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मौसम की मार, गरीब बेजार, धरा रह गया 452.5 करोड़ का एक्शन प्लान

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झारखंड में तेजी से हो रहे मौसम में परिवर्तन को ध्यान में रख कर बनाया गया था प्लान

 Ravi Aditya

Ranchi:  राज्य सरकार विंटर एक्शन प्लान तो नहीं बना पायी है, लेकिन सूबे में बदले मौसम को देखते हुए जलवायु परिवर्तन विभाग ने जो योजनाएं बनायी थीं, वह धरी की धरी रह गयीं. भारत सरकार से स्वीकृति के बाद भी योजनाएं जमीं पर नहीं उतर पायीं. एक्शन प्लान में उन सभी बातों को शामिल किया गया था, जिससे सूबे के लोगों को बदले मौसम के कारण होनेवाली बीमारियों से निजात मिलता. इस दिशा में कुल 452.5करोड़ की योजना बनायी गयी थी. ये भी गौरतलब है कि योजना को भारत सरकार से भी स्वीकृति मिल चुकी थी. इसे फिर से बनाने की कवायद हो रही है.    

हेल्थ पॉलिसी को ध्यान में रखकर बनी थी योजना

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मौसम की मार से बचने के लिए हेल्थ पॉलिसी को ध्यान में रखकर योजनाएं बनायी गयी थीं. इसमें बीमारियों को त्वरित रूप से पता करनेके लिए सर्विंलांस सिस्टम से लेकर कम्यूनिकेशन की भी योजना थी. इसमें सात करोड़ रुपये खर्च किये जाने थे. क्विक रेस्पांस के लिए 25 करोड़,  जागरूरता कार्यक्रम और स्वास्थ्यसुविधाएं पहुंचाने के लिए 24 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना थी.  

किस मद में कितने करोड़ खर्च किये जाने थे

  • वातावरण की संवेदनशीलता व जल से होने वाली बीमारी: 3 करोड़
  • गंभीर बीमारी के लिए वार्निंग सिस्टम व टाइमबांड एक्शन: 4.8 करोड़
  • सर्विलांस सिस्टम व कम्यूनिकेशन सिस्टम: 7करोड़
  • स्वास्थ्य सुविधा और जागरूकता कार्यक्रम: 25करोड़
  • बीमारियों पर नियंत्रण और क्वीक रेस्पांस: 24करोड़
  • स्वास्थ्य पदाधिकारियों के दक्षता विकास: 1.5करोड़
  • स्वास्थ्य नीति के अनुसार योजना: 0.5करोड़
  • एनपीपीसीसी के साथ राज्य की योजना: 0.25करोड़
  • विशेष हेल्थ इंश्योरेंस- 350करोड़
  • रूरल हेल्थ प्रोग्राम: 36 करोड़
  • पिछड़े क्षेत्रों में हेल्थ इंफ्रास्रक्टचर: 0.45करोड़

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