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कोलेबिरा में भयमुक्त चुनाव की मांग को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त से मिले कांग्रेसी

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Ranchi: कोलेबिरा चुनाव को निष्पक्ष एवं भयमुक्त कराने को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेसी नेता सुबोधकांत सहाय के नेतृत्व मे एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एल ख्यांगते से मिला. मुलाकात के दौरान इन नेताओं ने एनोस एक्का पर जेल में रह कर उपचुनाव को प्रभावित करने का आरोप लगाया.  कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है. कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि इसकी उच्च स्तरीय जांच हो. जो भी इस मामले में सहयोगी हैं उनके ऊपर भारतीय दंड विधान के तहत कारवाई की जाए. मीडिया प्रभारी राजेश ठाकुर, प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद, आलोक दुबे एवं लाल किशोर नाथ शाहदेव शामिल थे.

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 एनोस प्रभावित कर सकते हैं चुनाव

चुनाव आयुक्त को सौपे ज्ञापन में सुबोधकांत ने मांग की है कोलेबिरा उपचुनाव भयमुक्त वातावरण में हो. दूसरी तरफ पारा शिक्षक हत्याकांड के आरोप में रांची जेल में बंद पूर्व विधायक एनोस एक्का उपचुनाव को प्रभावित करने में लगे हैं. जेल में रहकर वे फोन से ही कांग्रेस समर्थकों को धमकी भरे लहजे में संदेश दे रह हैं. पार्टी ने इस संवेदनशील विषय को चुनाव आयोग के संज्ञान में लाना श्रेयष्कर समझा.

 राज्य के बाहर के जेल भेजा जाए एनोस एक्का को : राजेश ठाकुर 

मीडिया प्रभारी राजेश ठाकुर ने कहा कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अविलंब पार्टी द्वारा सोंपे ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए संबंधित पदाधिकारी को निर्देश दें. ताकि निष्पक्ष एवं भय मुक्त चुनाव संपन्न हो सके. जरूरी है कि चुनाव संपन्न होने तक एनोस एक्का को राज्य से बाहर किसी जेल में स्थानांतरित किया.

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जेल नियमों का हो रहा गलत इस्तेमाल 

ज्ञापन में कहा गया कि राज्य का जेल नियम रघुवर सरकार की कार्यशैली की पोल खोलता है. एक तरफ पार्टी के स्थानीय नेता और पूर्व विधायक नियल तिर्की को चुनाव से ठीक गिरफ्तार किया जाता है. उनसे मिलने पार्टी प्रदेश प्रभारी और पूर्व केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अजय कुमार सिमडेगा जेल में मिलने पहुंचते हैं तो उन्हें जेल मैन्युअल एवं नियमो का हवाला देते हुए मिलने से रोक दिया जाता है. कहा जाता है कि सप्ताह में सिर्फ 3 लोगों के ही मिलने का प्रावधान है. वही राज्य के एक अन्य जेल में रहकर एनोस एक्का फ़ोन से उपचुनाव को प्रभवित कर रहे हैं. अलग-अलग लोगों के लिए कानून की व्याख्या अलग कैसे हो सकती है? जेल मैन्युअल का अनुपालन सभी जेल में समान रूप से होनी चाहिए. जबकि राज्य में ऐसा कुछ नहीं हो रहा है.

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