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अगस्त में निर्यात छह प्रतिशत गिरा, इंजीनियरिंग सामान, रत्न व आभूषण के निर्यात में गिरावट

NewDelhi : पेट्रोलियम, इंजीनियरिंग, चमड़ा और रत्न एवं आभूषण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से निर्यात कम होने पर अगस्त माह में देश का निर्यात कारोबार एक साल पहले के इसी माह के मुकाबले 6.05 प्रतिशत घटकर 26.13 अरब डालर रह गया. शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गयी है.

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अगस्त में आयात भी 13.45 प्रतिशत घटकर 39.85 अरब डालर रह गया. इससे माह के दौरान व्यापार घाटा भी कम होकर 13.45 अरब डालर पर आ गया. पिछले साल अगस्त में व्यापार घाटा 17.92 अरब डालर रहा था.

आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2016 के बाद अगस्त 2019 में आयात में सबसे ज्यादा गिरावट आयी है. तब आयात 14 प्रतिशत कम रहा था जबकि इस अगस्त में इसमें 13.45 प्रतिशत की गिरावट आयी. भारतीय निर्यातक संगठनों के महासंघ (फियो) के अध्यक्ष शरद कुमार सर्राफ ने कहा कि निर्यात में इस तरह की गिरावट से वैश्विक मांग कमजोर रहने, उसमें अनिश्चितता होने और बढ़ते शुल्क युद्ध का पता चलता है.

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सरकार प्रोत्साहनों की घोषणा करे

लुधियाणा स्थित निर्यातक एससी रलहन ने कहा कि सरकार के लिए यह उचित समय है कि वह प्रोत्साहनों की घोषणा करे. भारत से वाणिज्यिक वस्तुओं का निर्यात योजना (एमईआईएस) को वापस नहीं लिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि देश में विनिर्माण को प्रोत्साहन देने के लिये सरकार को पूंजीगत सामानों के लिये निर्यात प्रोत्साहन (ईपीसीजी) नीति को और सरल बनाने के बारे में विचार करना चाहिए. ईपीसीजी योजना के तहत मशीनों के आयात पर विनिर्माता निर्यातक के लिये कोई निर्यात दायित्व नहीं होना चाहिए.

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अगस्त 2019 में निर्यात वाले 30 महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से 22 में गिरावट

अगस्त 2019 में निर्यात वाले 30 महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से 22 में गिरावट दर्ज की गयी. रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग सामानों और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में इस दौरान क्रमश: 3.5 प्रतिशत, 9.35 प्रतिशत और 10.73 प्रतिशत गिरावट रही. इस दौरान वृद्धि दर्ज करने वाले निर्यात क्षेत्रों में लौह अयस्क, इलेक्ट्रानिक सामान, मसाले और समुद्री उत्पाद शामिल हैं.

देश की औद्योगिक उत्पादन वृद्धि जुलाई में 4.3 प्रतिशत रही है. जून के मुकाबले यह काफी बढ़ी है लेकिन एक साल पहले जुलाई के मुकाबले इसमें कमी आयी है. विनिर्माण क्षेत्र के कमजोर प्रदर्शन से इसमें कमी आयी है.

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वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि देश को अगले पांच साल दौरान एक हजार अरब डालर का निर्यात कारोबार हासिल करना होगा और इसके लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने के साथ ही प्रतिस्पर्धात्मकता में भी सुधार लाना होगा.

अगस्त माह में पेट्रोलियम उत्पादों का आयात 8.9 प्रतिशत घटकर 10.88 अरब डालर का हुआ जबकि गैर- तेल आयात 15 प्रतिशत घटकर 28.71 अरब डालर रहा. चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से अगस्त की अवधि में कुल निर्यात 1.53 प्रतिशत घटकर 133.54 अरब डालर और आयात 5.68 प्रतिशत गिरकर 206.39 अरब डालर हो गया.

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