न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

ई-नाम योजना में आंकड़ों के नाम पर हो रहा आईवॉश

635

Ranchi : 26 जून को प्रोजेक्ट भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में कार्यशाला का आयोजन किया गया था. इसकी अध्यक्षता कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने की थी और मौके पर अन्य विभागीय पदाधिकारी भी मौजूद थे. कार्यशाला में भारत के 18 राज्यों में चल रही ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) योजना के क्रियान्वयन को लेकर बाजार समितियों के पदाधिकारियों, कर्मचारियों और कृषकों को जानकारी दी गयी थी. कार्यशाला के दौरान झारखंड राज्य को भारत के 18 राज्यों में 12वें स्थान पर बताया गया था. साथ ही ई-नाम योजना को स्थिति अच्छी बतायी गयी. लेकिन, इस योजना की जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है.

न उपज की है आवक, न किसानों को मिल रही कोई सुविधा

ई-नामविभिन्न बाजार समितियों में चल रही ई-नाम योजना की प्रगति की जमीनी हकीकत को लेकर कई बाजार समितियों से संपर्क करने पर कई तथ्य सामने आये हैं, जो झारखंड की 19 बाजार समितियों में चल रही ई-नाम योजना की सफलता के दावे की पोल खोलते हैं. राज्य की किसी भी बाजार समिति में किसानों की उपज की कोई आवक नहीं है. झारखंड की अधिकांश मंडियां रांची, धनबाद, देवघर, रामगढ़, जमशेपुर में एक तरह से व्यापारियों का थोक गल्ला मंडी के रूप में विकसित नहीं है. राजधानी रांची की बाजार समिति में एक भी किसान की आवक नहीं है और न ही बाजार समिति के यार्ड में किसानों को सुविधा प्राप्त है. इसके बाबजूद रांची में ई-नाम योजना की सफलता के दावे किये जा रहे हैं.

इसे भी पढ़ें- गिरिडीहः बिजली की आंख-मिचौली ने बढ़ाई परेशानी, गोलबंद हुए ग्रामीण

जब आवक ही नहीं, तो कैसे हो रहा व्यापार

सवाल है कि जब मंडियों में कृषि उत्पादों की आवक ही नहीं है और न ही मंडियों में किसानों को कोई सुविधा (कोल्ड स्टोर, वेयर हाउस, धर्मकांटा) प्राप्त है, तो फिर कैसे व्यापार हो रहा है. कहीं यह आंकड़ों का खेल तो नहीं है.

इसे भी पढ़ें- स्कूल के गड्ढे में गिरने से बच्चे की मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

मार्केटिंग बोर्ड की सचिव बोलीं- मैं अधिकृत नहीं हूं, विपणन सचिव बोले- मैं बाहर हूं

इस मामले जानकारी के लिए जब मार्केटिंग बोर्ड की सचिव सुनीता चौरसिया से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कोई भी बयान देने से इनकार कर दिया और कहा कि वह इसके लिए अधिकृत नहीं हैं, पणन सचिव इसके लिए अधिकृत हैं. वहीं, जब पणन सचिव शंभु कुमार से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा, मैं बाहर हूं, बाद में बैठकर बात करेंगे.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

mi banner add

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: