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झारखंड से पौधों की लुप्त होती 24 प्रजाति रेड लिस्ट में, सरकार की अनदेखी- संरक्षण के नहीं हुये उपाय

झारखंड राज्य जैव विविधता बोर्ड दो साल से सरकार को लिख रहा पत्र, सरकार को सौंप चुका है लुप्त होती पौधों की प्रजाति की सूची

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Ranchi: झारखंड से लुप्त हो रहे 24 पौधों की प्रजातियों को रेड लिस्ट में डाल दिया गया है. लगभग दो साल से झारखंड जैव विविधता पर्षद सरकार को पत्र लिख रहा है. पत्र के जरिये सरकार को लुप्त होती पौधों की 24 प्रजातियों की सूची भी संलग्न की गई है.

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साथ ही कहा गया कि इन पौधों की प्रजातियों के संरक्षण में आम जनों की भूमिका सुनिश्चित की जाये. तभी इन्हें विलुप्त होने से बचाया जा सकेगा. अधिनियम के तहत राज्य में इन प्रजातियों के संग्रहण पर प्रतिबंध लगाया जाये.

जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने भी जारी की है रिपोर्ट

पत्र के माध्यम से राज्य सरकार को कहा गया है कि इन लुप्त होती प्रजातियों को अधिसूचित किया जा चुका है. राज्य सरकार के अनुमोदन के लिये काफी दिनों से यह मामला लंबित है.

बायोटेनिकल सर्वे ऑफ इंडिया और जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के प्राप्त सूची के अनुसार, संकट ग्रस्त प्रजातियों के रूप में राज्य सरकार का अनुमोदन आवश्यक है.

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लुप्त होती प्रजातियों को बचाने के अब तक क्या हुआ

राज्य में लुप्त होती प्रजातियों को बचाने के लिये मार्च 2019 तक 82 जैव विविधता पंजियों का निर्माण किया गया है. 2018-19 में 63 जैव विविधता समितियों को प्रशिक्षित किया गया है.

वहीं राज्य में जैव विविधता अधिनियम के तहत पंचायत, प्रखंड और जिलों के नगर निगम क्षेत्र में 4700 जैव विविधता प्रबंधन समितियों का गठन किया जाना है. पर्षद के अनुसार, मार्च 2019 तक 4016 समितियों का गठन किया जा चुका है.

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लुप्त होती पौधों की प्रजाति

 

कहां पायी जाती है

 

अकाशियाझारखंड, बिहार, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश

 

अलबीजाझारखंड, आंध्रप्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उड़ीसा

 

एल्सीकारपसझारखंड, आंध्रप्रदेश, गोआ, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उड़ीसा, राजस्थान, तमिलनाडू और यूपी

 

बोसवलियाझारखंड, आंध्रप्रदेश, बिहार, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडू

 

चेरीसोपागोनझारखंड, आंध्रप्रदेश, बिहार और सिक्किम

 

क्लेमेटिससिर्फ झारखंड के सिंहभूम इलाके में

 

कोयलोरिसझारखंड और कर्नाटक

 

क्लोलारियाझारखंड,बिहार, महाराष्ट्र और पश्चिमबंगाल

 

क्लोलारिया ग्लोबासाझारखंड, आंध्रप्रदेश, बिहार, कर्नाटक, केरल, पांडिचेरी और तमिलनाडू

 

क्लोरिया टोपोनिसझारखंड, आंध्रप्रदेश, बिहार, कर्नाटक, केरल, पांडिचेरी और तमिलनाडू

 

डेसमोडियमझारखंड, आंध्रप्रदेश, बिहार, एमपी, महाराष्ट्र, उड़ीसा, तमिलनाडू, यूपी और  पश्चिमबंगाल

 

डायमारियासिर्फ झारखंड में
इरीलामियाझारखंड, उड़ीसा, मध्यप्रदेश, यूपी और पश्चिमबंगाल

 

इजीलेमासिर्फ झारखंड के पलामू में
जासमिनियमझारखंड के पलामू और हजारीबाग में
पैक्टेलिससिर्फ झारखंड के लोहरदगा, रांची और सिंहभूम में
पेरिसस्टेलिससिर्फ झारखंड के नेतरहाट और लातेहार में
फाइलेनसझारखंड, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उड़ीसा,तमिलनाडू और पश्चिमबंगाल

 

पेट्रेकॉरपसकाफी कम पाया जाता है(सरकार के रेड लिस्ट में शामिल)
सौरानियासिर्फ झारखंड के पारसनाथ पहाड़ और गिरिडीह जिला में
सेसलझारखंड के पलामू और रांची में
सोपहोरासिर्फ झारखंड के पलामू और रांची में
सेवरतियासिर्फ झारखंड के पलामू में

 

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