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सूफिया के घरवालों ने कहा, बिलाल को बीच चौराहे पर फांसी पर लटका देना चाहिए

Ranchi: रांची के चान्हो थाना क्षेत्र के चटवल गांव में मातम पसरा हुआ है. लेकिन साथ में आक्रोश भी है. गांव की बेटी की दर्दनाक हत्या कर दी गयी. लोग मामले में आरोपी बिलालको कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं.

परिजनों का कहना है कि आरोपी बिलाल को बीच चौराहे पर फांसी की सजा दी जाये ताकि इस तरह की घटना को अंजाम देनेवालो को कानून का भय सताये और इस तरह की घटना दोबारा ना हो.

सूफिया के घरवालों ने कहा, बिलाल को बीच चौराहे पर फांसी पर लटका देना चाहिएसोफिया की मां का कहना है कि जिस तरह से उसकी बेटी की हत्या की गयी है उस तरह से और कोई घटना न हो इसे लेकर पुलिस को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. वहीं भाई ने भी मांग करते हुए कहा कि बीच चौराहे पर बिलालको फांसी की सजा दी जाये.

सूफिया परवीन के बड़े भाई मो शमशेर ने भी बहन की हत्या के आरोपी बिलाल खान को फांसी की सजा देने की मांग की. उन्होंने कहा कि इससे समाज में एक संदेश जायेगा औऱ आगे से कोई भी किसी की बहन-बेटी के साथ इस तरह की जघन्य घटना को अंजाम देने की हिमाकत नहीं करेगा.

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सूफिया के घरवालों ने कहा, बिलाल को बीच चौराहे पर फांसी पर लटका देना चाहिएगांव में दो दिनों से नहीं जला चूल्हा

बिलाल ने सोफिया की हत्या ओरमांझी थाना क्षेत्र में की. जिस दाउली से मारकर हत्या की गयी उसे भी पुलिस ने बिलाल के घर से बरामद कर लिया है. हत्या के बाद सिर को लाकर चंदवे स्थित खेत में गाड़ दिया गया था.

घटना को लेकर चटवल गांव के ग्रामीणों का आक्रोश साफ दिखाई देता है. लोग भी कह रहे हैं कि बिलालको रांची के अल्बर्ट एक्का चौक (फिरायालाल चौक) पर फांसी की सजा दी जाये. सूफिया परवीन की जघन्य तरीके से की गयी हत्या को लेकर गांव के किसी घर में दो दिन से चूल्हा नही जला है.

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सूफिया के बहनोई का मौसेरा भाई है बिलाल

सूफिया के घरवालों ने कहा, बिलाल को बीच चौराहे पर फांसी पर लटका देना चाहिएबिलाल खान सूफिया के बड़े बहनोई एहसान खान का मौसेरा भाई है. इसके दोनों की जान-पहचान थी. सूफिया परवीन की शादी दो साल पहले चान्हो के बलसोकरा निवासी मो खालिद के साथ हुई थी. मो खालिद पूर्व से ही विवाहित था और उसकी पहले की ससुराल उनके पड़ोस में ही थी.

ससुराल आने-जाने के दौरान ही खालिद से सूफिया परवीन की मुलाकात हुई थी. फिर उन्होंने निकाह कर लिया था. जानकारी के अनुसार निकाह के बाद खालिद सूफिया को पहले मुम्बई ले गया था और वहां करीब पंद्रह 20 दिन रहने के बाद दिल्ली ले गया था. वहां दो महीने के प्रवास के दौरान उनके बीच झंझट हो गया था. मामला कोर्ट तक चला गया. कोर्ट में केस होने के बाद सूफिया गांव वापस चली आयी थी और उसके बाद कोर्ट में हुए समझौते के आधार पर ही चान्हो थाना में ही सूफिया को पुनः खालिद के सुपुर्द कर दिया गया था.

सूफिया के घरवालों ने कहा, बिलाल को बीच चौराहे पर फांसी पर लटका देना चाहिएपरिजनों की मानें तो खालिद उसे पुनः दिल्ली ले जा रहा था लेकिन रास्ते मे सूफिया ट्रेन से उतरकर कहीं चली गयी थी. उसके बाद पता चला कि वह चंदवे निवासी शेख बिलाल खान के साथ रह रही है. 2020 के मई माह में स्वयं को बिलाल खान की पत्नी बताते हुए उस पर मारपीट करने व जान से मारने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए सूफिया परवीन ने पिठोरिया थाने में शिकायत भी दर्ज करायी थी.

शिकायत के आधार पर ही 2 जून 2020 को पुलिस ने हथियार के साथ बिलाल खान को कुम्हारिया के निकट से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. बिलाल खान की गिरफ्तारी के बाद पिठोरिया थाने की पुलिस सूफिया परवीन को स्वयं चटवल गांव आकर इसके परिजनों के सुपुर्द करके गयी थी.

परिजनों का कहना है कि इसके बाद उन्होंने सूफिया को करीब 15 दिन तक अपने पैतृक गांव मांडर के लोयो में रखा था. उसके बाद वह कुछ दिन तक चटवल गांव स्थित घर में रही थी. उसके बाद अचानक एक दिन चान्हो जाने की बात कह घर से निकली और कहीं चली गयी.

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