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#FightAgainstCorona: रांची की मेयर ने सीएम को लिखा खुला पत्र, कहा- निगम को सरकार दे 10 करोड़ रुपये

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Ranchi:  वैश्विक महामारी कोरोना के कारण रांची नगर निगम क्षेत्र में आ रही समस्याओं को लेकर मेयर आशा लकड़ा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक खुला पत्र लिखा है.

उन्होंने सीएम से कहा है कि कोरोना से लड़ाई के लिए निगम को 10 करोड़ राशि की आवश्यकता है. इसके लिए जल्द से जल्द निगम को यह राशि उपलब्ध कराया जाये.

साथ ही मेयर ने पत्र में लिखा है कि लॉकडाउन के दौरान निगम क्षेत्र में जो योजनाएं शुरू की गयी हैं, उनके क्रियान्वयन व संचालन में कई त्रुटियां हैं. ऐसे में जल्द ही इन योजनाओं की समीक्षा कर संबंधित त्रुटियों को दूर करने की आवश्यकता है.

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सोशल डिस्टेंसिंग का नहीं हो रहा पालन

लॉकडाउन के दौरान निगम क्षेत्र में चल रही योजनाओं की हरदिन समीक्षा की बात करते हुए मेयर ने बताया है कि इस दौरान कोरोना से बचाव के लिए बरती जा रही सावधानियां  जैसे सोशल-डिस्टेंसिंग का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है.

भोजन के लिए सैंकड़ों की संख्या में लोग पंक्ति में खड़े  हो रहे है. भीड़ में खडे़ लोगों को भोजन के लिए चूड़ा -गुड़ भी दिया जा रहा है, जबकि हकीकत यही है कि राज्य के गरीब लोग दाल भात, सब्जी या रोटी खाते हैं.

ऐसे में इन गरीबों या जरूरतकंदों को पेट भरने या भूख मिटाने के लिए चूड़ा-गुड़ दिया जाना उचित नहीं है.

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हजारीबाग से सीख लेते हुए कोरोना मरीजों पर रखा जाये विशेष ध्यान 

आशा लकड़ा ने कहा है कि राजधानी के जिस इलाके में कोरोना मरीजों को रखा जा रहा है, उसकी निगरानी की उचित व्यवस्था प्रशासन द्वारा की जाये.

हजारीबाग में कोरोना पॉजिटिव मरीज का उदाहरण देते हुए मेयर ने कहा कि यह मरीज आइसोलेशन वार्ड से बाहर निकल कर घंटों सड़क पर घूमता रहा और लिट्टी-चौखा भी खाया. यह बहुत ही गंभीर मामला है.

ऐसे में यह जरूरी है कि जिस जगह पर कोरोना वायरस से संक्रमित/संदिग्ध मरीज को रखा जा रहा है वहां सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की जाये.

चिट्ठी की मुख्य बातें

  • मुख्यमंत्री दाल-भात केंद्र और सामुदायिक रसोई घर के द्वारा गरीबों व जरूरतमंदों को लाभ केवल निगम के शहरी इलाकों के लोगों को मिल रहा है. जबकि शहर के स्लम क्षेत्रों व आदिवासी बस्तियों तक यह लाभ नहीं पहुंच पा रहा है. ऐसे में इन लोगों तक यह सुविधा मिले, इस और ध्यान दिया जाये. मेयर ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्लम क्षेत्रों व आदिवासी बस्तियों में दीदी किचन का व्यवस्था करने की मांग सीएम से की है.

 

  • रांची के 9 जगहों पर मुख्यमंत्री दाल-भात केन्द्र के तहत जरूरतमंदो के लिए भोजन व्यवस्था की गयी है. लेकिन इन केंद्रों पर जलावन की कोई व्यवस्था नहीं हो पा रही है. यह जानकारी उन्हें निरीक्षण के दौरान संचालको से मिली है. उक्त स्थानो पर जलावन की व्यवस्था किये जाने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने को कहा है. ऐसा नहीं करने पर यह केंद्र बंद भी हो सकता है.

 

  • रांची नगर निगम क्षेत्र में 2400 सफाईकर्मी बिना सुरक्षा किट के लिए हर दिन सफाई काम कर रहे है. इनके लिए पीपीई किट समेत अन्य उपकरणों की आवश्यकता है.

 

  • पूरे शहर व एक-एक घर, अपार्टमेंट व स्लम क्षेत्रों का सैनिटाइज करने के लिए निगम के पास संसाधनों की कमी है. इस कार्य के लिए हैंडगन, स्प्रे सैनिटाइजर मशीन, सोडियम हाइपोक्लोराइट केमिकल, ब्लीचिंग पाउडर, हैंड सैनिटाइजर समेत अन्य संसाधनों की आवश्यकता है.

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