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देवबंद के मुफ्ती का फतवा : स्कार्फ बांधकर एंकरिंग और रिपोर्टिंग करें मुस्लिम महिलाएं

मुस्लिम महिलाओं को लेकर यूपी के शिक्षण संस्‍थान दारूल उलूम देवबंद के मुफ्ती अहमद गौड़ ने नया फतवा जारी किया है

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NewDelhi : मुस्लिम महिलाओं को लेकर यूपी के शिक्षण संस्‍थान दारूल उलूम देवबंद के मुफ्ती अहमद गौड़ ने नया फतवा जारी किया है. उन्होंने कहा, जो मुस्लिम महिलाएं टीवी पर एंकरिंग या रिपोर्टिंग कर रही हैं, उन सभी को स्कार्फ बांधकर काम करना चाहिए. फतवे में यह भी कहा गया है कि महिला एंकरों को खुले बाल रखने की भी इस्‍लाम इजाजत नहीं देता है. बता दें कि मुस्लिम महिलाओं को लेकर विश्व विख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्थान दारुल उलूम देवबंद से लगातार फतवे जारी हो रहे हैं.  दारूल उलूम देवबंद ने अपने फतवे में कहा है कि शरीयत ने सभी औरत और मर्दों को इजाजत दी है कि वह कोई भी जायज रोजगार कर सकते हैं. घर की जरूरत पूरी करने के लिए अपने अहले खाना की जरूरत पूरी करने के लिए सब तरह के काम कर सकते हैं. इसमें कोई हर्ज नहीं है. इसमें कहा गया है कि टीवी पर एंकरिंग करने के लिए बेहतर तरीका शरीयत ने बताया है. सबसे सही तरीका है बुर्का पहनना. उसमें पूरा शरीर ढका हुआ होता है. दूसरा तरीका है आप स्‍कार्फ पहन सकते हैं. बाल आपके न जाहिर हों, बाल छुपे हुए हों और आप अपनी एंकरिंग भी कर सकती हैं. इंटरव्यू भी ले सकती हैं. जो काम आपको करना है आप कर सकती हैं.

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समारोह में सामूहिक रूप से मर्दों और औरतों का भोजन करना हराम  

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अदालत के प्रमुख न्यायाधीश अब्दुलकावी अहमद यूसुफ मे फैसला पढ़कर सुनाया. 16 में से 15 जज, भारत के हक में थे.

बता दें कि कुछ दिन पहले सहारनपुर स्थित विश्व इस्लामिक संस्था दारुल उलूम ने एक फतवा जारी किया था.  इसके तहत संस्था ने कहा था कि किसी भी शादी या अन्य बड़े समारोह में सामूहिक रूप से मर्दों और औरतों का भोजन करना हराम है.  इस दौरान मुफ्तियों ने शादियों में खड़े होकर खाना खाने को भी नाजायज करार दिया था.   इसके अलावा एक अन्‍य फतवे में मोबाइल फोन पर बिना इजाजत एक-दूसरे की कॉल रिकॉर्ड किये जाने को गुनाह करार दिया गया है. दारूल उलूम देवबंद ने बिना इजाजत किसी भी व्यक्ति की कॉल रिकॉर्ड करने को गुनाह और अमानत में खयानत बताया है. बता दें कि संस्था के फतवा विभाग से किसी व्यक्ति ने मुफ्ती-ए-कराम से पूछा था कि मोबाइल पर आवाजों को रिकॉर्ड करना आम बात है और कई मोबाइल सेट में तो ऑटो कॉल रिकॉर्डिंग की व्यवस्था होती है. बात करने वाले को भी इस बात की जानकारी नहीं होती कि उसकी आवाज रिकॉर्ड की जा रही है.  

 

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