न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

मिसालः कोयलांचल के किसानों ने मेहनत की और बिछा दी आग पर हरियाली

1,347

Dhanbad:  देश की कोयला राजधानी झरिया, जहां की धरती पिछले कई वर्षों से आग उगल रही है. जिस धरती के नीचे कोयला जल रहा है, उस कोयला को बचाने और आग पर काबू पाने के लिए देश ही नहीं विदेश के कई वैज्ञानिकों ने काम किया पर सफल नहीं हो पाये. अब उसी आग पर झरिया के मेहनतकश किसानों ने हरयाली ला दी है.

लगभग 40 किसानो ने आग पर सिर्फ काबू ही नहीं पाया बल्कि उसे ठंडा रखने के लिए देशज तरीके भी इस्तेमाल किये. खेतों के चारों और गड्ढ़े खोदकर उसमें पानी बहाये जाने का तरीका निकाला.

खेतों को खोदकर उसमें बालू की भराई की और मिट्टी और खाद डाले गये. और फिर यहां सब्जियां उगायी जाने लगीं. आज यहां से उगायी गयी सब्जी धनबाद, बोकारो और गिरिडीह तक जाती है.

इसे भी पढ़ेंः  एनसीआरबी की रिपोर्ट : पत्रकारों पर हमले के मामले में यूपी नंबर वन

 आग पर खेती का कैसे आया विचार

Related Posts

भाजपा शासनकाल में एक भी उद्योग नहीं लगा, नौकरी के लिए दर दर भटक रहे हैं युवा : अरुप चटर्जी

चिरकुंडा स्थित यंग स्टार क्लब परिसर में रविवार को अलग मासस और युवा मोर्चा का मिलन समारोह हुआ.

SMILE

आज बुधन जिस आग की धरती पर खेती कर अपना और अपने घर वालों का पालन पोषण कर रहें हैं दरअसल उनके पूर्वज छपरा से यहां आये थे. नौकरी नहीं मिली तो वे निराश नहीं हुए. उन्हें पूरी झरिया को घूमकर देखा.

और पाया कि कई एकड़ जमीन जिसके नीचे आग है, खाली पड़ी हुई है. तब उनके मन में इस पर खेती करने का विचार आया. लोगों को जमा किया और जिस हद तक आग बुझा सकते थे, उसे बुझाया. उसे समतल किया और उसमें बालू और मिट्टी के लेयर भरे. कुछ महीनों में वे और उनकी टीम ने इस आग पर काबू पा लिया सबसे पहले यहां कद्दू की खेती की.

धीरे-धीरे उनकी तकनीक पर लोगों ने यकीन करना शुरू किया. फिर तो लोग आते गये और कारवां बनता गया वाली बात यहां चरितार्थ होने लगी. 40 एकड़ भूमिगत आग पर आज लोग खेती कर रहे हैं.

इसे भी पढ़ेंः DRDO टेक्नीशियन के 351 पदों के लिए करें आवेदन

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: