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तीन महीने से दिव्यांग पेंशन की फाइल पड़ी है महिला और बाल विकास सचिव के पास

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  • सरकार ने दिव्यांग जनों के लिए एक हजार रुपये पेंशन देने की घोषणा की थी 
  • रांची, चाईबासा और हजारीबाग में नेत्रहीनों और मूक-बधिर विद्यार्थियों के हाई स्कूल का मामला भी अधर में
  • स्वामी विवेकानंद दिव्यांग जन विकास सोसायटी की संचिका नहीं बढ़ रही कैबिनेट तक
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Ranchi: मुख्यमंत्री रघुवर दास के आदेश के बाद महिला और बाल विकास विभाग की ओर से दिव्यांग जनों के विकास से संबंधित कई संचिकाएं आगे नहीं बढ़ायी जा रही हैं. विभाग के सचिव डॉ अमिताभ कौशल के पास नेत्रहीन और मूक बधिर छात्रों के लिए हाई स्कूल की पढ़ाई शुरू करने की संचिका पड़ी हुई है. मुख्यमंत्री ने दिसंबर 2017 में दिव्यांग जनों के लिए एक हजार रुपये पेंशन देने की भी घोषणा की थी. यह संचिका विभाग के पास तीन महीनों से पड़ी हुई है. इतना ही नहीं कारपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) फंड से दिव्यांग जनों की जरूरतों को पूरा करने की योजना भी खटाई में पड़ गयी है. राज्य के नि:शक्तता आयुक्त की तरफ से इस संबंध में स्वामी विवेकानंद दिव्यांग जन विकास सोसाइटी का प्रस्ताव विभागीय सचिव के अनुमोदन के लिए भेजा गया था. प्रस्ताव पर सहमति देकर उसे राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में पारित कराने की योजना बनायी गयी थी. इस सोसायटी का निबंधन भी सरकार के अनिर्णय की स्थिति को लेकर अधर में पड़ा हुआ है. सरकार सोसाइटी के लिए दो करोड़ रुपये का प्रावधान भी कर रही हैं. इसके लिए निदेशक मंडल और अन्य पदों का सृजन भी लटक गया है.

निर्णय नहीं लेने से हाई स्कूल की पढ़ाई का मामला लटका

राज्य सरकार की ओर से नेत्रहीन और मूक बधिर छात्रों के लिए हाई स्कूल स्तर की शिक्षा का प्रस्ताव था. इसके लिए रांची में नेत्रहीनों के लिए हाई स्कूल संचालित करना था. इसके अलावा चाईबासा और हजारीबाग में मूक बधिर बच्चों के लिए स्कूल संचालित करना था. इसके लिए सरकार दो करोड़ रुपये की मंजूरी भी दे चुकी है. पर विभागीय प्रमुख की शिथिलता की वजह से 2018-19 का शैक्षणिक सत्र शुरू नहीं हो पाया. सरकार की ओर से विद्यालय के लिए आधारभूत संरचना भी तैयार कर ली गयी है. हाई स्कूल परिसर में मध्य विद्यालय भी चलाने की योजना है.

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क्या कहती हैं मंत्री

महिला और बाल विकास मंत्री डॉ लुईस मरांडी पूरे प्रकरण से वाकिफ नहीं है. उपरोक्त आरोपों के बारे में उनका कहना है कि वे विभागीय सचिव को बुलाकर जानकरी लेंगी. चूंकि मुख्यमंत्री ने ये घोषणा की है, तो इसका समय पर पालन होना चाहिए.

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