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आर्थिक समानता लाने के लिए निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रबंधन की आवश्यकता : भूपेंद्र यादव

RU में दो दिवसीय वित्तीय सहभागिता पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू

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Ranchi : भारत में लोगों को आर्थिक रूप से समान तभी बनाया जा सकता है, जब योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन हो. इसके लिए प्रबंधन के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों को ऐसा मॉडल तैयार करना चाहिए, ताकि आर्थिक समानता जन-जन तक पहुंचाने के लिए इसमें पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनी रहे. उक्त बातें मुख्य वक्ता के रूप में राज्यसभा सांसद सह बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव ने शनिवार को रांची विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग द्वारा आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन फाइनेंशियल इंक्लूजन के उद्घाटन के दौरान कहीं. उन्होंने कहा कि देश के ज्यादातर हिस्सों में आर्थिक विषमता वर्तमान में व्याप्त है, इसको धरातल स्तर पर समाप्त करने के लिए राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक स्तर से प्रयास करना चाहिए. आर्थिक स्तर को सुधारने के लिए प्रबंधन के क्षेत्र में कार्यरत शिक्षाविद एवं विशेषज्ञों को विश्वस्तरीय मॉडल पर काम करना चाहिए.

ग्रामीण स्तर की जीवनशैली को आर्थिक रूप से सुधारने की जरूरत : राज्यपाल

विशिष्ट अतिथि के रूप में झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में एकरूपता बनाने के लिए प्रबंधन से जुड़े लोगों को ग्रामीण स्तर की जीवनशैली को आर्थिक रूप से सुधारने की जरूरत है. माइक्रो फाइनेंस जैसी योजनाओं के माध्यम से छोटे-छोटे लघु उद्योगों को बढ़ावा ग्रामीण स्तर पर मिल सकेगा. स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया जैसे कार्यक्रम ग्रामीण स्तर, शहरी स्तर के लोगों के बीच आर्थिक समानता लाने में पहल कर रहे हैं. वहीं, केंद्र सरकार की जन-धन योजना के माध्यम से ग्रामीण व शहरी क्षेत्र की गरीब जनता बैंक प्रणाली से जुड़ सकी है. इस तरह की योजनाओं पर कार्य करने के लिए देश के आर्थिक जगत के विशेषज्ञों, शिक्षाविदों को पहल करने की जरूरत है.

खाद्य श्रृंखला और कुटीर उद्योग को बढ़ावा देने की जरूरत : डॉ एके चौधरी

कार्यक्रम में स्वागत भाषण विभाग के अध्यक्ष एसएम दास द्वारा दिया गया. विषय प्रवेश रांची विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ एके चौधरी ने कराया. चौधरी ने कहा कि झारखंड मूल रूप से किसानों का राज्य है, लेकिन ग्रामीण स्तर की आर्थिक व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है. झारखंड की खाद्य श्रृंखला एवं कुटीर उद्योग को योजनाबद्ध तरीके से बढ़ावा देने की जरूरत है, ताकि यह राज्य कृषि प्रधान राज्य बन सके.

कई देशों के प्रतिनिधिमंडल कर रहे शिरकत

कार्यक्रम में अमेरिका, भूटान, नेपाल, थाईलैंड, इंडोनेशिया जैसे देशों के प्रतिनिधिमंडल भाग लेकर अपने विचार प्रकट कर रहे हैं. 300 प्रतिनिधिमंडल इस सेमिनार में भाग ले रहे हैं, जो विश्व स्तर पर आर्थिक बदलाव एवं उनके निराकरण पर चर्चा करेंगे. उद्घाटन समारोह के दौरान रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ रमेश कुमार पांडेय, प्रति कुलपति डॉ कामिनी कुमार मुख्य रूप से मंच पर उपस्थित रहे. पूरे कार्यक्रम के दौरान रांची विश्वविद्यालय के अधिकारी, रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत आनेवाले कॉलेजों के प्राचार्य, शिक्षक उपस्थित रहे.

भाषण के दौरान कुर्सी पर बैठे-बैठे सोते रहे आरयू के कई अधिकारी

इससे पहले कार्यक्रम के दौरान मुख्य वक्ता के रूप में राज्यसभा सांसद भूपेंद्र यादव एवं झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू का भाषण आरंभ होने के बाद आरयू के कई अधिकारी गहरी नींद में चले गये. समारोह के उद्घाटन के दौरान वक्ता अपनी बातों को सम्मेलन में आये प्रतिनिधियों के समक्ष रखते चले गये और इस दौरान आरयू के ज्यादातर अधिकारी अपनी कुर्सियों पर खर्राटे लेते रहे.

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