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बढ़ेगी किसानों की आय, केवीके और बीएयू के कृषि वैज्ञानिक चला रहे अभियान 

19 जिलों के 25 गांवों में चला अभियान 

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Ranchi: कृषि विकास केंद्र (केवीके) और बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) की संयुक्त पहल से झारखंड के किसानों की आय में वृद्धि की कोशिश की जा रही है. वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी को दोगुना करने की दृष्टिकोण से झारखंड राज्य के 19 जिलों में यह अभियान बीएयू की ओर से विगत 1 जून 2018 से चलाया जा है. इस अभियान के तहत हर जिले के 25 गांवों को चयनित कर वहां के किसानों की आजीविका का अध्यनन कृषि वैज्ञानिकों की ओर से किया जा रहा है, ताकि इस अध्यन से एक सफल निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके.

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भोगौलिक अध्ययन कर आय बढ़ाने की कोशिश

कृषि वैज्ञानिक किसानों के घरों एवं खेतों का भोगौलिक अध्ययन कर, उनके अनुरूप कृषि एवं पशुपालन पर बल दे रहे हैं. ताकि किसानों की आय में वृद्धि की जा सके. इस अभियान के तहत राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के कार्यक्रम, किसानों को देने की पहल की जा रही है. कृषि विभाग, बागवानी विभाग, भूमि संरक्षण विभाग, पशुपालन एवं गव्य विभाग के द्वारा केवीके के मार्गदर्शन में भी इस अभियान के तहत कार्य किया जा रहा है.

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कृषि वैज्ञानिकों के मूल्यांकन के बाद हजारीबाग, गढ़वा, साहेबगंज, चतरा एवं लोहरदगा में बेहतर परिणाम देखने को मिले है. इन परिणामों का आकलन करने के बाद कृषि वैज्ञानिक राज्य के सभी जिलों के किसानों के आय में वृद्धि पर कार्य करेंगे. ताकि राज्य के किसान आत्मनिर्भर हो सकें, और पलायन ना करना पड़े.

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क्या कहते हैं बीएयू के कुलपति डॉ प्रविंदर कौशल 

बीएयू के कुलपित डॉ प्रविंदर कौशल ने कहा कि राज्य के किसानों की आय में वृद्धि के लिए बीएयू एवं केवीके के कृषि वैज्ञानिक लगातार कार्य कर रहे हैं. हाल ही में राज्य के 19 जिलों का अध्यन वैज्ञानिकों ने किया है.  हर जिले के 25 गांवों के किसानों पर यह अध्ययन किया गया है. 19 जिलों का प्रदर्शन काफी सराहनीय रहा. अभियान में 463 गांवों के 97667 किसानों को टारगेट कर काम किया गया. आनेवाले समय में पूरे राज्य के किसानों के आर्थिक स्तर में बढ़ोतरी इस अभियान के माध्यम से की जायेगी.

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