार्केट रातू रोड में 245 दुकानें हैं, जहां 1.43 करोड़ रुपये बकाया है. इसके अलावा न्यू डेली मार्केट मेन रोड में 226 दुकानें हैं, जहां 51 लाख 33 हजार रुपये, न्यू मार्केट कांके की 109 दुकानों का एक करोड़ 21 लाख रुपये, बिरसा बस स्टैंड कांटाटोली में 115 दुकानों के 63 लाख नौ हजार रुपये, विभिन्न स्थानों पर लगे 24 कियोस्क के 36 लाख रुपये, कचहरी मार्केट की 13 दुकानों के एक लाख 47 हजार रुपये और आरआईटी बिल्डिंग में स्थित 41 दुकानों के लगभग एक करोड़ 41 लाख रुपये बकाया हैं. यह राशि नवंबर 2018 तक की है.

कई दुकानदारों ने अपनी दुकान को कर दिया है सबलेट

प्राधिकार के अध्यक्ष ने बताया कि आरआरडीए के स्वामित्व वाली कई ऐसी दुकानें हैं, जिन्हें सबलेट भी किया गया है. ऐसी लगभग 30 से ज्यादा दुकानें हैं. सबलेट का मतलब दुकान किसी और व्यक्ति ने अपने नाम से ली है और उसने उस दुकान को फिर किसी दूसरे को भाड़े पर दे दिया है. इससे वह व्यक्ति जिसने दुकान भाड़ा पर दिया है, वह प्राधिकार की संपत्ति से अच्छी-खासी रकम कमा रहा है, लेकिन प्राधिकार को कोई प्रॉफिट नहीं हो रहा है. परमा सिंह ने बताया कि ऐसी दुकानों का सर्वे कराया जायेगा. कमिटी बनाकर इसकी जांच करायी जायेगी. रिपोर्ट के आधार पर ऐसे दुकानदारों पर कार्रवाई की जायेगी.

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