न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

फर्जी नक्सली सरेंडर मामले में दो नवंबर को होगी अंतिम सुनवाई

178

Ranchi: रांची, खूंटी, गुमला व सिमडेगा के भोले-भाले 514 युवकों को नक्सली बताकर सरेंडर कराने वाले मामले में शुक्रवार को सुनवाई हुई. कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए दो नवंबर की तारीख आखिरी बहस के लिए तय की है. बता दें कि दिग्दर्शन के जरिये नौकरी लगाने का लालच देकर 514 युवाओं को फर्जी सरेंडर कराने का आरोप है. इस मामले ने राज्य में काफी तूल पकड़ा था. कई बार कोर्ट ने मामले को लेकर प्रशासन और सरकार को फटकार लगायी थी. यहां तक कि गृह सचिव को भी सशरीर कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया था.

इसे भी पढ़ेंःफर्जी नक्सली सरेंडर मामलाः हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से 7 अगस्त तक मांगा जवाब

इसे भी पढ़ेंः45 प्रमोटी IAS मेन स्ट्रीम से बाहर, सिर्फ दो को ही मिली है जिले की कमान, गैर सेवा से आईएएस बने दो अफसर हैं डीसी

क्या है मामला

यह पूरा मामला रांची, खूंटी, गुमला व सिमडेगा के भोले-भाले 514 युवकों को नक्सली बताकर सरेंडर कराने का है. इस मामले में एजेंट और अफसरों ने सरेंडर करनेवाले युवकों से हथियार खरीदने के नाम पर लाखों रुपये वसूले, ताकि सरेंडर के समय उन्हें वे हथियार उपलब्ध कराये जा सकें. यहां उल्लेखनीय है कि जिस वक्त 514 युवकों को कोबरा बटालियन के जवानों की निगरानी में पुरानी जेल परिसर में रखा गया था और हथियार के साथ उनकी तस्वीरें ली जा रही थीं, उस वक्त सीआरपीएफ झारखंड सेक्टर के आईजी डीके पांडेय हुआ करते थे. डीके पांडेय अभी राज्य के डीजीपी हैं. और इस मामले में डीजीपी डीके पांडेय, एडीजी एसएन प्रधान समेत सीआरपीएफ के अन्य अफसर संदेह के घेरे में हैं.

इसे भी पढ़ेंःफर्जी नक्सली सरेंडर मामले में हाई कोर्ट सख्त, गृह सचिव तलब, अगली सुनवाई 6 सितंबर को

झारखंड डेमोक्रेटिक संस्था ने दायर की थी जनहित याचिका

वहीं, मामले की जांच को लेकर रांची पुलिस पर लापरवाही बरतने का भी आरोप है. रांची पुलिस ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की उस रिपोर्ट पर गौर ही नहीं किया, जिसमें कहा गया था कि पुलिस के सीनियर अफसरों ने सरेंडर का आंकड़ा बढ़ाने के लिए नक्सली सरेंडर पॉलिसी का दुरुपयोग किया. इस मामले को लेकर झारखंड डेमोक्रेटिक संस्था की ओर से झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयी थी.

इसे भी पढ़ें – IAS का दबदबा, तीन इंजीनियर इन चीफ, 25 चीफ इंजीनियर दरकिनार, बिजली बोर्ड में CMD का है पॉलिटिकल पोस्ट

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Open

Close
%d bloggers like this: