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गिरिडीह में हर दूसरे दिन सड़क दुर्घटना से जा रही है एक की जान, चार माह में 59 की मौत

Manoj kumar

Giridih: गिरिडीह में सड़क दुर्घटना में औसतन हर दूसरे दिन एक की जान जा रही है. वर्ष 2022 में जनवरी से अप्रैल माह के दौरान सड़क दुर्घटना से जिले में 59 लोगों की मौत हो चुकी है. जाहिर है यह आंकड़ा चिता को बढ़ाने वाला है. दुर्घटनाओं की वजह सिर्फ सरकारी व्यवस्था ही नहीं है, लोगों की उदासीनता व लापरवाही भी उतनी ही जिम्मेदार है. सीट बेल्ट नहीं लगाना, ट्रैफिक नियमों को नजरअंदाज करना, तेज रफ्तार से वाहन दौड़ाना आदि दुर्घटना से बड़ा सबब है.

 

इस साल अब 59 मौत के कारण सड़क हादसे बन चुके हैं. जिसमें जनवरी माह में 13, फरवरी में11, मार्च में 14 और अप्रैल में 21 की मौत सड़क हादसे में हो चुकी है. वहीं पिछले साल 2021 में ही सड़क हादसे में 184 मौत का कारण सड़क हादसा बना. जिसमें जनवरी में 8, फरवरी में 18, मार्च में 13, अप्रैल में 17, मई में 19, जून में 20, जुलाई में 6, अगस्त में 8, सितबंर में 14, अक्टूबर में 10, नवंबर में 19 और दिसबंर में 19 मौत का कारण सड़क हादसा बना.

 

वैसे पिछले पांच साल में हर प्रकार के वाहनों की ब्रिकी भी गिरिडीह में खूब हुई है. परिवहन मंत्रालय से मिले आंकड़ो के अनुसार पिछले पांच साल में पूरे जिले में एक लाख 53 हजार 594 वाहनों की ब्रिकी हुई है. इसमें बड़े मालवाहक वाहनों से लेकर छोटे मालवाहक वाहन, बड़े सवारी वाहन से लेकर छोटे सवारी वाहन और गैर कार्मिशियल वाहन के आंकड़े भी शामिल हैं. परिवहन मंत्रालय से मिले आंकड़ो के अनुसार पिछले साल 2021-2022 में छह हजार दो सौ पच्चीस दो पहिया वाहन की ब्रिकी हुई तो 109 चार पहिया वाहन की ब्रिकी हुई. जबकि 28 जीप, 69 ट्रैक्टर, 98 तीन पहिया वाहन की बिंकी हुई, तो 15 बड़े मालवाहक वाहन पूरे जिले में खरीदे गए.

 

जिले में कई ब्लैक स्पॉट चिन्हित तो किए गए हैं. बड़े पैमाने पर बगैर लाईसेंस के युवा अब दो पहिया वाहनों की ड्राइविंग कर रहे, और इतना ही नहीं जिले में इन युवाओं द्वारा बाईक राईडिंग भी तेजी से की जा रही है. टो-टो और ऑटो चालकों की मनमानी भी बढ़ी हुई है. इनलोगों के खिलाफ कभी-कभार प्रशासन सख्त कदम उठाता है लेकिन ये नाकाफी है.

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