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#FightAgainstCorona : युद्धपोत, प्लेन से लेकर सेना की पूरी मशीनरी अलर्ट पर, 8,500 डॉक्टर भी तैयार

New Delhi: देश भर में कोरोना के संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं. देश भर में 21 दिनों का लॉकडाउन घोषित किया जा चुका है. प्रशासनिक और चिकित्सा मशीनरी दिन रात कार्य में जुटी हुई है. ऐसे में देश की सेना भी अलर्ट हो गयी है.

देश में कोरोना से जंग अब औऱ तेजी से बढ़ने की आशंका है. ऐसे में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कोरोना से जुड़ी सेना की तैयारियों का जायजा लिया.

भारतीय वायुसेना किसी भी आपात स्थित में चिकित्सा से जुड़े साजो-सामान लाने-ले जाने के लिए तैयार है. वायुसेना की ट्रांसपोर्ट फ्लीट इस कार्य के लिए तैयार है. भारतीय नौसेना के युद्धपोत भी किसी भी स्थिति में तैनाती के लिए अलर्ट पर हैं. इसके अलावा सेना के 8,500 डॉक्टर भी किसी प्रकार की आपात स्थिति के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आदेश दिया है कि स्थिति को नियंत्रण में रखने का हर संभव प्रयास कर रहे सिविल प्रशासन को सभी तरह की मदद दी जाये.

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सेना प्रमुख पहले ही कर चुके हैं ऑपरेशन नमस्ते की घोषणा

इससे पहले सेना प्रमुख एमएम नरवणे ने कहा था कि भारतीय सेना कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ने को तैयार है. इसके लिए भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन नमस्ते’ की शुरुआत की है. सेना प्रमुख ने एलान करते हुए कहा कि अतीत के सभी अभियानों को हमारी सेना ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया है और ऑपरेशन नमस्ते को भी सफलतापूर्वक अंजाम दिया जायेगा.

सेना ने साउदर्न कमांड, ईस्टर्न कमांड, वेस्टर्न कमांड, सेंट्रल कमांड, नॉर्दन कमांड, साउथ वेस्टर्न कमांड और दिल्ली मुख्यालय में कोरोना हेल्प लाइन सेंटर बनाया है. इसके जरिए कोरोना वायरस से जूझ रहे लोगों की मदद सेना करेगी.

8,500 डॉक्टर भी तैयार

सेना के 8,500 डॉक्टर और सपोर्ट स्टाफ भी कोरोना से निपटने के लिए सिविल प्रशासन को मदद देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. सेना ने अपने सेवानिवृत्त स्वास्थ्य कर्मचारियों और डॉक्टरों को भी मदद के लिए तैयार रहने को कहा है. इसके अलावा NCC के 25,000 कैडेट्स को सिविल प्रशासन की मदद के लिए तैयार किया जा रहा है.

जरूरी उपकरण बनाने की तैयारी

सेना की पब्लिक सेक्टर यूनिट जरूरी मेडिकल उपकरण बना रही है. वायुसेना को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, मणिपुर और नगालैंड में मेडिकल सप्लाई पहुंचाने के लिए तत्काल ऐक्टिव कर दिया गया है. वायुसेना ने बताया कि उसके विमानों ने पिछले 3 दिनों में 25 टन सप्लाई को गंतव्य तक पहुंचाया है. वायुसेना ने सी-17 हेवी लिफ्टर, AN-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्रॉफ्ट और सी-130J स्पेशल ऑपरेशन एयरक्रॉफ्ट को सिविल प्रशासन के आग्रह पर ऐक्टिव किया जा रहा है.

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जरूरी मेडिकल सामान पहुंचा रहा

वायुसेना के प्रवक्ता ने कहा कि मेडिकल सप्लाई जैसे पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्यूपमेंट (PPE), हैंड सैनिटाइजर, सर्जिकल गलव्स, थर्मल स्कैनर और मेडिकल कर्मचारियों को एक-जगह से दूसरे जगह पहुंचाया जा रहा है. सेनाएं मेडिकल टीम द्वारा टेस्ट किये जा रहे सैंपल को तत्काल सही जगह पहुंचा रही हैं.

युद्धपोत भी पूरी तरह तैयार

नौसेना के युद्धपोत भी स्टैंडबाइ मोड में हैं. ताकि तटीय इलाकों में जरूरी पड़ने पर बड़े पैमाने पर सामान की आपूर्ति की जा सके. दो युद्धपोत को पड़ोसी देशों की मदद के लिए पहले से ही तैयार रखा गया है. अगर जरूरत पड़ी तो दूसरे युद्धपोत को भी उपलब्ध कराया जा सकता है.

9000 बेड तैयार

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को बताया कि  कोरोना वायरस से निपटने के लिए अस्पतालों के 9,000 बेड तैयार रखे गये हैं. इसके अलावा कई क्वारंटाइन सुविधाएं देश के कई हिस्सों में काम कर रही हैं.

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