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पंचायतों में ऑडिट के नाम पर मोटी वसूली कर रहे फर्जी सीए

लगातार मिल रही शिकायतों के बाद विभाग ने लिया संज्ञान, हो रही जांच

Nikhil Kumar

Ranchi : ग्राम पंचायतों में वित्त आयोग के तहत संचालित योजनाओं में ऑडिट के नाम पर वसूली का धंधा पनपा हुआ है. चयनित फर्म के बजाए फर्जी लोग सीए बनकर वसूली के काम में लगे हुए हैं. ऑडिट के नाम पर पंचायत सचिव से प्रत्येक सोलर लाइट के ऑडिट के नाम पर 8000 से 10000 एवं अन्य खर्चो के लिए 20 हजार रुपये तक की मांग की जा रही है.चतरा सहित कई जिलों से इसकी शिकायतें राज्य के मुख्य सचिव को भेजी गयी थीं. पंचायती राज विभाग ने भी इसे गंभीरता से लिया है और संबंधित चार्टर्ड एकाउंटेंट फर्मों के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अनधिकृत व्यक्तिों द्वारा त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के अंकेक्षण की लगतार शिकायतें मिल रही है. ऐसे लोगों को अविलंब चिन्हित करते हुए कार्रवाई की जाये. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस बाबत रांची स्थित सीए फर्म अंजली जैन एंड एसोसिएट को भी पत्र लिखा गया था कि अनधिकृत व्यक्ति द्वारा त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के अंकेक्षण करने संबंधी कई शिकायतें मिली है, इसकी जांच कर अविलंब कार्रवाई की जाये. विभाग ने लिखा था कि सीए फर्म के नाम पर अंकेक्षण कार्य करने के क्रम में अवैध वसूली की जा रही है.

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SIP abacus

अंकेक्षक दल के सत्यापन के बाद ही अब ऑडिट

Sanjeevani
MDLM

विभाग ने अंकेक्षक फर्मों को निर्देश दिया है कि आपकी संस्था द्वारा चतरा जिले के अंकेक्षण के लिए पंचायतवार प्राधिकृत अंकेक्षक का नाम, शैक्षणिक योग्यता, दूरभाष संख्या तथा संस्था के तरफ से अंकेक्षण के प्राधिकृत करने के संबंधी निर्गत प्राधिकार पत्र विभाग को उपलब्ध कराया जाये. विभाग ने कहा कि अगर किसी अनधिकृत व्यक्ति के जरिये ऑडिट की बात पता चलती है तो अविलंब विभाग को बताएं ताकि विधि सम्मत कार्रवाई की जा सके.

कैसै मामला पकड़ाया

राज्य में 14वें वित्त आयोग के तहत किए गये कार्यों की ऑडिट का काम सभी पंचायतों में किया जाना है. चतरा में अंजली जैन एसोसिएट को यह काम मिला है. प्रखंड विकास पदाधिकारी लावालौंग ने चतरा में अंकेक्षण के काम के लिए पंचायत सचिव,मुखिया आदि को आवश्यक दस्तावेज के साथ बुलाया था. लेकिन इस बैठक में अंकेक्षक दल के सभी सदस्य अनुपस्थित रहे. इसी क्रम में सिमरिया प्रखंड में सीए अंजली जैन एवं एसोसिएट्स के नाम पर फर्जी अंकेक्षक के द्वारा अंकेक्षण किए जाने का मामला प्रकाश में आया. संबंधित अंकेक्षण के साथ सीए अंजली जैन एवं एसोसिएट्स के भी कर्मी थे. इसके बाद लावालौंग में भी अंकेक्षण कराने की बात की गयी. लेकिन इस क्रम में बीडीओ ने आइसीएआई एक्ट 1949 के सेक्शन 26 के प्रावधानों के आलोक में सत्यापन का अनुरोध भी किया गया. चूंकि सीए कोई पदधारक नहीं है बल्कि यह लाइसेंस होल्डर होते हैं. किसी भी लाइसेंस होल्डर को अपनी लाइसेंस संख्या पर अयोग्य या योग्य व्यक्ति को प्राधिकृत करने का अधिकार नहीं है. यहां तक कि बिना किसी पार्टनर या कंपनी के नियुक्त कर्मी को भी बिना अनुमति अंकेक्षण के लिए प्राधिकृत किया जाना नियमानुकूल नहीं है. अंजली जैन एसोसिएट्स के वेबसाइट पर जब बीडीओ ने जानकारी हासिल की, तो पाया कि इनमें से कोई भी प्राधिकृत रितेश रौश्न, पंकज कुमार एवं धीरज राम सीए लाइसेंसधारी नहीं हैं. पूर्व के वित्तीय वर्ष में भी जो ऑडिट हुआ है उसमें रितेश के नाम पर प्रतिवेदन समर्पित किया गया है. वहीं दस्तावेज के संधारण, सुझाव बिंदु अथवा आपत्ति दर्ज नहीं की गयी. बीडीओ ने इस काम को संतोषप्रद नहीं माना था उन्होंने भुगतान नहीं करने की बात की. सरकार को भी पूरे मामले की जांच कराने का आग्रह किया था. इसी के बाद विभाग ऑडिट की प्रक्रिया पर ध्यान देना शुरू किया है.

इन फर्म को ऑडिट के लिए ये जिला मिला है

एनकेडी एंड कंपनी- गिरिडीह

लक्ष्मी तृप्ति एसोसिएशन- रांची

के पंडया एंड कंपनी- पलामू

मोहिन्द्रा एंड एसोसिएशन- धनबाद

एमके सिंह एंड कंपनी- हजारीबाग

विनोद कुमार गुप्ता एंड एसोसिएशन- बोकारो

यूएस प्रसाद एंड कंपनी- पूर्वी सिंहभूम

आलोक शर्मा एंड कंपनी- पश्चिमी सिंहभूम

घोषाल एंड घोषाल- दुमका

वरूण एंड कंपनी चाट्रड एकाउंटेट- गोड्डा

कदमावाला एंड कंपनी- देवघर

बर्मन सिंह एंड एसोसिएट- साहिबगंज

सुशील कुमार शर्मा एंड कंपनी- गुमला

अंजली जैन एंड एसोसिएट- चतरा

गोयर पारूल एंड कंपनी- सरायकेला-खरसावां

शंकर बंदोपाध्याय एंड कंपनी,सीएस – पाकुड

आरएम एसोसिएट- रामगढ़

डीसी गर्ग एंड कंपनी- जामताड़ा

प्रसाद कुमार एंड कंपनी- लातेहार

बी गुप्ता एंड कंपनी- कोडरमा

पी ज्योति एंड कंपनी- सिमडेगा

दिनेश कुमार यादव एंड एसोसिएशन- खूंटी

जे सिंह एंड एसोसिएट- लोहरदगा

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