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पारा शिक्षकों के मानदेय में हर साल 4 फीसदी की बढ़ोतरी, केस वापस लेगी सरकार

29 दिसंबर से पूरे राज्य में लागू होगी नियमावली

Ranchi : शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो और पारा शिक्षक प्रतिनिधिमंडल की बैठक मंगलवार को हुई. बैठक में प्रतिनिधिमंडल की ओर ड्राफ्ट पारा शिक्षक नियमावली पर आपत्ति दर्ज की गयी. प्रतिनिधिमंडल को जानकारी दी गयी कि हर साल पारा शिक्षकों के मानदेय में 4 फीसदी वृद्धि की जायेगी. पारा शिक्षकों को चार बार लिखित परीक्षा पास करने का अवसर मिलेगा.

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आकलन परीक्षा पास करने के लिये सामान्य श्रेणी के पारा शिक्षकों को 40 फीसदी और रिजर्व श्रेणी के पारा शिक्षकों को 30 फीसदी अंक लाना होगा. वहीं ये भी बताया गया कि अनुकंपा देने पर सरकार विचार करेगी.

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साथ ही बताया गया है कि नयी नियमावली को 20 दिसंबर को कैबिनेट में पास किया जायेगा. वहीं, नियमावली 29 दिसंबर से लागू होगी. मंत्री ने आश्वासन देते हुए कहा कि पारा शिक्षकों पर चल रहा केस सरकार वापस लेगी.

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पिछले सप्ताह पारा शिक्षक प्रतिनिधिमंडल और शिक्षा मंत्री की बैठक हुई. जिसमें शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य के पारा शिक्षक स्थायी नहीं होंगे.

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हालांकि प्रशिक्षित पारा शिक्षक और अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि की बात की गयी. मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को जानकारी दी थी कि पात्रता परीक्षा शिक्षकों को पास करनी होगी.

जिसके बाद से पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा की ओर से राज्य में आंदोलन की बात कहीं जा रही है. इसके पूर्व अगस्त महीने में भी पारा शिक्षकों के साथ शिक्षा मंत्री की बैठक हुई थी. जिसमें उन्होंने शिक्षकों को आश्वासन देते हुए कहा था कि बिहार राज्य की तर्ज पर राज्य में नियमावली बनायी जायेगी.

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ड्राफ्ट नियमावली पर फीडबैक की मांग :

एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने जिला इकाइयों से ड्राफ्ट नियमावली पर फीडबैक लिया. जिसके बाद मोर्चा ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें हर हाल में वेतनमान चाहिये. सरकार बिहार की तर्ज पर नियमावली लागू करे. मानदेय बढ़ाने के निर्णय से संतुष्ट नहीं हैं.

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