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महिला कॉलेज के शिक्षकों ने शिक्षा सचिव का पुतला फूंका

वित्त रहित शिक्षण संस्थानों का अनुदान बंद करने के बयान के बाद उबला आक्रोश

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Lohardaga : स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह का लोहरदगा महिला कॉलेज परिसर में पुतला फूंका गया. स्थापना व प्रस्वीकृति प्राप्त वित्तरहित स्कूल- कॉलेजों को मिलने वाला अनुदान बंद करने की बात शिक्षा प्रधान सचिव द्वारा कहे जाने का शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मियों ने विरोध किया. पिछले दिनों झारखंड अधिविद्य परिषद के स्थापना दिवस समारोह में जैक को ऐसा सुझाव देकर सचिव ने संबंधित स्कूल-कॉलेजों के कर्मियों ने आक्रोश पैदा कर दिया है.

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गरीब विरोधी, शिक्षा विरोधी और अहंकार से भरा बयान

पुतला दहन के दौरान शिक्षा प्रधान सचिव मुर्दाबाद के नारे लगाए गए. झारखंड राज्य वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर पुतला दहन कार्यक्रम में शामिल शिक्षकों ने कहा कि शिक्षा सचिव का बयान बदनीयती से भरा हुआ है. यह सामंतवादी, गरीब विरोधी, शिक्षा विरोधी और अहंकार से भरा बयान है. पिछले 25- 30 सालों से वित्त रहित शिक्षा संस्थान राज्य के गरीब, दलित,आदिवासी और पिछड़े वर्ग के बच्चों को बिना वेतन शिक्षा दे रहे हैं. इन संस्थानों का शिक्षा के क्षेत्र में अहम योगदान है.

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अमरेंद्र प्रताप सिंह माहौल को खराब कर रहे हैं

राज्य अलग होने के बाद सरकार ने इनके योगदान और महंगाई को देखते अनुदान देना शुरू किया. कानून और नियमावली बनाई जिसके तहत अनुदान दिया जाता है. वर्तमान सरकार ने अनुदान की राशि दोगुना करने की नियमावली बनाई है. जब से शिक्षा सचिव का पद अमरेंद्र प्रताप सिंह ने संभाला है, इन्होंने माहौल को खराब कर रखा है. आए दिन संस्थाओं पर अलोकतांत्रिक बयान देते हैं और शिक्षकों को अपमानित करते हैं. शिक्षक हित में कोई निर्णय नहीं लेते हैं. 2017- 18 मई 200 से ज्यादा स्कूल-कॉलेजों का अनुदान इन्होंने रोक दिया. यह शिक्षा व्यवस्था और गरीबों की शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की उम्मीदों पर कुठाराघात है. पुतला दहन में प्रिंसिपल प्रो शमीमा खातून, संघ के जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर चांद, शशि प्रभा अग्रवाल, स्नेह कुमार, मंजू खत्री, मधुबाला अग्रवाल गीता कुमारी, ब्रजकिशोर बड़ाईक आदि मौजूद थे.

 

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