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#FightAgainstCorona : रांची डिवीज़न का रेलवे अस्पताल कोरोना चैलेंज के लिए कितना है तैयार?

  • 7000 कर्मचारियों के लिए हटिया डीआरएम ऑफिस और रेलवे अस्पताल में थर्मल स्क्रीनिंग की नहीं है सुविधा, मास्क का भी है अभाव
  • डीआरएम ऑफिस, हटिया आज से बंद, केवल कंट्रोल रूम सेवा रहेगी जारी

Ranchi: कोरोना महामारी का सामना करने को रांची रेलवे डिवीज़न भी अपनी तैयारी कर रहा है. फ़िलहाल 31 मार्च तक के लिए उसने हटिया व रांची से खुलनेवाली लगभग 60 ट्रेनों को कैंसिल कर रखा है.

बुधवार से डीआरएम कार्यालय, हटिया को भी बंद कर दिया गया है. कोरोना से निपटने को रेलवे बैरक हटिया में 50 बेड का क्वारंटाइन सेंटर 22 मार्च के जनता कर्फ्यू से पूर्व ही तैयार करके रखा गया है.

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सुरक्षा के लिए 50 फीसदी से अधिक कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम के लिए कहा जा चुका है. हालांकि अब भी उसके अपने कर्मचारियों के लिए कोरोना से बचाव और निदान के स्तर पर कई चुनौतियां दिख रही हैं.

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रेलवे के हटिया स्थित अस्पताल में रेलवे कर्मचारियों के लिए कोरोना की प्रारंभिक पहचान और उसके लिए समुचित निदान के मामले में कमियां दिख रही हैं.

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थर्मल स्क्रीनिंग की सुविधा का अब भी है अभाव, मास्क की भी कमी

रांची रेलवे डिवीज़न में सभी सेक्शनों (विभागों) में लगभग 7000 कर्मचारी काम करते हैं. ऑपरेटिंग सिस्टम में ही 1000 से अधिक लोग काम करते हैं. ट्रेन बंद होने के बावजूद रांची डिवीज़न के विभिन्न रेलवे स्टेशनों में अब भी सैकड़ों कर्मचारी विभिन्न कामों के लिए जा ही रहे हैं.

ऐसे में उन्हें भी कोरोना संक्रमण का भय सता रहा है. हटिया में डीआरएम कार्यालय के बगल में स्थित मुख्य अस्पताल परिसर में संजीवनी केंद्र में जरूरतमंद पेशेंट को भरती किये जाने की भी सुविधा है. संजीवनी के समीप ही ओपीडी सेवावाला अस्पताल भी है. हालांकि दोनों में से किसी में भी प्रवेश द्वार पर बैठे गार्ड के पास थर्मल स्क्रीनिंग के जरिये प्रारंभिक तौर पर आगंतुकों की कोरोना सम्बन्धी जांच के लिए सुविधा नहीं है. यहां तक कि डीआरएम ऑफिस के एंट्री गेट पर भी इसकी सुविधा नहीं है. यहां आगंतुकों के लिए महज सैनिटाइजर की ही सुविधा है.

6 हजार से अधिक कर्मचारी और पदाधिकारियों के लिए 8 बेड का है आइसोलेशन वार्ड

रांची डिवीज़न में काम करनेवाले 7000 लोगों के लिए हटिया स्थित मुख्य अस्पताल में पुरुषों और महिलाओं के लिए 4-4 बेड का कुल 8 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है. कर्मचारियों में भय है कि अचानक से 5-10 लोग अगर संक्रमित होकर अस्पताल पहुंच गये तो इसे कैसे संभाला जायेगा.

ओपीडी में निरंतर कई मरीज सर्दी बुखार जैसे मामले लेकर आते रहते हैं. डॉक्टर उन्हें अपने स्तर से जांच कर सामान्यतः घर भेज देते हैं. जरूरत पड़ने पर उन्हें घर पर ही आराम करने को कहते हैं. कुछ कर्मचारियों के अनुसार जब वे अपने-अपने काम पर जाते हैं और घर लौटते हैं तो थर्मल स्क्रीनिंग से जांच नहीं किये जाने पर दिन भर भय समाया रहता है कि कहीं वे किसी सहयोगी कर्मचारी के कारण संक्रमित तो नहीं हो चुके हैं.

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कोरोना की आशंका मामले में अवकाश का नहीं है स्पष्ट प्रावधान

हटिया रेलवे में काम करनेवाले कई कर्मचारियों के अनुसार लगभग 30 कर्मचारी ऐसे हैं जो मूलतः दक्षिण भारतीय हैं. वे समय-समय पर अपने घर जाते रहते हैं. उनके साथ काम करने के दौरान अब मन में संदेह की स्थिति बनी रहती है कि कहीं वह किसी तरह से संक्रमित न हो गये हों.

हालांकि रेलवे के वरिष्ट पदाधिकारियों ने रांची डिवीज़न के सभी ऐसे कर्मचारियों का विवरण मांगा है जो जनवरी 2020 से कहीं विदेश घूमने गये हों या फिर किसी प्रभावित क्षेत्र जैसे महाराष्ट्र, केरल वगैरह गये हों.

जानकारी के अनुसार सभी ने इससे सम्बंधित जानकारी दे दी है. इन सबके बीच अगर कोई कर्मचारी अस्पताल जा रहा है और उसे घर पर आराम करने की सलाह डॉक्टर द्वारा दिये जाने पर रेलवे द्वारा अर्जित अवकाश से छुट्टी काटे जाने की बात कही जा रही. ऐसे में पीड़ित कर्मचारी घर में तुरंत सीमित हो जाने के बजाये सम्बंधित विभाग के पास डॉक्टर की पर्ची लेकर दौड़ रहा है और छुट्टी की अर्जी लगा रहा है.

यह भी एक खतरनाक स्थिति की न्योतने जैसा है. अभी केवल 50 साल से अधिक कर्मचारियों के मामले में ही रियायत दी जा रही है. अपेक्षित तौर पर कर्मचारियों को मास्क भी नहीं मिला और सैनिटाइजर की भी व्यवस्था जगह-जगह पर नहीं होने से संक्रमण का भय बना हुआ है.

बल्क में मंगाया जा रहा मास्क, सैनिटाइजर कराया गया है उपलब्ध : सीपीआरओ

सीपीआरओ नीरज कुमार के अनुसार हटिया डीआरएम ऑफिस बुधवार से बंद कर दिया गया है. प्रतिदिन 80 से अधिक मालगाड़ियां हटिया व रांची से होकर गुजरती हैं. सो केवल कंट्रोल रूम में ही शिफ्टवाइज काम जारी रहेगा. रेलवे अस्पताल में प्रारंभिक जांच के बाद डॉक्टरी सलाह पर कर्मचारी मैसेज करके अवकाश पर जा सकते हैं. अभी पर्याप्त मात्रा में मास्क मंगाये जा रहे हैं. जगह-जगह पर सैनिटाइजर की सुविधा दी जा चुकी है. थर्मल स्क्रीनिंग मशीन के लिए भी पहल हो रही है.

न्यूज विंग की अपील

देश में कोरोना वायरस का संकट गहराता जा रहा है. ऐसे में जरूरी है कि तमाम नागरिक संयम से काम लें. इस महामारी को हराने के लिए जरूरी है कि सभी नागरिक उन निर्देशों का अवश्य पालन करें जो सरकार और प्रशासन के द्वारा दिये जा रहे हैं. इसमें सबसे अहम खुद को सुरक्षित रखना है. न्यूज विंग की आपसे अपील है कि आप घर पर रहें. इससे आप तो सुरक्षित रहेंगे ही दूसरे भी सुरक्षित रहेंगे.

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