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23 मई को समाप्त हो रहा है ओएसडी का एक्सटेंशन, फिर से एक साल बढ़ाने की तैयारी

Ranchi: झारखंड के महिला और बाल विकास विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी राम प्रवेश प्रसाद को सरकार और एक वर्ष का अवधि विस्तार देगी. 23 मई को इनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है. अब एक वर्ष तक और एक्सटेंशन दिये जाने की अधिसूचना निकालने का दबाव ये विभागीय अधिकारियों पर डाल रहे हैं. 23 मई को लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे आयेंगे. इसलिए श्री प्रसाद चाहते हैं कि दो माह पूर्व ली गयी अनुमति के आधार पर अधिसूचना जारी करा दी जाये. ये विभागीय सचिव डॉ अमिताभ कौशल के ओएसडी हैं. विभागीय सचिव महिला और बाल विकास विभाग के प्रभारी सचिव हैं. जानकारी के अनुसार मार्च माह में विभागीय सचिव के माध्यम से संचिका मुख्यमंत्री कार्यालय भेज कर अनुमति ले ली है. आदर्श आचार संहिता लागू रहने की वजह से अधिसूचना निर्गत नहीं की गयी. सूचना है कि विभाग के डीलिंग क्लर्क के पास संचिका जानबूझ कर दबा कर रखवा दी गयी. यहां यह बताते चलें कि आचार संहिता 27 मई को समाप्त हो रही है.

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डीपीओ कैडर के अधिकारी हैं राम प्रवेश प्रसाद

प्लानिंग कैडर के अधिकारी राम प्रवेश प्रसाद कई अपर समाहर्ता स्तर के अधिकारियों के रहते ओएसडी बने हुए हैं. विभाग में संयुक्त सचिव स्तर के तीन-तीन अधिकारी हैं, पर उनके पास किसी तरह का कोई खास काम नहीं है. अप्रैल 2018 में राम प्रवेश प्रसाद सेवानिवृत्त हुए थे. विभाग की तरफ से इन्हें 23 मई 2018 को एक वर्ष के लिए ओएसडी बनाया गया. इन्हें विभागीय योजनाओं को बनाने, उन्हें मूर्तरूप दिये जाने के अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू ईट फूड पैकेट्स उपलब्ध कराने, सभी तरह की निविदा का निष्पादन करने, योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति और आवंटन जारी करने का काम दिया गया है.

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दिव्यांग जनों के स्कूलों का अनुदान बांटने की भी मिली है जवाबदेही

ओएसडी श्री प्रसाद को दिव्यांग जनों के स्कूलों को अनुदान देने और विभाग की किसी भी निविदा के निबटारे का जिम्मा मिला हुआ है. इनकी अनुशंसा पर हजारीबाग, देवघर, गिरिडीह, साहेबगंज, गढ़वा, रांची, पूर्वी सिंहभूम, बोकारो में चलनेवाले ओल्ड एज होम के लिए 62 लाख का अनुदान दिया गया. इतना ही नहीं हजारीबाग, गुमला, गिरिडीह, पश्चिमी सिंहभूम, गोड्डा में चलनेवाले डेफ एंड डंब स्कूल के लिए एक करोड़ रुपये दिये गये. देवघर, गुमला, दुमका, गिरिडीह और गोड्डा के नेत्रहीन विद्यालयों के संचालन के लिए 66 लाख का अनुदान दिया गया. हजारीबाग, गुमला, रामगढ़, पश्चिमी सिंहभूम, रांची, देवघर और गोड्डा में चल रहे स्पास्टिक विद्यालयों के लिए 1.05 करोड़ से अधिक का अनुदान दिया गया.

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