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मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार 8 जुलाई को, नीतीश ने पेंच लगाया, आज शाम पीएम आवास पर होने वाली बैठक रद्द

नीतीश कुमार चाहते हैं कि उनकी पार्टी को कम से कम तीन मंत्रालय मिलें

Uday Chandra Singh
New Delhi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी मंत्रिपरिषद का विस्तार 8 जुलाई को करेंगे. इसके लिए नेताओं के पास फोन पहुंचने शुरू हो गए हैं और कई नेता दिल्ली पहुंच गये हैं. इस बीच केंद्रीय मंत्रिपरिषद में विस्तार की संभावनाओं के बीच आज शाम PM के घर होने वाली बैठक रद्द हो गई है. इस बैठक में शामिल होने के लिए असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल भी आज दिल्ली पहुंच रहे थे .इस बीच महाराष्ट्र के नारायण राणे को भी दिल्ली बुलाया गया है. जबकि ज्योतिरादित्य सिंधिया भी आज दिल्ली पहुंच रहे हैं.

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सहयोगी दलों के साथ बातचीत पूरी नहीं हो पाई

माना जा रहा है कि इन सभी को मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा. खबर है कि गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ बातचीत पूरी न होने के कारण मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख आगे बढती जा रही है. बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा देर शाम दिल्ली लौट आएंगे. वह फिलहाल हिमाचल प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे पर थे.

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अतिरिक्त मंत्रालयों का बोझ हटेगा

माना जा रहा है कि संभावित फेरबदल में कई मंत्रियों का बोझ कम किया जा सकता है. इन मंत्रियों में नरेंद्र सिंह तोमर, रविशंकर प्रसाद, डॉ. हर्षवर्धन, प्रकाश जावड़ेकर, पीयूष गोयल और प्रह्लाद जोशी से अतिरिक्त मंत्रालय का बोझ लिया जा सकता है. इस समय शिवसेना और अकाली दल के एनडीए से अलग होने और रामविलास पासवान और कई अन्य के निधन के बाद कई मंत्रियों के पद खाली हैं. अभी मोदी कैबिनेट में कुल 53 मंत्री ही हैं, जबकि संविधान के अनुसार मंत्रियों की संख्या अधिक से अधिक 79 हो सकती है.

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जहां तक सहयोगी दलों का सवाल है तो खबर है कि नीतीश कुमार को एक मंत्रालय देने की बात कही गई है लेकिन नीतीश कुमार इस पर राजी नहीं है. नीतीश कुमार चाहते हैं कि उनकी पार्टी को कम से कम तीन मंत्रालय मिले. हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया है कि मोदी मंत्रिमंडल में कितनी सीटें जेडीयू को मिलेगी.
इसके अलावा एआईएडीएमके और अपना दल के नेताओं को भी मौका दिया जा सकता है. मंत्रिमंडल विस्तार में पशुपति पारस को भी स्थान दिया जा सकता है. पशुपति पारस एलजेपी के सांसद हैं लेकिन पांच सांसदों को तोड़कर इन्होंने अलग गुट बना लिया है.

उत्तर प्रदेश से तीन-चार लोगों का चांस

दूसरी तरफ चुनावी राज्य उत्तर प्रदेश से तीन-चार लोगों को मंत्री बनाए जाने की चर्चा है. इन मंत्रियों में अपना दल के नेता अनुप्रिया पटेल को जगह दी जा सकती है. राज्य में चुनाव को देखते हुए कई समीकरणों को ध्यान में रखकर मंत्रियों का नाम फाइनल हो सकता है.

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