JharkhandRanchi

फादर स्टेन स्वामी की मौत की जांच हो : भाकपा

Ranchi : भाकपा ने फादर स्टेन स्वामी की मौत की न्यायिक जांच कराने की मांग की है. सामाजिक कार्यकर्ता दयामनी बरला ने कहा कि फादर स्टेन स्वामी झारखंड के जल, जंगल, जमीन से जोड़कर राज्य के आदिवासी, दलित, शोषित, पीड़ित लोगों की आवाज बन कर लड़ाई लड़ रहे थे. लेकिन केंद्र की सरकार ने जानबूझ कर केस में फंसा कर जेल भेज दिया था. फादर स्टेन की मृत्यु की सरकार न्यायिक जांच कराये.

भाकपा ने कहा कि सरकार फादर स्टेन स्वामी को न्यायिक हिरासत में मौत के घाट उतारा दिया गया है. झारखंड के आदिवासी, दलित, पिछड़ों की आवाज बन कर हमेशा लड़ते रहे थे. भाकपा माले के जिला सचिव भुनेश्वर केवट ने कहा कि झारखंड की जनता फादर स्टेन स्वामी के साथ खड़ी है.

भाकपा जिला सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि फादर, जनता की आवाज बन कर लड़ते रहे, लेकिन 84 वर्ष की उम्र में न तो बोल पाते थे और न कुछ सुन पाते थे, ऐसे व्यक्ति को कोरेगांव मामले में फंसा कर जेल भेजा गया.

advt

इसे भी पढ़ें :कहीं वैक्सीन के चक्कर में न आ जाए कोरोना की तीसरी लहर, लोग सेंटर्स पर भूले सोशल डिस्टेंसिंग 

सरकार 9 महीने के अंदर भी फादर स्टेन को गलत साबित नहीं कर सकी. कहा कि जेल में भी यातनाएं दीं, बीमार अवस्था में भी उनका उचित इलाज सरकार नहीं करा सकी. जिसके चलते उनकी मौत हुई है.

adv

15 जुलाई को राजभवन मार्च में राज्य के कई राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के लोग भाग लेंगे. ताकि फादर स्टेन स्वामी की मौत की न्यायिक जांच हो सके. मार्च के बाद उक्त मांगों के समर्थन में पूरे राज्य में सभी साथियों को एकजुट कर आंदोलन को और तेज किया जायेगा.

माकपा जिला सचिव सुखनाथ लोहरा ने लोगों से अपील की है कि 15 जुलाई को इस मार्च को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक राजनीतिक व सामाजिक कार्यकर्ता आंदोलन से जुड़ें.

इसे भी पढ़ें :कहीं वैक्सीन के चक्कर में न आ जाए कोरोना की तीसरी लहर, लोग सेंटर्स पर भूले सोशल डिस्टेंसिंग 

भाकपा यूएपीए कानून को निरस्त करने की मांगों को लेकर 15 जुलाई को जिला स्कूल मैदान रांची से 11 बजे दिन से कोविड-19 के गाइडलाइन का पालन करते हुए मार्च निकालेगी. राजभवन के समक्ष प्रदर्शन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदय को मांग पत्र समर्पित किया जायेगा.

इस प्रदर्शन में कई सामाजिक एवं राजनीतिक संगठन के लोग भाग लेंगे. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के झारखंड राज्य के सहायक सचिव महेंद्र पाठक ने कहा कि जब से केंद्र में मोदी की सरकार सत्ता में आयी है तब से लगातार विपक्षी दलों, विरोधियों एवं सरकार से सवाल पूछने वाले राजनीतिक, सामाजिक पत्रकार, बुद्धिजीवियों, लेखकों को फर्जी मुकदमों में फंसा कर जेल भेजा जा रहा है. ऐसे जन विरोधी कानून को निरस्त करने के लिए मार्च में शामिल होने के लिए लोगों से अपील की है.

इसे भी पढ़ें :पटना जंक्शन पर बम स्क्वाड के पहुंचने के बाद मच गया हड़कंप

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: