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#FightAgainstCorona : 6500 चिकित्सक, 11,000 पारा मेडिकल स्टाफ सहित 450 आयुष चिकित्सकों को किया गया है तैनात

  • कोरोना संकट को लेकर गठित राज्यस्तरीय समन्वय समिति की पहली बैठक में सीएम ने दी जानकारी

Ranchi : राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए कंटेनमेंट जोन को सील करते हुए आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिया है. कोरोना संकट को लेकर गठित राज्यस्तरीय समन्वय समिति की सोमवार को हुए पहली बैठक में उन्होंने यह निर्देश दिया है. इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को बढ़ते संक्रमण में जांच करने में तेजी लाने का निर्देश दिया.

इस दौरान सीएम सोरेन ने कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है. इसमें लगभग 6500 चिकित्सक, लगभग 11,000 पारा मेडिकल स्टाफ्स ड्यूटी पर लगाये गये हैं. इसके अलावा लगभग 450 आयुष चिकित्सकों को भी कोरोना के इलाज के लिए तैनात किया गया है.

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बैठक में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव एल खियांग्ते, पुलिस महानिदेशक एमवी राव सहित कई अधिकारी मौजूद थे.

रांची जिला हुआ सील, कड़ाई से हो अनुपालन

इस दौरान मुख्यमंत्री ने गरीबों और जरुरतमंदों को भोजन औऱ राशन उपलब्ध कराने, राज्य औऱ दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को सहायता उपलब्ध कराने और लॉकडाउन के पालन को लेकर उठाये जा रहे कदमों की जानकारी अधिकारियों से ली और आवश्यक निर्देश दिये. उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को लेकर चिन्हित किये गये कंटेनमेंट जोन को पूरी तरह सील किया जाये. खास कर रांची जिले की सीमा रेखा पर इसका कड़ाई से अनुपालन किया जाये.

27 कंटेनमेंट जोन किये गये चिह्नित, 10 जिले हैं कोरोना प्रभावित

प्रधान सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य में 27 कंटेनमेंट जोन चिन्हित किये गये हैं. वहीं राज्य के 10 जिले कोरोना संक्रमण से प्रभावित हैं. 3 श्रेणियों में कोरोना संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्थाएं की गयी हैं. इसके तहत जिनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं मिला है उनके लिए 129 कोविड केयर सेंटर बनाये गये हैं. इसके अलावा जिनमें कोरोना संक्रमण के थोड़े-बहुत लक्षण मिले हैं उनके लिए 57 डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटेर औऱ कोरोना मरीजों के इलाज के लिए 21 डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल तैयार किये गये हैं. राज्य में चार लैब में हर दिन तकरीबन 600 सैंपलों की जांच की जा रही है. और तीन नये लैब खोलने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है.

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हिंदपीढ़ी इलाके में पुलिस अपनी निगरानी में करे एंबुलेंस की व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि रांची का हिंदपीढ़ी इलाका कोरोना संक्रमण को लेकर हॉट स्पॉट बना हुआ है. ऐसे में यह इलाका पूरी तरह सील है. आवाजाही पर रोक लगी हुई है. इस वजह से दूसरी बीमारी से ग्रसित मरीजों को अगर इलाज की जरूरत पड़े तो पुलिस अपनी निगरानी में एंबुलेंस की व्यवस्था कर उसे अस्पताल तक पहुंचाये. मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों के डीसी औऱ पुलिस अधीक्षक अपने वाहन में अनाज का पैकेट जरूर रखें. जब भी वे क्षेत्र का भ्रमण करें तो रास्ते में जो भी गरीब या जरूरतमंद दिखे, उन्हें अनाज का पैकेट दें. साथ ही अधिकारियों से कहा कि जरूरतमंदों को कम से कम 15 दिन का अनाज उपलब्ध कराने के लिए भोजन का पैकेट तैयार कर उसका वितरण सुनिश्चित करें.

सरकारी अस्पतालों व निजी अस्पतालों में हो ओपीडी शुरू

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि कोरोना महामारी के कारण अन्य बीमारियों से जूझ रहे लोगों को इलाज में परेशानी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने सुझाव दिया कि जरूरत के हिसाब से चरणबद्ध तरीके से अस्पतालों में ओपीडी सेवा शुरू की जानी चाहिए. मुख्यमंत्री ने इसके लिए मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव औऱ रिम्स निदेशक को आवश्यक पहल करने को कहा.

पुलिस औऱ स्वास्थ्यकर्मियों को दिया जायेगा दो-दो मास्क

डीजीपी ने सीएम को बताया कि जहां पर सीआरपीएफ की तैनाती की जानी है, वहां राज्य पुलिस बल के भी जवान साथ में रहेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि रांची से दूसरे जिलों को जोड़नेवाले हर रास्ते पर पुलिस बल की तैनाती के साथ सीसीटीवी से निगरानी की जायेगा. वहीं मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी को लेकर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों औऱ स्वास्थ्यकर्मियों को दो-दो मास्क उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक से कहा कि पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर सभी जरुरी उपाय किये जायें, ताकि उनमें संक्रमण का खतरा नहीं हो. अभी के हालात में सामाजिक सदभाव बनाये रखने के लिए भी पुलिस महानिदेशक को आवश्यक निर्देश दिये. पुलिस महानिदेशक ने बताया कि क्वारंटाइन सेंटर, आइसोलेशन वार्ड, कोविड अस्पतालों में ड्यूटी करनेवालों को हर हाल में मेडिकेटेड मास्क दिया जाये.

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