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प्रकृति का दोहन मानव जीवन के लिए खतराः मुख्यमंत्री

  • झारखंड विधानसभा परिसर में 72वें वन महोत्सव का आयोजन
  • एक-दूसरे को उपहार स्वरूप बुके की जगह पौधा दें

Ranchi: राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में विकास की सीढ़ियां चढ़ते-चढ़ते न जाने कितनी बार प्रकृति का दोहन किया गया. पर्यावरण से छेड़छाड़ का ही नतीजा है कि वर्षों-महीनों तक जंगलों में आग लग रहे हैं, नदियां सूख रही हैं और तरह-तरह की प्राकृतिक आपदाएं आ रही हैं. इन सभी आपदाओं का मानव जीवन में नकारात्मक प्रभाव पड़ा है. मुख्यमंत्री श्री सोरेन सोमवार को झारखंड विधान सभा परिसर स्थित सभागार में आयोजित 72वें वन महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.

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एक-दूसरे को उपहार स्वरूप बुके की जगह पौधा दें

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी कार्यक्रम में लोग एक दूसरे को उपहार स्वरूप बुके देते हैं. परंतु मेरा मानना है कि बुके की जगह क्यों न हम उपहार स्वरूप एक दूसरे को पौधा दें. उस पौधे को संरक्षित करने का संकल्प लें.

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जीवन में प्रत्येक व्यक्ति अगर एक पेड़ को बचाने संकल्प ले तो निश्चित रूप से हम पर्यावरण संरक्षण में अपनी महत्वपूर्ण सहभागिता निभा सकेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी लोग आज इस पौधारोपण मुहिम से जुडें और इसे सार्थक बनाने का प्रण लें.

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विधानसभा परिसर को बगीचा के तौर पर विकसित करने का दिया सुझाव

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी ओर से एक सुझाव रखा. मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड विधान सभा परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम का एक नया मॉडल बनाया जाये.

यह विधानसभा परिसर 50-60 एकड़ भूमि में फैला हुआ है. उक्त भूमि के अंतर्गत एक फलदार वृक्ष का चुनाव कर लिया जाये और इस परिसर को बगीचा के रूप में विकसित किया जाये तो यह एक बहुत ही सकारात्मक और अच्छी पहल हो सकती है.

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पर्यावरण संतुलन समय की मांगः विधानसभा अध्यक्ष

इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संकट मानव सभ्यता के बीच उभरकर आया है. निश्चित रूप से इस संकट से उबरने के लिए हम सभी को आगे आने की आवश्यकता है.

वन-जंगल, पेड़-पौधा का ग्रामीण अर्थ नीति में महत्वपूर्ण स्थान है. पेड़ की खेती एक ऐसी खेती है जो पीढ़ी दर पीढ़ी चलती है. पेड़ की खेती को ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आय का स्रोत माना जाता है.

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि निरंतर वृक्षों की कटाई तथा प्रकृति का दोहन मानव सभ्यता के लिए खतरे की घंटी है. हाल के दिनों में पूरा विश्व ऑक्सीजन संकट से गुजर रहा था. वृक्षों के कटाई का मानव जीवन में नकारात्मक प्रभाव पड़ा है.

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के सुझावों के अनुरूप निश्चित रूप से झारखंड विधान सभा परिसर में फलदार वृक्ष लगाने का कार्य किया जाएगा.

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राज्य में बिरसा मुंडा हरित ग्राम योजना का रिस्पांस सकारात्मक रहाः आलमगीर

संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में पिछले वर्ष राज्य में बिरसा मुंडा हरित ग्राम योजना की शुरुआत की गई थी, जिसका रिस्पांस अभी तक बहुत ही सकारात्मक रहा है. मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण कार्य करने की जरूरत है.

कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति

मौके पर झारखंड विधानसभा परिसर में आयोजित कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो, मंत्री आलमगीर आलम के अलावा मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर, मंत्री बादल पत्रलेख, विधायक लम्बोदर महतो, दीपिका पांडे सिंह, अनूप सिंह, ममता देवी, बैजनाथ राम, समरी लाल, समीर मोहंती, अमित मंडल, विनोद सिंह सहित अन्य विधायकों ने भी पौधारोपण कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया. इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव एल खियांगते, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एन के सिंह सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे.

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