Chaibasa

कोल्हान में भी मना किसान मजदूर एकजुटता दिवस

Chaibasa : आजादी के बाद मजदूरों और किसानों के पहले संयुक्त कार्यक्रम की 40वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में बुधवार को पूरे देश के साथ कोल्हान क्षेत्र में भी किसान मजदूर एकजुटता दिवस मनाया गया. सीटू, किसान सभा और खेतिहर मजदूर यूनियन के सदस्यों ने इसमें भाग लिया.  40 साल पहले 19 जनवरी 1982 को स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार शहरी और ग्रामीण मजदूर एक दिन की देशव्यापी आम हड़ताल में शामिल हुए थे.

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ट्रेड यूनियनों और राष्ट्रीय फेडरेशनों की प्रायोजक समिति ने मजदूर वर्ग की मांगों को किसान और खेतिहर मजदूरों के अहम मुद्दों के साथ जोड़कर13 सूत्री मांगं रखीं. इसमें आवश्यक वस्तुओं के लिए रियायती दर पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली का सार्वभौमिकरण, किसानों के लिए लाभकारी मूल्य, खेत मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी तथा उनके लिए एक व्यापक कवरेज वाला कानून शामिल है.  केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और राष्ट्रीय फेडरेशनों के संयुक्त मंच और संयुक्त किसान मोर्चा ने संयुक्त रूप से निर्णय लिया कि अब फिर से वर्तमान ज्वलंत मुद्दे संबंधित 12 सूत्री मांगों पर उसी तरह का आंदोलनकारी कार्यक्रम होगा. वर्तमान केंद्र सरकार को अपनी कॉर्पोरेट पक्षीय नीतियों को बदलने के लिए मजबूर करेगा. इस कड़ी में 23-24 फरवरी 2022 को दो दिवसीय आम हड़ताल यानी औद्योगिक और ग्रामीण बंद के माध्यम से किसानों और मजदूरों की एक ऐसी संयुक्त कार्रवाई होगी.

ये थे शामिल

कार्यक्रम में कॉमरेड केके त्रिपाठी, बिश्वजीत देब, जेपी सिंह, जे मजूमदार, गुप्तेश्वर सिंह, नागराजू, डी झा, एमके ठाकुर, आरपी सिंह, धोनी राम आदि नेता मौजूद थे.

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